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BPSC TRE 4.0
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ध्वनि तरंगों के संचरण और तरंग गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ध्वनि तरंगे अनुदैर्ध्य (Longitudinal) यांत्रिक तरंगें होती हैं, जिनमें माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के समानांतर कंपन करते हैं, और यही कारण है कि ये तरंगे ठोस, द्रव और गैस तीनों माध्यमों में संचरित हो सकती हैं।
- 2. किसी माध्यम में ध्वनि की चाल माध्यम के प्रत्यास्थता (Elasticity) और घनत्व (Density) पर निर्भर करती है, जिसके अनुसार माध्यम की प्रत्यास्थता जितनी अधिक होगी और घनत्व जितना कम होगा, उस माध्यम में ध्वनि की चाल उतनी ही अधिक होगी।
- 3. हवा में ध्वनि का वेग तापमान पर निर्भर करता है, और तापमान में वृद्धि होने पर ध्वनि की चाल घट जाती है, जबकि आर्द्रता (Humidity) बढ़ने से हवा का घनत्व कम हो जाता है जिससे ध्वनि की चाल बढ़ जाती है।
- 4. निर्वात में ध्वनि तरंगों का संचरण संभव नहीं है क्योंकि यांत्रिक तरंगों को आगे बढ़ने के लिए किसी न किसी भौतिक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में कथन 1, 2 और 4 पूरी तरह सत्य हैं। ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें होती हैं जो ठोस, द्रव और गैस तीनों में यात्रा कर सकती हैं और इन्हें संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है (अतः निर्वात में यह नहीं चल सकतीं)। माध्यम की प्रत्यास्थता अधिक और घनत्व कम होने पर ध्वनि की चाल बढ़ती है। कथन 3 असत्य है क्योंकि तापमान में वृद्धि होने पर ध्वनि की चाल बढ़ती है, घटती नहीं है। ऐसी ही और बेहतरीन अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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मानव शरीर के परिसंचरण तंत्र (Circulatory System) और श्वसन तंत्र (Respiratory System) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव हृदय एक पेशीय अंग है जिसके दाएँ आलिंद और दाएँ निलय के बीच 'द्विवलन कपाट' (Bicuspid Valve या Mitral Valve) तथा बाएँ आलिंद और बाएँ निलय के बीच 'त्रिवलन कपाट' (Tricuspid Valve) स्थित होता है, जो रक्त के विपरीत प्रवाह को रोकता है।
2. फेफड़ों में गैसीय विनिमय 'कूपिकाओं' (Alveoli) की पतली झिल्ली के माध्यम से विसरण (Diffusion) प्रक्रिया द्वारा होता है, जहाँ ऑक्सीजन रक्त में घुलकर हीमोग्लोबिन के साथ 'ऑक्सीहीमोग्लोबिन' बनाती है।
3. रक्त दाब (Blood Pressure) को मापने के लिए 'स्फिग्मोमैनोमीटर' का उपयोग किया जाता है, तथा स्वस्थ वयस्क मनुष्य का सामान्य रक्तचाप 120/80 mm Hg होता है, जहाँ 120 'सिस्टोलिक' (संकुचन) दाब और 80 'डायस्टोलिक' (शिथिलन) दाब को दर्शाता है।
4. मनुष्य में श्वसन वर्णक (Respiratory Pigment) के रूप में 'हीमोग्लोबिन' पाया जाता है, जो एक प्रकार का लौयुक्त प्रोटीन है और इसकी ऑक्सीजन के साथ बंधुता (Affinity) कार्बन मोनोऑक्साइड की तुलना में अत्यधिक उच्च होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व स्थापित विभिन्न राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी संगठनों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. लैंडहोल्डर्स सोसाइटी (Landholders Society) - इसकी स्थापना वर्ष 1838 में द्वारकानाथ टैगोर द्वारा की गई थी, जिसे भारत का पहला राजनीतिक संगठन माना जाता है जो मुख्य रूप से जमींदार वर्ग के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए बनाया गया था।
2. ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन (British Indian Association) - वर्ष 1851 में कलकत्ता में स्थापित इस संस्था के प्रथम अध्यक्ष राजा राधाकांत देव थे, और इसने ब्रिटिश संसद को एक याचिका भेजकर नए चार्टर एक्ट में सिविल सेवाओं के विकेंद्रीकरण और रियायती लगान प्रणाली की मांग की थी।
3. ईस्ट इंडिया एसोसिएशन (East India Association) - इसकी स्थापना वर्ष 1866 में लंदन में दादाभाई नौरोजी द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश जनता और संसद को भारत की वास्तविक समस्याओं से अवगत कराना तथा भारत के पक्ष में जनसमर्थन जुटाना था।
4. पूना सार्वजनिक सभा (Poona Sarvajanik Sabha) - इस संस्था की स्थापना वर्ष 1870 में महादेव गोविंद रानडे और गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी, जिसने किसानों के कानूनी अधिकारों और राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से/सा युग्म पूर्णतः सही सुमेलित है/हैं?
