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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान में आपात उपबंधों (Emergency Provisions) और संविधान संशोधन प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की घोषणा के समय अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त छह मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, बशर्ते आपातकाल की उद्घोषणा 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर की गई हो, न कि 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर।
- 2. राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) की अधिकतम अवधि तीन वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, जिसके लिए प्रत्येक छह माह पर संसद के दोनों सदनों द्वारा साधारण बहुमत से अनुमोदन आवश्यक होता है और इसके साथ ही राष्ट्रीय आपातकाल का पूरे देश में लागू होना अनिवार्य है।
- 3. संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368) को संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है, किंतु इसे पारित करने के लिए प्रत्येक सदन में कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई बहुमत होना अनिवार्य है, तथा इस प्रक्रिया में संयुक्त बैठक (Joint Sitting) का कोई प्रावधान नहीं है।
- 4. संविधान के संघीय ढाचे से जुड़े प्रावधानों में संशोधन के लिए संसद के विशेष बहुमत के साथ-साथ देश के कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थन (Ratification) प्राप्त होना आवश्यक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि अनुच्छेद 358 के अनुसार जब युद्ध या बाह्य आक्रमण के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा होती है, तो अनुच्छेद 19 के अंतर्गत प्राप्त छह मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं; किंतु सशस्त्र विद्रोह के आधार पर ऐसा नहीं होता है। कथन 2 असत्य है क्योंकि राष्ट्रपति शासन को तीन वर्ष तक बढ़ाने के लिए प्रत्येक छह माह पर अनुमोदन आवश्यक होता है, परंतु इसके लिए राष्ट्रीय आपातकाल का पूरे देश में लागू होना अनिवार्य नहीं है। कथन 3 सत्य है, संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368) को किसी भी सदन में लाया जा सकता है और इसके लिए विशेष बहुमत (कुल सदस्यों का बहुमत + 2/3 उपस्थित एवं मतदान करने वाले) की आवश्यकता होती है तथा इसमें संयुक्त बैठक का कोई प्रावधान नहीं है। कथन 4 सत्य है, संघीय व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों में संशोधन हेतु आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन आवश्यक है। अधिक अभ्यास के लिए हमारी बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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बिहार आर्थिक सर्वेक्षण (2023-24) तथा राज्य के बजट के प्रमुख वित्तीय संकेतकों और आर्थिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वित्तीय वर्ष 2022-23 में बिहार की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की स्थिर कीमतों पर विकास दर लगभग 10.64 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जो देश के कई अन्य प्रमुख राज्यों की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती है।
2. बिहार सरकार के वर्ष 2024-25 के बजट में कुल व्यय का सबसे बड़ा हिस्सा 'सामान्य सेवाओं' (General Services) के लिए आवंटित किया गया है, जिसके बाद सामाजिक सेवाओं और ग्रामीण विकास का स्थान आता है।
3. राज्य में प्रति व्यक्ति आय के मामले में पटना जिला लगातार शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जबकि सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाला जिला शिवहर है, जो राज्य के भीतर क्षेत्रीय असंतुलन को रेखांकित करता है।
4. बिहार सरकार के कुल कर राजस्व (Tax Revenue) में राज्य का अपना कर (Own Tax Revenue) का हिस्सा केंद्रीय करों में हिस्सेदारी (Central Tax Devolution) की तुलना में अधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में वर्णित है–
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न स्रोतों, महाजनपदों के उदय और मौर्य एवं गुप्त काल की प्रशासनिक व आर्थिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगूत्तर निकाय और भगवती सूत्र जैसे बौद्ध और जैन ग्रंथ छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों की सूची प्रदान करते हैं, जिनमें 'वज्जी संघ' विश्व के सबसे प्राचीन गणराज्यों (Republics) में से एक माना जाता है, जिसकी राजधानी वैशाली थी।
2. मौर्य प्रशासनिक व्यवस्था में 'अध्यक्ष' विभिन्न विभागों के अधीक्षक (Superintendents) होते थे, तथा कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार कृषि विभाग के प्रमुख को 'सीताध्यक्ष' कहा जाता था, जो राजकीय भूमि (सीता भूमि) की कृषि का प्रबंधन करता था।
3. गुप्तकाल में भू-राजस्व की दर सामान्यतः उपज का 1/6 भाग हुआ करती थी, और इस काल में भूमि अनुदान (Land Grants) देने की प्रथा में भारी वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप गुप्त साम्राज्य के सामंतवादी व्यवस्था (Feudalism) के लक्षण स्पष्ट रूप से उभरने लगे थे।
4. सातवाहन वंश के शासकों ने सबसे पहले बड़े पैमाने पर ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि अनुदान देने की परंपरा शुरू की थी, तथा उनके अभिलेखों में भूमिदान के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारों के हस्तांतरण का भी उल्लेख मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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1757 से 1857 के मध्य ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध हुए विभिन्न क्षेत्रीय आंदोलनों और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. पाइका विद्रोह (1817) - बख्शी जगबंधु
2. कित्तूर का विद्रोह (1824) - रानी चेन्नम्मा
3. रामोसी विद्रोह (1822) - चित्तूर सिंह और उमाजी नाइक
4. गड़करी विद्रोह (1844) - दाaji कृष्णा पंडित
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' और उनकी राजधानियों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अंग - चंपा
2. वज्जी - वैशाली
3. अश्मक - पोटली (पोतन)
4. कुरु - इंद्रप्रस्थ
5. गांधार - तक्षशिला
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
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