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BPSC TRE 4.0
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पृथ्वी के भू-आकृतिक स्वरूपों के अंतर्गत पर्वत, पठार तथा मरुस्थल के निर्माण, विशेषताओं और उनके वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विश्व के अधिकांश नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountains), जैसे कि हिमालय, रॉकीज़ और एंडीज़, अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Plate Boundaries) पर स्थित हैं, जहाँ विवर्तनिक प्लेटों के टकराने के कारण संपीडनकारी बलों (Compressional Forces) से भू-पर्पटी में वलन पड़ जाते हैं।
  2. 2. 'अन्तः पर्वतीय पठार' (Intermontane Plateaus), जैसे कि तिब्बत का पठार और बोलिविया का पठार, चारों तरफ से उच्च पर्वतीय श्रेणियों से घिरे होते हैं और इनका निर्माण पर्वत निर्माणकारी प्रक्रमों के दौरान पटल विरूपण (Diastrophism) और क्षैतिज संपीड़न के परिणामस्वरूप होता है।
  3. 3. विश्व के उष्ण कटिबंधीय मरुस्थल मुख्यतः महाद्वीपों के पश्चिमी margins (पश्चिमी तटों) पर व्यापारिक हवाओं के प्रभाव और ठंडी महासागरीय धाराओं की उपस्थिति के कारण पाए जाते हैं, जो वर्षा लाने में असमर्थ होती हैं।
  4. 4. दक्कन का पठार (Deccan Plateau) एक अंतरापर्वतीय पठार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका निर्माण ज्वालामुखी के दरारी उद्गार (Fissure Eruption) से हुए बेसाल्ट लावा के निक्षेपण के कारण क्रमिक रूप से हुआ है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए कथनों में से कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 4 असत्य है। दक्कन का पठार एक 'ज्वालामुखी पठार' (Volcanic Plateau) या 'लावा पठार' का उदाहरण है, न कि अंतरापर्वतीय पठार का। ऐसे विस्तृत और गहन प्रश्नों के अभ्यास के माध्यम से अपनी परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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आनुवंशिकी तथा विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्रेगर जॉन मैंडेल ने मटर के पौधे (पाइसम सैटिवुम) पर अपने संकरण प्रयोगों के दौरान सात विपरीत लक्षणों का चयन किया था, और उनके द्वारा प्रतिपादित 'स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम' (Law of Independent Assortment) इस बात पर आधारित है कि जब दो या दो से अधिक विपरीत लक्षणों के जोड़ों को एक साथ क्रॉस कराया जाता है, तो एक लक्षण की वंशागति दूसरे लक्षण की वंशागति से पूरी तरह स्वतंत्र होती है। 2. हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg Equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाली आबादी में एलील (Allele) आवृत्तियाँ पीढ़ियों दर पीढ़ियों स्थिर बनी रहती हैं, बशर्ते कि उस आबादी पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और आनुवंशिक विचलन (Genetic Drift) जैसी विकासीय शक्तियाँ प्रभावी न हों। 3. लामार्कवाद (Lamarckism) के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of Acquired Characters) के सिद्धांत का खंडन करने के लिए जर्मन जीववैज्ञानिक ऑगस्ट वीजमैन ने चूहों की पूंछ काटकर उन पर प्रयोग किया था, जिसके आधार पर उन्होंने 'जननद्रव्य की निरंतरता का सिद्धांत' (Theory of Germplasm) प्रतिपादित किया। 4. मिलर और उरे (Miller and Urey) के प्रसिद्ध प्रयोग ने ओपेरिन और हाल्डेन के रासायनिक विकास के सिद्धांत को प्रायोगिक रूप से सिद्ध किया, जिसके तहत उन्होंने अमोनिया, मीथेन, हाइड्रोजन और जलवाष्प के नियंत्रित मिश्रण पर विद्युत चिंगारी प्रवाहित करके प्रयोगशाला में जटिल न्यूक्लिक एसिड का प्रत्यक्ष रूप से निर्माण किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? 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