BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
1 views

भारतीय संविधान के अंतर्गत स्थानीय स्वशासन (पंचायत और नगरपालिका) तथा सहकारी समितियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा संविधान में भाग IX जोड़ा गया, जिसके अनुच्छेद 243-G के तहत ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए 29 विषयों पर कार्य करने की शक्ति दी गई है, तथा राज्य वित्त आयोग का गठन प्रत्येक पाँच वर्ष पर राज्यपाल द्वारा किया जाता है।
  2. 2. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा शहरी स्थानीय निकायों के लिए भाग IX-A जोड़ा गया, जिसके तहत महानगरों के विकास योजनाओं के प्रारूप तैयार करने के लिए 'महानगर योजना समिति' (Metropolitan Planning Committee) के गठन का प्रावधान अनुच्छेद 243-ZE के अंतर्गत किया गया है।
  3. 3. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा सहकारी समितियों को संवैधानिक संरक्षण प्रदान करते हुए अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत सहकारी समिति बनाने के अधिकार को एक मूल अधिकार बनाया गया, तथा संविधान में नया भाग IX-B (अनुच्छेद 243-ZH से 243-ZT) जोड़ा गया।
  4. 4. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ' मामले में दिए गए निर्णय में यह स्पष्ट किया गया कि चूंकि 97वें संविधान संशोधन अधिनियम को संसद के दोनों सदनों से विशेष बहुमत से पारित कराने के बाद आधे से अधिक राज्यों के विधानमंडलों से अनुसमर्थन नहीं कराया गया था, इसलिए इस संशोधन द्वारा जोड़े गए भाग IX-B के बहु-राज्यीय सहकारी समितियों (Multi-State Cooperative Societies) से संबंधित प्रावधान भी पूरी तरह से असंवैधानिक घोषित कर दिए गए हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। 73वें और 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से क्रमशः पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया। 97वें संविधान संशोधन द्वारा सहकारी समितियों को संवैधानिक सुरक्षा दी गई। हालांकि, कथन 4 असत्य है क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय (गुजरात उच्च न्यायालय के निर्णय की पुष्टि करते हुए) ने यह स्पष्ट किया था कि भाग IX-B को राज्यों के भीतर की सहकारी समितियों के लिए तो आधे राज्यों के अनुसमर्थन की आवश्यकता थी और उसे उस सीमा तक शून्य घोषित किया गया था, लेकिन बहु-राज्यीय सहकारी समितियों (Multi-State Cooperative Societies) पर संसद की अनन्य विधायी शक्ति होने के कारण वे प्रावधान वैध बने रहे, अतः संपूर्ण भाग IX-B को असंवैधानिक घोषित नहीं किया गया था। अधिक जानकारी और तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Share:

Related Questions

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) के दिशा-निर्देशों तथा प्राकृतिक आपदाओं (विशेषकर बाढ़, भूकंप और सूखा) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) का गठन आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत किया गया था, जिसके पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, तथा यह देश में आपदा प्रबंधन के लिए नीतियां और दिशानिर्देश निर्धारित करने वाली सर्वोच्च संस्था है। 2. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) के वर्तमान अध्यक्ष राज्य के मुख्यमंत्री होते हैं, और बिहार भूकंपीय क्षेत्र मानचित्र के अनुसार जोन IV और जोन V के अंतर्गत आता है, जो इसे अत्यधिक भूकंपीय संवेदनशीलता वाला राज्य बनाता है। 3. कोसी नदी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है, जो नेपाल से निकलकर गंगा में मिलती है, और इसके प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना के तहत विशेष रूप से 'कोसी बाढ़ नियंत्रण एवं राहत मिशन' की स्थापना केंद्रीय स्तर पर की गई है। 4. आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 12 के अनुसार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के लिए न्यूनतम मानक (Minimum Standards of Relief) निर्धारित करने का अधिकार प्राप्त है, जिसमें आश्रय, भोजन, पेयजल और चिकित्सा देखभाल शामिल हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? बिहार एवं उत्तर प्रदेश राज्यों की संयुक्त सिंचाई परियोजना है? यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत गति के नियमों, कार्य, ऊर्जा और संरक्षण सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी वस्तु का संवेग (Momentum) उसके द्रव्यमान और वेग का गुणनफल होता है, और न्यूटन की गति का द्वितीय नियम बल को संवेग परिवर्तन की दर के रूप में परिभाषित करता है, जो वास्तविक रूप से गति का एक मौलिक नियम है। 2. जब कोई वस्तु किसी ऊर्ध्वाधर वृत्त में गति करती है, तो वृत्त के उच्चतम बिंदु पर डोरी या सतह में तनाव का न्यूनतम मान शून्य हो सकता है, बशर्ते वस्तु की चाल न्यूनतम आवश्यक वेग (Critical Velocity) के बराबर हो। 3. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार किसी वस्तु पर कुल बल द्वारा किया गया कार्य उस वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, और यह नियम केवल रूढ़िवादी (Conservative) बलों के लिए ही सत्य है, गैर-रूढ़िवादी बलों के लिए नहीं। 4. अपकेंद्रीय बल (Centrifugal Force) एक वास्तविक बल है जो जड़त्वीय फ्रेम (Inertial Frame) में वृत्तीय गति करते हुए प्रेक्षक को केंद्र की ओर अनुभव होता है, और यह अभिकेंद्रीय बल के विपरीत दिशा में कार्य करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? बिहार में तुर्क सत्ता का वास्तविक संस्थापक कौन था? आरा में विद्रोही सैनिकों का नेतृत्व करने वाले कुंवर सिंह के विरुद्ध कौन सा अंग्रेज अधिकारी तैनात था?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.