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BPSC TRE 4.0
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बिहार के प्रमुख उद्योग, खनिज संसाधनों और ऊर्जा अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. बिहार के रोहतास और कैमूर जिलों में विंध्यन क्रम की चट्टानों में उच्च कोटि के चूना पत्थर के विशाल भंडार पाए जाते हैं, जिनका उपयोग बंजारी और डालमियानगर के सीमेंट उद्योगों में कच्चे माल के रूप में किया जाता है।
  2. 2. जमुई जिले के झाझा और मलयपुर क्षेत्र में देश के कुल स्वर्ण भंडार का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा होने की पुष्टि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा की गई है, जो राज्य के खनिज परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण खोज है।
  3. 3. औरंगाबाद जिले के नवीनगर में स्थित 'नवीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट' (BRBCL) एक कोयला आधारित विद्युत संयंत्र है, जिसे पूरी तरह से एनटीपीसी (NTPC) द्वारा संचालित किया जाता है और इसमें भारतीय रेलवे की कोई भागीदारी नहीं है।
  4. 4. बरौनी (बेगूसराय) तेल शोधक कारखाने को वर्ष 1964 में तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) और रोमानिया के तकनीकी सहयोग से स्थापित किया गया था, जो राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों के प्रसंस्करण का प्रमुख केंद्र है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए कथनों में से कथन 1, 2 और 4 सत्य हैं, जबकि कथन 3 असत्य है। स्पष्टीकरण: औरंगाबाद जिले के नवीनगर में स्थित 'नवीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट' (BRBCL - Bharatiya Nabinagar Power Company Limited) मूल रूप से एनटीपीसी (NTPC) और भारतीय रेलवे का एक संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) है, न कि केवल एनटीपीसी का अकेला संयंत्र। अन्य सभी कथन बिहार के खनिज (जैसे चूना पत्थर और जमुई का स्वर्ण भंडार) और बरौनी रिफाइनरी के ऐतिहासिक संदर्भ में पूर्णतः सही हैं। अधिक अभ्यास और तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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