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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रदत्त 'मूल अधिकार', 'राज्य के नीतिनिदेशक तत्व (DPSP)' तथा 'मूल कर्त्तव्य' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मूल अधिकार संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से प्रेरित हैं और ये न्यायोचित (Justiciable) हैं, जबकि राज्य के नीतिनिदेशक तत्व आयरलैंड के संविधान से लिए गए हैं और गैर-न्यायोचित (Non-justiciable) होने के बावजूद देश के शासन में मूलभूत हैं।
- 2. स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुतियों के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में भाग IV-A और अनुच्छेद 51-A जोड़ा गया, जिसके तहत प्रारंभ में 10 मूल कर्तव्य थे, जिन्हें बाद में 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा बढ़ाकर 11 कर दिया गया।
- 3. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार में 'शिक्षा का अधिकार' मूल रूप से शामिल था, जिसे बाद में संसद द्वारा बिना किसी संविधान संशोधन के केवल एक सामान्य अधिनियम पारित करके मौलिक अधिकार बना दिया गया था।
- 4. नीतिनिदेशक तत्वों में शामिल 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code) का उल्लेख अनुच्छेद 44 में किया गया है, जो कि एक न्यायोचित प्रावधान है और इसे लागू करने के लिए राज्य सरकारें बाध्य हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 और 2 पूर्णतः सत्य हैं। मूल अधिकार अमेरिका से प्रेरित और न्यायोचित हैं, तथा DPSP आयरलैंड से प्रेरित और गैर-न्यायोचित हैं। स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संशोधन (1976) द्वारा 10 मूल कर्तव्य जोड़े गए थे, और 86वें संशोधन (2002) द्वारा 11वां कर्तव्य जोड़ा गया। कथन 3 असत्य है क्योंकि 'शिक्षा के अधिकार' को अनुच्छेद 21-A के रूप में 86वें संविधान संशोधन 2002 द्वारा जोड़ा गया था। कथन 4 असत्य है क्योंकि DPSP गैर-न्यायोचित होते हैं और इन्हें लागू करने के लिए राज्य बाध्य नहीं हैं। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार में 'कैमूर का पठार' किसके लिए प्रसिद्ध है?
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बिहार के प्रमुख उद्योग, खनिज संसाधनों और ऊर्जा अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार के रोहतास और कैमूर जिलों में विंध्यन क्रम की चट्टानों में उच्च कोटि के चूना पत्थर के विशाल भंडार पाए जाते हैं, जिनका उपयोग बंजारी और डालमियानगर के सीमेंट उद्योगों में कच्चे माल के रूप में किया जाता है।
2. जमुई जिले के झाझा और मलयपुर क्षेत्र में देश के कुल स्वर्ण भंडार का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा होने की पुष्टि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा की गई है, जो राज्य के खनिज परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण खोज है।
3. औरंगाबाद जिले के नवीनगर में स्थित 'नवीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट' (BRBCL) एक कोयला आधारित विद्युत संयंत्र है, जिसे पूरी तरह से एनटीपीसी (NTPC) द्वारा संचालित किया जाता है और इसमें भारतीय रेलवे की कोई भागीदारी नहीं है।
4. बरौनी (बेगूसराय) तेल शोधक कारखाने को वर्ष 1964 में तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) और रोमानिया के तकनीकी सहयोग से स्थापित किया गया था, जो राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों के प्रसंस्करण का प्रमुख केंद्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत के परिवहन तंत्र और राष्ट्रीय जलमार्गों (National Waterways) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय जलमार्ग 1 (NW-1) हल्दिया से प्रयागराज के बीच गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली पर स्थित है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1,620 किलोमीटर है और यह देश का सबसे लंबा अंतर्देशीय जलमार्ग है।
2. 'कोंकण रेलवे' (Konkan Railway) परियोजना भारतीय रेलवे की एक अत्यंत महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि है, जो रोहा (महाराष्ट्र) को मंगलुरु (कर्नाटक) तक जोड़ती है और पश्चिमी घाट के कठिन भूभाग से गुजरते हुए कई लंबी सुरंगों और पुलों का निर्माण करती है।
3. भारत में 'स्वर्णिम चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना का क्रियान्वयन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है, जो देश के चार महानगरों — दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को उच्च गति वाले छह-लेन के राजमार्गों से आपस में जोड़ती है।
4. सीमा सड़क संगठन (BRO - Border Roads Organisation) की स्थापना 1960 में की गई थी, जो देश के उत्तर और उत्तर-पूर्वी सीमावर्ती दुर्गम क्षेत्रों में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण और रख-रखाव करता है, तथा लद्दाख में स्थित 'उम्ला ला दर्रा' सड़क मार्ग इसी के द्वारा निर्मित विश्व की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़कों में से एक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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ई-वोटिंग प्रणाली के संबंध में कौन से कथन सही हैं?
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असम के 1857 के विद्रोह तथा अन्य जन आंदोलनों (1757-1857) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. असम में 1857 के विद्रोह के दौरान वहाँ के स्थानीय लोगों ने ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध विद्रोह किया था, जिसमें मनीराम दत्त और कंदर्पेश्वर सिंह ने अहोम राजतंत्र को पुनः स्थापित करने का प्रयास किया था।
2. संन्यासी विद्रोह (लगभग 1763-1800), जो मुख्य रूप से बंगाल और बिहार के क्षेत्रों में प्रभावित था, का प्रमुख कारण ब्रिटिश शासन द्वारा धार्मिक यात्राओं पर प्रतिबंध लगाना और किसानों पर अत्यधिक भू-राजस्व आरोपित करना था, जिसका जीवंत चित्रण बंकिम चंद्र चटर्जी के प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' में मिलता है।
3. पाइक विद्रोह (1817), जो ओडिशा के खुरदा क्षेत्र में बख्सी जगबंधु के नेतृत्व में हुआ था, ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों, कर-पद्धति और सिक्कों के मूल्य में परिवर्तन के विरुद्ध एक सशस्त्र और संगठित जन आंदोलन था।
4. मोपला विद्रोह (जो 1921 में केरल के मालाबार तट पर हुआ था) 1857 से पहले घटित होने वाले उन प्रमुख जनजातीय आंदोलनों में शामिल था, जिन्हें ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ शुरुआती आदिवासी प्रतिरोध माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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