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BPSC TRE 4.0
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 1857 के विद्रोह के दौरान बिहार में क्रांतिकारियों का नेतृत्व करने वाले बाबू कुंवर सिंह ने केवल आरा और जगदीशपुर तक ही अपनी गतिविधियों को सीमित रखा तथा ब्रिटिश सेना के विरुद्ध कभी भी गंगा नदी पार कर उत्तर प्रदेश या अन्य क्षेत्रों में सैन्य अभियान संचालित नहीं किया था।
- 2. फैजाबाद में 1857 के विद्रोह का प्रभावी नेतृत्व करने वाले मौलवी अहमदुल्लाह शाह को 'डंका शाह' के रूप में भी जाना जाता था, और अंग्रेजों ने उनकी गिरफ्तारी पर पचास हजार रुपये का भारी इनाम घोषित किया था।
- 3. झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के पतन के बाद तात्या टोपे ने ग्वालियर में नाना साहेब के दत्तक पुत्र बाजीराव द्वितीय के भतीजे (वास्तव में तात्या टोपे ने नाना साहेब पेशवा के सेनापति के रूप में) के साथ मिलकर संघर्ष जारी रखा, तथा अंततः एक स्थानीय जमींदार मानसिंह के विश्वासघात के कारण उन्हें अंग्रेजों द्वारा पकड़ लिया गया।
- 4. अवध के विलय (डालहौजी की हड़प नीति या कुशासन के आरोप) के तुरंत बाद बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरjis कादिर को नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया, जिसमें अवध के तालुकदारों और किसानों ने भी भारी संख्या में भाग लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि बाबू कुंवर सिंह ने केवल आरा और जगदीशपुर तक ही अपनी गतिविधियाँ सीमित नहीं रखी थीं, बल्कि उन्होंने गंगा नदी पार कर बलिया, आज़मगढ़, गोरखपुर और कानपुर तक ब्रिटिश सेना के विरुद्ध सफल सैन्य अभियान संचालित किए थे। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। मौलवी अहमदुल्लाह शाह को 'डंका शाह' कहा जाता था और उन पर 50,000 रुपये का इनाम था। तात्या टोपे को मानसिंह के विश्वासघात के कारण पकड़ा गया था। बेगम हजरत महल ने लखनऊ में अपने पुत्र बिरजिस कादिर को नवाब घोषित कर विद्रोह का नेतृत्व किया था। ऐसी ही उच्च स्तरीय अध्ययन सामग्री और प्रैक्टिस के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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कार्बनिक यौगिकों की संरचना, समावयवता (Isomerism) और उनके रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ज्यामितीय समावयवता (Geometric Isomerism) मुख्य रूप से उन एल्कीन में पाई जाती है जिनमें कार्बन-कार्बन द्विबंध (C=C) के दोनों सिरों पर जुड़े परमाणु या समूह भिन्न होते हैं, और सिस (Cis) रूप में समान समूह द्विबंध के एक ही ओर स्थित होते हैं।
2. 'बेन्जीन' एक अत्यधिक स्थायी चक्रीय असंतृप्त यौगिक है जो इलेक्ट्रॉफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन (Electrophilic Aromatic Substitution) अभिक्रियाओं को आसानी से प्रदर्शित करता है, जबकि यह सामान्यतः एल्कीन की तरह योगात्मक (Addition) अभिक्रियाएं नहीं देता है।
3. किरोल केंद्र (Chiral Center) वह कार्बन परमाणु होता है जिसकी चारों संयोजकताएँ चार अलग-अलग परमाणुओं या समूहों से संतुष्ट होती हैं, और ऐसे यौगिक ध्रुव घूर्णक (Optically Active) होते हैं तथा ध्रुवित प्रकाश के तल को घुमा देते हैं।
4. मार्कोवनीकॉव का नियम (Markovnikov's Rule) सममितीय एल्कीन में असममित अभिकर्मकों (जैसे HBr) के योग की क्रिया को समझाने के लिए उपयोग किया जाता है, जिसके अनुसार ऋणात्मक भाग उस कार्बन पर जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा के निर्वाचन में ब्रिटिश भारत के प्रांतों को आवंटित 296 सीटें जनसंख्या के अनुपात (लगभग 10 लाख की आबादी पर एक सीट) के आधार पर विभिन्न समुदायों—मुसलमान, सिख और सामान्य (सभी अन्य)—में बांटी गई थीं, तथा प्रत्येक समुदाय के सदस्यों ने प्रांतीय विधानसभा में अपने समुदाय के प्रतिनिधियों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा किया था।
2. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग नहीं लिया था, तथा सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को फ्रांस की परंपरा के अनुरूप सभा का अस्थायी अध्यक्ष (Interim President) चुना गया था।
