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BPSC TRE 4.0
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भारत के अपवाह तंत्र, प्रमुख घाटियों, प्रपात एवं झीलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में सांगपो के नाम से प्रवाहित होती है और नामचा बारवा के पास यू-टर्न (U-turn) लेकर भारत के अरुणाचल प्रदेश में 'दिबांग' या 'सियांग' के नाम से प्रवेश करती है, तथा इसके मार्ग में असम की घाटी में स्थित 'मजुली' विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप है।
  2. 2. केरल की 'वेम्बनाड झील' (Vembanad Lake) भारत की सबसे लंबी झील है, जो एक प्रसिद्ध 'कयाल' (लैगून) है, और इसी झील में हर वर्ष प्रसिद्ध नेहरू ट्रॉफी वल्लमकाली (नौका दौड़) प्रतियोगिता आयोजित की जाती है।
  3. 3. कर्नाटक में शरावती नदी पर स्थित 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls) भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है, जिसकी कुल ऊँचाई लगभग 455 मीटर है, जबकि मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी पर स्थित 'धुआँधार जलप्रपात' संगमरमर की चट्टानों के बीच एक प्रमुख गार्ज (Gorge) का निर्माण करता है।
  4. 4. उत्तर भारत की प्रसिद्ध 'लोकटक झील' मणिपुर राज्य में स्थित है, जिसमें तैरते हुए अद्वितीय वनस्पति और मृदा के द्वीप पाए जाते हैं जिन्हें 'फुम्दि' (Phumdis) कहा जाता है, और इसी झील के भीतर 'कीबुल लामजाओ' नामक विश्व का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारत के भूगोल के अंतर्गत अपवाह तंत्र, नदियाँ, प्रपात और झीलें अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं। ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत से बहते हुए अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है और मजुली द्वीप का निर्माण करती है। वेम्बनाड झील भारत की सबसे लंबी लैगून झील है जहाँ नौका दौड़ होती है। शरावती नदी पर स्थित कुंचिकल जलप्रपात भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है। लोकटक झील (मणिपुर) अपने तैरते हुए फुम्दि और कीबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इस प्रकार के उच्च स्तरीय प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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→ भारत में परिवहन प्रणाली और अवसंरचना के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), जिसे वर्ष 2000 में शुरू किया गया था, का मुख्य उद्देश्य देश के ग्रामीण और असंबद्ध क्षेत्रों को बारहमासी (All-weather) सड़कों से जोड़ना है, और इसके वित्तपोषण में केंद्र और राज्यों की हिस्सेदारी देश के सभी राज्यों के लिए समान रूप से 50:50 है। 2. भारतीय रेल नेटवर्क को विश्व स्तर पर ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य की दिशा में कार्य किया जा रहा है, तथा इसके तहत 'वंदे भारत एक्सप्रेस' जैसी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें स्वदेशी तकनीक (ICF चेन्नई) के आधार पर संचालित की जा रही हैं। 3. देश के बंदरगाह आधारित विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 'सागरमाला परियोजना' (Sagarmala Programme) की शुरुआत की गई है, जिसके अंतर्गत तटीय क्षेत्रों के औद्योगिक विकास, बंदरगाह आधुनिकीकरण और अंतर्देशीय जलमार्गों के संपर्क को मजबूत करने पर बल दिया जाता है। 4. राष्ट्रीय राजमार्ग ग्रिड के विकास के लिए 'स्वर्णिम चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना देश के चार महानगरों—दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता—को आपस में जोड़ती है, तथा इसका क्रियान्वयन एवं रख-रखाव भारतीय रेलवे बोर्ड द्वारा किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) के वितरण, उनकी उत्पत्ति के चालकों तथा उनके वैश्विक पर्यावरणीय प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महासागरीय जलधाराओं की उत्पत्ति और दिशा मुख्य रूप से प्रचलित हवाओं (व्यापारिक और पछुआ हवाओं), पृथ्वी के घूर्णन जनित कोरिऑलिस बल, तथा जल के तापमान और लवणता में असमानता (घनत्व प्रवणता) द्वारा निर्धारित होती है। 2. उत्तरी गोलार्ध में महासागरीय जलधाराएं कोरिऑलिस बल के कारण अपनी मूल दिशा से दाईं ओर (घड़ी की सुई की दिशा में / Clockwise) तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर (घड़ी की सुई के विपरीत दिशा में / Anti-clockwise) विक्षेपित हो जाती हैं। 3. 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक गर्म जलधारा है जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्तर-पूर्व की ओर प्रवाहित होती है और अपने साथ उष्ण जल लाकर उत्तर-पश्चिमी यूरोप के तटीय बंदरगाहों को सर्दियों में भी जमने से रोकती है (बंदरगाहों को खुला रखती है)। 