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BPSC TRE 4.0
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हाल ही में जारी वैश्विक नवाचार सूचकांक (Global Innovation Index - GII) और मानव विकास सूचकांक (HDI) के नवीनतम संस्करणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा प्रकाशित वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत ने अपनी स्थिति मजबूत करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जबकि स्विट्जरलैंड इस सूची में दूसरे स्थान पर है।
- 2. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा जारी मानव विकास सूचकांक में भारत की श्रेणी मध्यम मानव विकास देशों के समूह में आती है, और इसमें देश के सूचकांक मूल्य में पिछले वर्षों की तुलना में सुधार दर्ज किया गया है।
- 3. वैश्विक नवाचार सूचकांक के मूल्यांकन में संस्थानों, मानव पूंजी और अनुसंधान, बुनियादी ढांचा, बाजार परिपक्वता और ज्ञान व प्रौद्योगिकी आउटपुट जैसे प्रमुख स्तंभ शामिल होते हैं।
- 4. मानव विकास सूचकांक का निर्धारण करने के लिए मुख्य रूप से तीन आयामों — लंबा एवं स्वस्थ जीवन, ज्ञान तक पहुंच और एक बेहतर जीवन स्तर — का उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा प्रकाशित वैश्विक नवाचार सूचकांक (GII) में स्विट्जरलैंड लगातार शीर्ष स्थान पर है, जबकि भारत ने इसमें मध्यम/उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में बेहतर प्रदर्शन किया है लेकिन वह शीर्ष स्थान पर नहीं है। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। UNDP द्वारा जारी मानव विकास सूचकांक में भारत 'मध्यम मानव विकास' श्रेणी में शामिल है और इसके तीन मुख्य आयाम स्वास्थ्य, शिक्षा तथा जीवन स्तर हैं। GII के मूल्यांकन में नवाचार इनपुट और आउटपुट के विभिन्न स्तंभ शामिल होते हैं। परीक्षा की विस्तृत तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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भारतीय राजव्यवस्था, कर प्रणाली और केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित वित्त आयोग (Finance Commission) की यह मुख्य संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वह केंद्र और राज्यों के बीच करों की शुद्ध प्राप्तियों के ऊर्ध्वाधर (Vertical) और क्षैतिज (Horizontal) वितरण की सिफारिश करे, किंतु इसके द्वारा की गई ये सिफारिशें केंद्र सरकार के लिए प्रकृति में पूर्णतः बाध्यकारी (Mandatory) होती हैं।
2. वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद के निर्णय लेने की प्रक्रिया में यह प्रावधान है कि प्रत्येक निर्णय के लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का कम से कम तीन-चौथाई (75%) बहुमत आवश्यक होता है, जिसमें केंद्र सरकार के मत का भार कुल डाले गए मतों का एक-तिहाई (1/3) तथा सभी राज्य सरकारों के कुल मतों का भार दो-तिहाई (2/3) होता है।
3. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अपनाई जाने वाली 'विभेदित रिजर्व आवश्यकताओं' (Statutory Liquidity Ratio - SLR और Cash Reserve Ratio - CRR) के माध्यम से वाणिज्यिक बैंकों की साख सृजन क्षमता को नियंत्रित किया जाता है, जहाँ सीआरआर में वृद्धि करने से बैंकों की ऋण देने की क्षमता में कमी आती है और अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है।
4. केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले कुछ विशिष्ट उपकर (Cesses) और सरचार्ज (Surcharge) केंद्र-राज्य कर हस्तांतरण (Devolution pool) का हिस्सा नहीं होते हैं, जिसका अर्थ यह है कि इनसे प्राप्त होने वाला संपूर्ण राजस्व केवल केंद्र सरकार के पास ही रहता है और राज्यों के बीच इसका कोई वितरण नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कार्य की SI इकाई क्या है?
