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बिहार के प्रमुख किसान आंदोलनों और विद्रोहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारों द्वारा किसानों पर किए जा रहे अवैध उत्पीड़न, बेदखली और खा-की-बेगारी के खिलाफ आवाज उठाना था।
  2. 2. वर्ष 1938 में सुअरिया (गया) में आयोजित प्रांतीय किसान सम्मेलन में जमींदारों के खिलाफ 'बकाश्त भूमि' (Bakasht Land) आंदोलन की शुरुआत की गई, जिसका नेतृत्व राहुल सांकृत्यायन और यदुवंश शर्मा ने किया था।
  3. 3. चंपारण सत्याग्रह (1917) के दौरान ब्रिटिश सरकार द्वारा गठित 'चंपारण कृषि समिति' की संस्तुतियों के आधार पर 'चंपारण कृषि अधिनियम, 1918' पारित किया गया, जिसके तहत तिनकठिया प्रथा को अवैध घोषित कर समाप्त कर दिया गया।
  4. 4. वर्ष 1936 में लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा का गठन किया गया, जिसके प्रथम अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती और प्रथम महासचिव एन.जी. रंगा चुने गए थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। स्वामी सहजानंद सरस्वती ने 1929 में बिहार प्रांतीय किसान सभा की स्थापना की थी। 1938 के सुअरिया (गया) सम्मेलन में बकाश्त भूमि आंदोलन का नेतृत्व राहुल सांकृत्यायन और यदुवंश शर्मा ने किया। चंपारण कृषि अधिनियम 1918 द्वारा तिनकठिया प्रथा समाप्त की गई और 1936 के लखनऊ सत्र में अखिल भारतीय किसान सभा के प्रथम अध्यक्ष स्वामी सहजानंद तथा महासचिव एन.जी. रंगा बने थे। ऐसी ही बेहतरीन शिक्षण सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार के किसान आंदोलनों और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारों द्वारा किए जा रहे किसानों के आर्थिक शोषण और बेगार प्रथा के विरुद्ध संगठित संघर्ष करना था। 2. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय किसान सभा के पहले सम्मेलन के अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती चुने गए थे, जबकि इसके महासचिव एन.जी. रंगा को बनाया गया था। 3. वर्ष 1937-38 के दौरान दरभंगा राज के अंतर्गत 'बकाश्त भूमि' (ऐसी भूमि जिस पर किसानों का अधिकार समाप्त हो चुका था और वे बटाईदार के रूप में खेती करते थे) की वापसी को लेकर राहुल सांकृत्यायन के नेतृत्व में 'बकाश्त संघर्ष' चलाया गया था। 4. चंपारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी के साथ-साथ राजकुमार शुक्ल ने यूरोपीय नीलहों द्वारा किसानों से जबरन 'तीनकठिया प्रणाली' के तहत खेती कराए जाने के विरुद्ध कानूनी और राजनीतिक संघर्ष की नींव रखी थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारतीय संविधान के आपात उपबंधों और संविधान संशोधन प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की घोषणा के समय संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, जबकि अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त अधिकारों को किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है। 2. राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तिथि से दो महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है, और एक बार अनुमोदित होने के बाद यह अधिकतम तीन वर्ष तक की अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है, बशर्ते हर छह महीने पर संसद की स्वीकृति ली जाए। 3. संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368) को संसद के किसी भी सदन में पुनरस्थापित किया जा सकता है, और इसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है, तथा इस प्रक्रिया में राज्यों की विधानसभाओं के पास संविधान संशोधन विधेयक को अस्वीकार करने का वीटो अधिकार होता है। 4. भारतीय संविधान के कुछ विशिष्ट भागों में संशोधन के लिए संसद के विशेष बहुमत के साथ-साथ कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थन (Ratification) की आवश्यकता होती है, जैसे कि राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया या संघ की न्यायपालिका से संबंधित उपबंध। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? बिहार में दानापुर छावनी के सैनिकों ने कब विद्रोह किया था? भारतीय संविधान के 73वें, 74वें और 97वें संविधान संशोधनों द्वारा स्थापित त्रि-स्तरीय स्थानीय स्वशासन (पंचायतों, नगरपालिकाओं और सहकारी समितियों) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के अनुच्छेद 243-H के अंतर्गत राज्य का विधानमंडल, विधि द्वारा पंचायतों को कुछ कर, शुल्क, टोल और फीस आरोपित करने, एकत्र करने तथा विनियमित करने की शक्ति प्रदान कर सकता है, साथ ही राज्य की संचित निधि से पंचायतों को अनुदान-सहायता दिए जाने का प्रावधान भी कर सकता है। 2. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के प्रावधानों के तहत प्रत्येक राज्य में जिला स्तर पर एक 'जिला योजना समिति' (District Planning Committee) का गठन किया जाना अनिवार्य है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की योजनाओं को समेकित करके जिले के लिए विकास योजना का प्रारूप तैयार करती है। 3. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत 'सहकारी समितियां बनाने का अधिकार' को एक मूल अधिकार का दर्जा दिया गया, तथा संविधान के भाग IX-B में अनुच्छेद 243-ZH के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया कि किसी भी सहकारी समिति के निदेशक बोर्ड में अधिकतम सदस्यों की संख्या 25 से अधिक नहीं होगी। 4. 73वें संविधान संशोधन के अनुसार पंचायतों के कार्यकाल (5 वर्ष) के पूर्व विघटन की स्थिति में यदि नए चुनाव कराए जाते हैं, तो नया निर्वाचित पंचायत निकाय शेष बची हुई पूरी 5 वर्ष की अवधि के लिए कार्य करेगा, बशर्ते विघटन के बाद शेष कार्यकाल छह महीने से कम का न हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? 2025 तक, नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कितनी बार शपथ ली है?
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