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BPSC TRE 4.0
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत बल आघूर्ण (Torque), जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) तथा कोणीय संवेग (Angular Momentum) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. बल आघूर्ण (Torque) एक सदिश राशि है, जो किसी अक्ष के परितः पिंड को घुमाने की प्रवृत्ति रखती है, और इसका मात्रक न्यूटन-मीटर (N-m) होता है, जो कि कार्य (Work) के मात्रक के समान ही विमीय सूत्र (Dimensional Formula) को प्रदर्शित करता है।
  2. 2. किसी दृढ़ पिंड का जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) केवल पिंड के द्रव्यमान पर निर्भर करता है, और घूर्णन अक्ष की स्थिति या द्रव्यमान के वितरण का इसके मान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
  3. 3. कोणीय संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Angular Momentum) यह बताता है कि यदि किसी निकाय पर कुल बाह्य बल आघूर्ण शून्य हो, तो उस निकाय का कुल कोणीय संवेग नियत (Constant) रहता है, जिसके कारण जब कोई घूमता हुआ आइस स्केटर अपनी बाहों को सिकोड़ता है, तो उसका कोणीय वेग बढ़ जाता है।
  4. 4. सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion) करने वाले किसी कण का त्वरण हमेशा विस्थापन के अनुक्रमानुपाती होता है और उसकी दिशा सदैव माध्य स्थिति की ओर (प्रत्यनयन बल के कारण) होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

यांत्रिकी के इस प्रश्न में कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 2 असत्य है क्योंकि किसी दृढ़ पिंड का जड़त्व आघूर्ण न केवल कुल द्रव्यमान पर, बल्कि घूर्णन अक्ष से द्रव्यमान के कणों की लंबवत दूरियों के वर्ग ($mr^2$) पर भी निर्भर करता है, यानी अक्ष बदलने पर जड़त्व आघूर्ण बदल जाता है। इसी प्रकार की उच्च-स्तरीय विषय सामग्री के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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