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BPSC TRE 4.0
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कार्बनिक रसायन में 'समावयवता' (Isomerism) और विभिन्न कार्बनिक अभिक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. क्रियात्मक समूह समावयवता (Functional Group Isomerism) में यौगिकों का आणविक सूत्र समान होता है, किंतु उनके क्रियात्मक समूह भिन्न होते हैं; उदाहरण के लिए, ईथर (Ether) और ऐल्कोहॉल (Alcohol) एक-दूसरे के क्रियात्मक समावयवी होते हैं।
  2. 2. 'फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐल्किलीकरण' (Friedel-Crafts Alkylation) अभिक्रिया एक प्रकार की इलेक्ट्रॉफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया है, जिसमें ऐल्किल हैलाइड की उपस्थिति में लुईस अम्ल (जैसे निर्जल $AlCl_3$) उत्प्रेरक का कार्य करता है।
  3. 3. जब ऐथीन (Ethene) की अभिक्रिया अम्लीय माध्यम में जल (Water) के साथ कराई जाती है, तो यह मार्कोवनीकॉव के नियम का पालन करते हुए एथेनॉल (Ethanol) का निर्माण करती है।
  4. 4. ऐल्डिहाइड और कीटोन दोनों में कार्बोनिल समूह ($>C=O$) पाया जाता है, किंतु टॉलेन अभिकर्मक (Tollen's Reagent) के साथ अपचयन अभिक्रिया प्रदर्शित करके रजत दर्पण (Silver Mirror) का निर्माण करना केवल ऐल्डिहाइड की विशेषता है, कीटोन की नहीं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि समान आणविक सूत्र होने के बावजूद भिन्न क्रियात्मक समूह वाले यौगिक क्रियात्मक समावयवी कहलाते हैं (जैसे ईथर और ऐल्कोहॉल)। कथन 2 सत्य है क्योंकि फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐल्किलीकरण एक इलेक्ट्रॉफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन है जिसमें निर्जल $AlCl_3$ उत्प्रेरक होता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि ऐथीन (एक सममितीय एल्कीन) पर जल का योग मार्कोवनीकॉव के नियम के बिना भी सीधे अम्ल उत्प्रेरित जलयोजन से एथेनॉल बनाता है, और असमित एल्कीन में यह नियम लागू होता है। कथन 4 सत्य है क्योंकि टॉलेन परीक्षण केवल ऐल्डिहाइड देते हैं, कीटोन नहीं। अधिक अभ्यास और तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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