4. ओसियो (Oyashio) और क्यूरिल (Kuril) ठंडी जलधाराएं हैं, जो प्रशांत महासागर के उत्तरी भाग में प्रवाहित होती हैं, और जब ये गर्म कुसियो (Kuroshio) जलधारा से मिलती हैं, तो वहाँ अत्यधिक घना कोहरा उत्पन्न होता है जो समुद्री नौवहन के लिए पूर्णतः सुरक्षित एवं अनुकूल परिस्थितियाँ प्रदान करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → चुम्बकीय पदार्थों के वर्गीकरण तथा उनके गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रतिचुम्बकीय पदार्थ (Diamagnetic substances) वे होते हैं जिन्हें किसी बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर वे क्षेत्र की विपरीत दिशा में बहुत कम चुम्बकीय हो जाते हैं और चुम्बकीय क्षेत्र के मजबूत हिस्से से कमजोर हिस्से की ओर प्रतिकर्षित होते हैं। 2. अनुचुम्बकीय पदार्थ (Paramagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में आंशिक रूप से चुम्बकीय हो जाते हैं और ताप बढ़ाने पर इनका चुम्बकीय गुण 'क्यूरी के नियम' (Curie's Law) के अनुसार बढ़ जाता है। 3. लौहचुम्बकीय पदार्थ (Ferromagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर अत्यंत प्रबल रूप से चुम्बकीय हो जाते हैं, और एक निश्चित ताप, जिसे 'क्यूरी ताप' (Curie Temperature) कहा जाता है, से अधिक ताप पर ये अनुचुम्बकीय पदार्थों की भाँति व्यवहार करने लगते हैं। 4. किसी चुम्बक के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर होती है, जबकि चुम्बक के बाहर यह उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव की ओर होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → पृथ्वी के वायुमण्डल के संगठन (Composition of Atmosphere) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वायुमण्डल में गैसों के कुल आयतन में नाइट्रोजन का प्रतिशत लगभग 78.08% तथा ऑक्सीजन का लगभग 20.95% है, जबकि तीसरी सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली गैस आर्गन है, जिसकी कुल आयतन में हिस्सेदारी लगभग 0.93% है। 2. कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प दोनों ही ग्रीनहाउस गैसें हैं जो पृथ्वी से निकलने वाली पार्थिव विकिरण को अवशोषित करती हैं, तथा वायुमण्डल में जलवाष्प की मात्रा भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर सामान्यतः बढ़ती जाती है। 3. ओजोन गैस, जो समताप मंडल (Stratosphere) के निचले हिस्से में विशेष रूप से पाई जाती है, सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करके पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है, और इस परत की मोटाई को 'डॉब्सन यूनिट' (Dobson Unit) में मापा जाता है। 4. वायुमण्डल में मौजूद धूलकण (Dust particles) और एरोसोल आर्द्राग्रही (Hygroscopic) केंद्र के रूप में कार्य करते हैं, जो संघनन की प्रक्रिया को सुगम बनाते हैं, जिसके बिना बादलों का निर्माण और वर्षा होना असंभव है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → चुम्बकत्व और चुम्बकीय पदार्थों (Magnetic Materials) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रतिचुम्बकीय पदार्थ (Diamagnetic Materials) वे पदार्थ होते हैं जो किसी बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में बहुत ही कमजोर रूप से चुम्बकीय हो जाते हैं और चुम्बकीय क्षेत्र के मजबूत हिस्से से कमजोर हिस्से की ओर प्रतिकर्षित होते हैं (जैसे बिस्मथ, तांबा, जल और सोना)। 2. अनुचुम्बकीय पदार्थ (Paramagnetic Materials) बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में हल्के से आकर्षित होते हैं और तापमान बढ़ने पर इनका चुम्बकीय गुण कम हो जाता है, जिसका पालन 'क्यूरी के नियम' (Curie's Law) द्वारा होता है (जैसे एल्युमिनियम, ऑक्सीजन और सोडियम)। 3. लौहचुम्बकीय पदार्थ (Ferromagnetic Materials) बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में बहुत तीव्रता से आकर्षित होते हैं और एक निश्चित तापमान, जिसे 'क्यूरी तापमान' (Curie Temperature) कहा जाता है, से अधिक तापमान करने पर ये अनुचुम्बकीय पदार्थों में परिवर्तित हो जाते हैं (जैसे लोहा, कोबाल्ट और निकल)। 4. पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र (Earth's Magnetic Field) मुख्य रूप से पृथ्वी के क्रोड में पिघली हुई अवस्था में मौजूद लोहे और निकल के संवहन धाराओं (Convection Currents) के कारण उत्पन्न होने वाले डायनेमो प्रभाव (Dynamo Effect) का परिणाम है, तथा इसके चुम्बकीय ध्रुव भौगोलिक ध्रुव के ठीक संपाती (Coincident) होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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