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BPSC TRE 4.0
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भारतीय अर्थव्यवस्था में आर्थिक नियोजन (Economic Planning) के विकास, पंचवर्षीय योजनाओं के प्रतिमानों और राष्ट्रीय आय के आकलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत में नियोजित विकास की अवधारणा को औपचारिक रूप से वर्ष 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में गठित 'राष्ट्रीय योजना समिति' (National Planning Committee) से बल मिला था, तथा वर्ष 1944 में उद्योगपतियों द्वारा प्रस्तुत 'बॉम्बे प्लान' में राज्य के न्यूनतम हस्तक्षेप के साथ पूर्णतः मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था की वकालत की गई थी।
  2. 2. महालनोबिस मॉडल (दूसरी पंचवर्षीय योजना का आधार) भारी उद्योगों के तीव्र विकास और पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन पर केंद्रित था, जबकि पहली पंचवर्षीय योजना 'हेरोड-डोमर मॉडल' पर आधारित थी जिसका मुख्य जोर कृषि, सिंचाई और बिजली क्षेत्र के त्वरित विकास पर था।
  3. 3. भारत में सबसे पहले राष्ट्रीय आय का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित अनुमान वर्ष 1931-32 में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. वी.के.आर.वी. राव (V.K.R.V. Rao) द्वारा लगाया गया था, जबकि स्वतंत्रता के पश्चात भारत सरकार ने वर्ष 1949 में पी.सी. महालनोबिस की अध्यक्षता में 'राष्ट्रीय आय समिति' का गठन किया था।
  4. 4. नीति आयोग (NITI Aayog), जो योजना आयोग के स्थान पर 1 जनवरी 2015 से अस्तित्व में आया, एक संवैधानिक निकाय (Constitutional Body) है जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं और यह 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) के सिद्धांत पर कार्य करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है, क्योंकि 'बॉम्बे प्लान' (1944) में पूर्णतः मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था की नहीं, बल्कि राज्य के नेतृत्व में सुनियोजित औद्योगीकरण और सार्वजनिक क्षेत्र की सक्रिय भूमिका की वकालत की गई थी। कथन 2 सत्य है; पहली योजना हेरोड-डोमर मॉडल पर तथा दूसरी योजना महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी। कथन 3 सत्य है, डॉ. वी.के.आर.वी. राव ने वैज्ञानिक तरीकों से पहली बार राष्ट्रीय आय का आकलन किया था और 1949 में महालनोबिस की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आय समिति बनी थी। कथन 4 असत्य है, क्योंकि नीति आयोग एक 'संविधानतर और गैर-संवैधानिक निकाय' (Extra-constitutional / Non-statutory Body) है, न कि संवैधानिक निकाय। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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