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भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और संसद (लोकसभा एवं राज्य सभा) की विधाई प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो प्राप्त है, किंतु उसे संसद में किसी भी प्रस्ताव पर मतदान (Voting) करने का अधिकार नहीं होता है।
  2. 2. लोकसभा के स्थगन (Adjournment) और सत्रावसान (Prorogation) में यह अंतर है कि स्थगन पीठासीन अधिकारी द्वारा सदन की बैठक को कुछ समय या अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करता है, जबकि सत्रावसान राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है जिससे सदन का सत्र समाप्त हो जाता है और सत्रावसान होने पर लोकसभा में लंबित सभी विधेयक (Bills) स्वतः समाप्त हो जाते हैं।
  3. 3. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जिसका विघटन नहीं होता है, और इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं, तथा संविधान में राज्य सभा के सदस्यों का कार्यकाल निश्चित नहीं किया गया है बल्कि यह संसद द्वारा विधि बनाकर तय किया जाता है।
  4. 4. धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में ही पुनः स्थापित किया जा सकता है, और यदि राज्य सभा इस पर अपनी सिफारिशें देने में 14 दिन की समयावधि से अधिक का विलंब करती है, तो उस विधेयक को दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित मान लिया जाता है जिस रूप में उसे लोकसभा ने पारित किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि महान्यायवादी को अनुच्छेद 88 के तहत संसद के सदनों में बोलने का अधिकार है लेकिन मतदान का अधिकार नहीं है। कथन 2 असत्य है क्योंकि सत्रावसान (Prorogation) होने पर केवल लोकसभा में विचाराधीन 'विधेयक' समाप्त नहीं होते, बल्कि जो विधेयक लोकसभा में लंबित (Pending) हैं वे लैप्स (समाप्त) होते हैं, हालाँकि कुछ विशेष मामलों और राज्य सभा में लंबित विधेयकों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ता। कथन 3 सत्य है, संविधान ने राज्य सभा सदस्यों का कार्यकाल तय नहीं किया बल्कि जनप्रतिनिधिता अधिनियम, 1951 के तहत इसे 6 वर्ष किया गया है। कथन 4 सत्य है, धन विधेयक पर राज्य सभा के पास सीमित शक्तियां हैं और 14 दिन की अवधि बीतने पर उसे पारित मान लिया जाता है। ऐसी महत्वपूर्ण शिक्षण सामग्रियों के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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