3. पं. जवाहरलाल नेहरू द्वारा 13 दिसंबर 1946 को प्रस्तुत ऐतिहासिक 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objectives Resolution) को संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया, जिसमें भारतीय संविधान के मूल दर्शन और लोकतांत्रिक आदर्शों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई थी।
4. संविधान के निर्माण के दौरान विभिन्न कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई समितियों का गठन किया गया था, जिनमें डॉ. बी. आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में गठित 'प्रांतीय संविधान समिति' सबसे महत्वपूर्ण थी, जिसने संपूर्ण देश के लिए एकल संविधान का प्रारूप तैयार किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के निर्माण और इसकी भौगोलिक अवस्थिति तथा संघ के राज्यक्षेत्र (Articles 1-4) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 1 के अनुसार 'भारत, जो कि इंडिया है, राज्यों का संघ होगा' (Union of States), जिसमें 'राज्यों का संघ' शब्दावली का चयन डॉ. बी. आर. अंबेडकर के सुझाव पर किया गया था, जिसका तात्पर्य यह है कि भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है और न ही किसी राज्य को संघ से अलग होने का अधिकार है।
2. अनुच्छेद 2 संसद को विधि द्वारा 'संघ में नए राज्यों के प्रवेश या उनकी स्थापना' करने की शक्ति प्रदान करता है, जबकि अनुच्छेद 3 संसद को किसी राज्य के क्षेत्र को घटाने, बढ़ाने, उसके नाम या सीमा में परिवर्तन करने का अधिकार देता है, और ऐसे किसी भी विधेयक को राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना संसद के किसी भी सदन में पुनःस्थापित किया जा सकता है।
3. अनुच्छेद 3 के तहत किसी नए राज्य के निर्माण या मौजूदा राज्य के नाम व सीमा में परिवर्तन के लिए लाए गए विधेयक पर संबंधित राज्य विधानमंडल का विचार जानना संवैधानिक रूप से अनिवार्य है, किंतु राज्य विधानमंडल द्वारा व्यक्त किया गया विचार या उसकी संस्तुति राष्ट्रपति या संसद के लिए बाध्यकारी नहीं होती है।
4. सर्वोच्च न्यायालय के 'बेरुबारी यूनियन वाद (1960)' में दिए गए निर्णय के अनुसार, संसद अनुच्छेद 3 के तहत दी गई सामान्य विधाई शक्तियों का प्रयोग करके भारत का कोई भी भू-भाग (Territory) किसी विदेशी देश को नहीं सौंप सकती है, बल्कि इसके लिए संविधान में संशोधन (अनुच्छेद 368 के अंतर्गत) करना अनिवार्य होता है, जैसा कि 100वें संविधान संशोधन अधिनियम (2015) द्वारा भारत और बांग्लादेश के बीच भू-भागों के हस्तांतरण के समय किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में 1970 के दशक के उत्तरार्ध में हुए ऐतिहासिक 'जेपी आंदोलन' (छात्र आंदोलन) और उसके वैचारिक व राजनीतिक परिप्रेक्ष्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस आंदोलन की शुरुआत मार्च 1974 में गुजरात के छात्रों द्वारा बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार के विरोध में हुई थी, जिसे बाद में लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने बिहार तक विस्तारित किया और 'संपूर्ण क्रांति' का आह्वान किया।
2. जयप्रकाश नारायण द्वारा प्रतिपादित 'संपूर्ण क्रांति' (Total Revolution) के वैचारिक ढांचे में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और नैतिक — कुल सात क्रांतियाँ शामिल थीं, जिनका मुख्य उद्देश्य व्यवस्था परिवर्तन और जन-केन्द्रित लोकतंत्र की स्थापना करना था।
3. यह आंदोलन पूरी तरह से अहिंसक और शांतिपूर्ण था, तथा इसके दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार ने तुरंत त्यागपत्र दे दिया था, जिसके परिणामस्वरुप आपातकाल की घोषणा कभी नहीं की गई।
4. जेपी आंदोलन के गर्भ से ही भारतीय राजनीति में समाजवादी और जनता पार्टी विचारधारा के अनेक प्रमुख युवा नेता उभरे, जिन्होंने आगे चलकर राष्ट्रीय राजनीति को दीर्घकालिक रूप से प्रभावित किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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निम्नलिखित में से कौन-सा समुद्री जैव विविधता के दृष्टिकोण से दुनिया का सबसे समृद्ध क्षेत्र है?
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