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19वीं शताब्दी में भारत में हुए सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलनों तथा उनके संस्थापकों/संस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा वर्ष 1828 में स्थापित 'ब्रह्म समाज' का मुख्य उद्देश्य मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और पुरोहितवाद का विरोध करना तथा एकेश्वरवाद एवं वेदों के उपदेशों का प्रचार करना था, किंतु ब्रह्म समाज ने कभी भी पाश्चात्य शिक्षा या ईसाई धर्म के नैतिक सिद्धांतों का समर्थन नहीं किया।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और शुद्धि आंदोलन की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य उन हिंदुओं को पुनः हिंदू धर्म में वापस लाना था जिन्होंने किन्हीं कारणों से अन्य धर्म अपना लिया था।
3. ज्योतिराव फुले द्वारा 1873 में स्थापित 'सत्यशोधक समाज' का मुख्य उद्देश्य शूद्रों और अतिशूद्रों को ब्राह्मणवादी वर्चस्व और सामाजिक असमानता से मुक्ति दिलाना था, तथा उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'गुलामगिरी' में इस व्यवस्था की कड़ी आलोचना की।
4. ईश्वर चंद्र विद्यासागर के अथक प्रयासों के कारण ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1856 में 'हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम' (Act XV of 1856) पारित किया, जिससे समाज में विधवाओं के पुनर्विवाह को कानूनी वैधता प्राप्त हुई, और इस कार्य में उन्हें अपनी पत्रिका 'सोमप्रकाश' का भी व्यापक समर्थन मिला।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न स्रोतों, महाजनपदों के उदय और मौर्य एवं गुप्त काल की प्रशासनिक व आर्थिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगूत्तर निकाय और भगवती सूत्र जैसे बौद्ध और जैन ग्रंथ छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों की सूची प्रदान करते हैं, जिनमें 'वज्जी संघ' विश्व के सबसे प्राचीन गणराज्यों (Republics) में से एक माना जाता है, जिसकी राजधानी वैशाली थी।
2. मौर्य प्रशासनिक व्यवस्था में 'अध्यक्ष' विभिन्न विभागों के अधीक्षक (Superintendents) होते थे, तथा कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार कृषि विभाग के प्रमुख को 'सीताध्यक्ष' कहा जाता था, जो राजकीय भूमि (सीता भूमि) की कृषि का प्रबंधन करता था।
3. गुप्तकाल में भू-राजस्व की दर सामान्यतः उपज का 1/6 भाग हुआ करती थी, और इस काल में भूमि अनुदान (Land Grants) देने की प्रथा में भारी वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप गुप्त साम्राज्य के सामंतवादी व्यवस्था (Feudalism) के लक्षण स्पष्ट रूप से उभरने लगे थे।
4. सातवाहन वंश के शासकों ने सबसे पहले बड़े पैमाने पर ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि अनुदान देने की परंपरा शुरू की थी, तथा उनके अभिलेखों में भूमिदान के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारों के हस्तांतरण का भी उल्लेख मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) कहाँ स्थित होती है?
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