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BPSC TRE 4.0
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विभिन्न अधिवेशनों, उनके परिसमापनों तथा वैचारिक एवं संगठनात्मक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1905 के बनारस अधिवेशन की अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी, जिसमें पहली बार ब्रिटिश वस्तुओं और प्रशासन के बहिष्कार का प्रस्ताव नरमपंथियों के कड़े विरोध के बावजूद औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया था।
  2. 2. वर्ष 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में कांग्रेस के मंच से पहली बार 'स्वराज' (Self-Government) शब्द का आधिकारिक रूप से प्रयोग किया गया था तथा स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा से संबंधित चार प्रस्ताव पारित किए गए थे।
  3. 3. वर्ष 1916 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता अंबिका चरण मजुमदार ने की थी, जिसमें न केवल नरमदल और गरमदल के बीच ऐतिहासिक पुनर्मिलन हुआ, बल्कि कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच 'लखनऊ पैक्ट' पर भी सहमति बनी, जिसे बाद में जिन्ना और तिलक के प्रयासों से मूर्त रूप दिया गया था।
  4. 4. वर्ष 1929 के लाहौर अधिवेशन में पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में 'पूर्ण स्वराज' (Complete Independence) का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया था, और इसी अधिवेशन में यह निर्णय लिया गया कि आगामी 26 जनवरी 1930 को पूरे देश में प्रथम 'स्वाधीनता दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि 1905 के बनारस अधिवेशन में गोपाल कृष्ण गोखले ने अध्यक्षता की थी, किंतु इसमें ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार का समर्थन केवल बंगाल तक सीमित रखने पर सहमति बनी थी, संपूर्ण देश में बहिष्कार और स्वदेशी का प्रस्ताव 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में चरमपंथियों के दबाव में व्यापक रूप से स्वीकार किया गया था। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। इस प्रकार के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रश्नों का गहन अभ्यास करने के लिए हमारे बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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