BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
19 views

भारत के गवर्नर जनरलों तथा वायसराय के कार्यकाल के दौरान घटित प्रमुख घटनाओं और नीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल में 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के अंतर्गत सर्वप्रथम 1848 में सतारा को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाया गया था, तथा इसी के शासनकाल में शिमला को भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया था और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की स्थापना की गई थी।
  2. 2. लॉर्ड लिटन के कार्यकाल में पारित 'वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट' (1878) का मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषा के समाचार पत्रों की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करना था, तथा 'आर्म्स एक्ट' (1878) के तहत बिना लाइसेंस के हथियार रखने पर रोक लगाई गई थी, जिसे बाद में लॉर्ड रिपन द्वारा निरस्त कर दिया गया था।
  3. 3. लॉर्ड कर्जन के काल में 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' (1904) पारित किया गया था, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा करना था, तथा इसी के निर्णय के परिणामस्वरूप 1905 में बंगाल का विभाजन हुआ, जिसके विरोध में 'स्वदेशी आंदोलन' की शुरुआत हुई थी।
  4. 4. लॉर्ड माउंटबेटन, जो स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल थे, के कार्यकाल में ही भारत स्वतंत्रता अधिनियम 1947 पारित किया गया था, और उनके द्वारा प्रस्तुत '3 जून योजना' (डिकिंसन प्लान) के आधार पर ही भारत और पाकिस्तान के विभाजन की रूपरेखा तैयार की गई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए कथनों में से कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 1 आंशिक रूप से असत्य है क्योंकि शिमला को अंग्रेजों की ग्रीष्मकालीन राजधानी लॉर्ड डलहौजी के काल में नहीं, बल्कि लॉर्ड जॉन लॉरेंस के कार्यकाल में आधिकारिक रूप से बनाया गया था, हालांकि डलहौजी ने वहाँ की यात्रा और छावनी के रूप में इसका विकास अवश्य किया था। सतारा (1848) डलहौजी के व्यपगत सिद्धांत के तहत मिलाया जाने वाला पहला राज्य था। वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878) लिटन द्वारा लाया गया और रिपन द्वारा 1882 में रद्द किया गया। कर्जन द्वारा 1904 का विश्वविद्यालय अधिनियम और 1905 का बंगाल विभाजन किया गया। माउंटबेटन '3 जून योजना' के शिल्पी थे। ऐसी ही उच्च स्तरीय अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Share:

Related Questions

→ पृथ्वी के भूगर्भिक इतिहास और विभिन्न शैलतंत्रों (Rock Systems) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आर्कियन क्रम की चट्टानें पृथ्वी की मूल चट्टानें (Primordial Rocks) हैं, जो अत्यधिक ताप और दाब के कारण कायांतरित हो चुकी हैं, और इनमें किसी भी प्रकार के जीवाश्म (Fossils) के अवशेष नहीं पाए जाते हैं। 2. धारवाड़ क्रम की चट्टानों का निर्माण आर्कियन चट्टानों के अपक्षय और अपरदन के परिणामस्वरूप हुआ है, और यह शैलतंत्र आर्थिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है, जिसमें देश के अधिकांश धात्विक खनिज जैसे लौह अयस्क, मैंगनीज, सोना और तांबा प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। 3. कुडप्पा क्रम की चट्टानों का निर्माण धारवाड़ चट्टानों के अपरदन के बाद हुआ है, जो मुख्य रूप से अवसादी (Sedimentary) प्रकृति की हैं, और इनमें राजस्थान के प्रसिद्ध मकराना संगमरमर, बलुआ पत्थर तथा एस्बेस्टस के महत्वपूर्ण भंडार मिलते हैं। 4. विंध्यन क्रम की चट्टानें जल-निक्षेपण (Water Deposition) द्वारा निर्मित हैं, जिनमें चूना पत्थर, इमारती पत्थर और चीन की मिट्टी मिलती है, किंतु इस क्रम की चट्टानों में हीरे (Diamond) के भंडार पूरी तरह से अनुपस्थित होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा (Constituent Assembly) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग नहीं लिया था, तथा डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा के अस्थायी अध्यक्ष (Temporary President) के रूप में फ्रांसिसी परंपरा के अनुसार सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के नाते चुना गया था। 2. संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार (Constitutional Advisor) के रूप में सर बी. एन. राव (Sir B. N. Rao) को नियुक्त किया गया था, जिन्होंने विश्व के विभिन्न संविधानों का अध्ययन करके संविधान का प्रथम प्रारूप (Draft) तैयार किया था, जिस पर बाद में प्रारूप समिति ने विचार किया था। 3. उद्देश्य प्रस्ताव (Objectives Resolution), जिसे 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया था, उसे उसी दिन संविधान सभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया था, जो बाद में भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) का आधार बना। 4. संविधान के निर्माण की प्रक्रिया में कुल 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था, तथा अंतिम रूप से संविधान पर 284 सदस्यों ने अपने हस्ताक्षर किए थे जब 26 नवंबर 1949 को इसे अंगीकृत किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → बिहार में 'सोमेश्वर की पहाड़ी' किस जिले में स्थित है? → बिहार के चिरोंद नामक पुरास्थल की प्राचीनतम संस्कृति है- → कुंवर सिंह ने किस प्रकार के युद्ध में महारत हासिल की थी?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.