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औपनिवेशिक काल के दौरान भारत में हुए किसान विद्रोहों और आंदोलनों (विशेषकर बिहार और उत्तर भारत के संदर्भ में) के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह (1917) में यूरोपीय बागान मालिकों द्वारा किसानों पर थोपी गई 'तीनकथा प्रणाली' के अंतर्गत प्रत्येक बीघा जमीन के तीन कट्ठा हिस्से पर नील की अनिवार्य खेती करना कानूनी रूप से अनिवार्य था, जिसके विरुद्ध राजकुमार शुक्ल के आमंत्रण पर महात्मा गांधी ने चंपारण का दौरा किया था।
2. वर्ष 1920 के दशक के उत्तरार्ध में बिहार में स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारों द्वारा किसानों पर किए जा रहे अत्याचारों, बेदखली और अवैध वसूली के विरुद्ध आवाज उठाना था।
3. मोपला विद्रोह (1921), जो मुख्य रूप से केरल के मालाबार क्षेत्र में हुआ था, मूल रूप से एक कृषिजन्य आंदोलन था जो स्थानीय मुस्लिम किसानों (टेनेंट्स) द्वारा हिंदू भूस्वामियों (जेन्मी) और ब्रिटिश प्रशासन की शोषणकारी नीतियों के विरुद्ध भड़का था।
4. बकाश्त भूमि (Bakasht Land) आंदोलन का संबंध मुख्य रूप से बिहार के किसानों से था, जिसमें किसानों ने उन जमींदारों के विरुद्ध संघर्ष किया जिन्होंने किसानों की भूमि को कर्ज न चुका पाने के कारण छीन लिया था, और इस आंदोलन का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले स्वामी सहजानंद सरस्वती और राहुल सांकृत्यायन ने किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार आर्थिक सर्वेक्षण और राष्ट्रीय आय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की वृद्धि दर हाल के वर्षों में देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में उच्च रही है, जिसमें सेवा क्षेत्र का योगदान अर्थव्यवस्था में सर्वाधिक है।
2. स्थिर मूल्यों पर बिहार की प्रति अभी भी राष्ट्रीय औसत (All-India Average) की तुलना में काफी कम है, जो राज्य के भीतर गहरी क्षेत्रीय और अंतर-राज्यीय आय असमानता को दर्शाती है।
3. राज्य के कुल बजट में पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के हिस्से को लगातार बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य उत्पादक आधारभूत संरचना का निर्माण कर दीर्घकालिक आर्थिक विकास को गति देना है।
4. बिहार सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में राजकोषीय घाटे को निर्धारित एफआरबीएम (FRBM) अधिनियम की सीमाओं के बाहर रखा गया है ताकि सामाजिक क्षेत्र की कल्याणकारी योजनाओं के लिए असीमित ऋण लिया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति की शक्तियों, उपराष्ट्रपति के निर्वाचन तथा केंद्रीय मंत्रिपरिषद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा, तथा 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रपति इस मंत्रिपरिषद की सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए लौटा सकता है, किंतु पुनर्विचार के बाद दी गई सलाह के अनुसार कार्य करने के लिए राष्ट्रपति बाध्य होगा।
2. उपराष्ट्रपति, जो राज्य सभा का पदेन सभापति होता है, के निर्वाचन में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्य सभा) के निर्वाचित एवं मनोनीत दोनों सदस्य भाग लेते हैं, किंतु राज्यों की विधानसभाओं और विधान परिषदों के सदस्य इसके निर्वाचक मंडल में शामिल नहीं होते हैं।
3. केंद्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है (अनुच्छेद 75), जिसका अर्थ है कि मंत्रिपरिषद का कोई भी एक मंत्री लोकसभा द्वारा अपने विभाग से संबंधित नीतिगत मामलों पर पराजित होने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ सकता है।
4. यदि उपराष्ट्रपति का पद उसकी मृत्यु, त्यागपत्र या निष्कासन के कारण रिक्त हो जाता है, तो इस रिक्ति को भरने के लिए संविधान में कोई निश्चित समय-सीमा (जैसे 6 महीने के भीतर) निर्धारित नहीं की गई है, किंतु नए उपराष्ट्रपति का चुनाव 'यथाशीघ्र' कराया जाना अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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