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BPSC TRE 4.0
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आधुनिक भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1928 में साइमन कमीशन के भारत आगमन के दौरान हुए राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के क्रम में लाहौर में लाला लाजपत राय पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई थी, जिसके प्रतिशोध में क्रांतिकारियों ने सॉण्डर्स की हत्या की योजना बनाई थी।
  2. 2. वर्ष 1929 के ऐतिहासिक लाहौर अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस ने पहली बार 'पूर्ण स्वराज' (Complete Independence) को अपना मुख्य लक्ष्य घोषित किया था, तथा 26 जनवरी 1930 को देश भर में पहला स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था।
  3. 3. मार्च 1931 में संपन्न हुए 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत सरकार द्वारा उन सभी राजनीतिक बंदियों को तुरंत रिहा करने पर सहमति व्यक्त की गई थी जिन पर हिंसा का प्रत्यक्ष आरोप था, तथा भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की फांसी की सजा को माफ कर दिया गया था।
  4. 4. वर्ष 1932 में लंदन में आयोजित 'तृतीय गोलमेज सम्मेलन' में कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी ने भाग लिया था, जहाँ उन्होंने दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) की मांग का जोरदार समर्थन किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि साइमन कमीशन के विरोध के दौरान लाला लाजपत राय पर हुए लाठीचार्ज और उनकी मृत्यु के पश्चात भगत सिंह और राजगुरु आदि क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश अधिकारी सॉण्डर्स की हत्या की थी। कथन 2 सत्य है; दिसंबर 1929 के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुआ और 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। कथन 3 असत्य है क्योंकि गांधी-इरविन समझौते (1931) में हिंसा के आरोपियों को रिहा करने से इनकार कर दिया गया था और भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु की फांसी को माफ नहीं किया गया था। कथन 4 असत्य है क्योंकि कांग्रेस ने केवल द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था और गांधीजी ने पृथक निर्वाचक मंडलों का विरोध किया था जिसके परिणामस्वरुप पूना पैक्ट हुआ। अधिक तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के विस्तृत पाठ्यक्रम का अध्ययन करें।
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