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BPSC TRE 4.0
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परमाणु भौतिकी तथा रेडियोसक्रियता (Radioactivity) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी रेडियोसक्रिय तत्व की अर्ध-आयु (Half-life) उसके क्षय नियतांक (Decay constant) के व्युत्क्रमानुपाती होती है तथा यह उस तत्व की प्रारंभिक मात्रा और बाहरी ताप एवं दाब पर निर्भर करती है।
- 2. अल्फा ($$\alpha$$) क्षय के दौरान जनक नाभिक का परमाणु क्रमांक 2 इकाई तथा द्रव्यमान संख्या 4 इकाई कम हो जाती है, जबकि बीटा-ऋण ($$\beta^-$$) क्षय में परमाणु क्रमांक 1 इकाई बढ़ जाता है और द्रव्यमान संख्या अपरिवर्तित रहती है।
- 3. नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission) की श्रृंखला अभिक्रिया को नियंत्रित करने के लिए कैडमियम या बोरॉन की छड़ों का उपयोग किया जाता है, जो न्यूट्रॉनों को अवशोषित करती हैं, जबकि भारी पानी ($$D_2O$$) का उपयोग मंदक (Moderator) के रूप में किया जाता है।
- 4. सूर्य एवं अन्य तारों में ऊर्जा का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) है, जो अत्यधिक उच्च ताप और दाब पर हाइड्रोजन नाभिकों के संलयन से हीलियम नाभिक बनाने की प्रक्रिया पर आधारित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि किसी रेडियोसक्रिय तत्व की अर्ध-आयु ($$T_{1/2} = \frac{0.693}{\lambda}$$) उसके क्षय नियतांक ($$\lambda$$) के व्युत्क्रमानुपाती तो होती है, किंतु यह तत्व की प्रारंभिक मात्रा, तापमान, दाब या किसी भी बाहरी भौतिक एवं रासायनिक कारकों से पूर्णतः स्वतंत्र होती है। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। अल्फा क्षय में द्रव्यमान संख्या में 4 तथा परमाणु क्रमांक में 2 की कमी आती है; बीटा-ऋण क्षय में न्यूट्रॉन प्रोटॉन में बदलता है जिससे परमाणु क्रमांक 1 से बढ़ जाता है; नाभिकीय रिएक्टर में कैडमियम छड़ें नियंत्रण छड़ (Control rods) का कार्य करती हैं; और तारों में ऊर्जा का स्रोत नाभिकीय संलयन है। अधिक तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न कालों, राजवंशों तथा सांस्कृतिक एवं आर्थिक गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्य साम्राज्य के प्रशासनिक तंत्र में 'अध्यक्ष' विभिन्न विभागों के अधीक्षक (Superintendents) होते थे, जिनका मुख्य कार्य कृषि, व्यापार, नौकायन और खनन जैसी आर्थिक गतिविधियों का नियंत्रण और नियमन करना था, जैसा कि कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में वर्णित है।
2. गुप्त काल के दौरान भूमि अनुदान (Land Grants) की प्रथा में व्यापक वृद्धि हुई, जिसमें 'अग्रहार' अनुदान मुख्य रूप से ब्राह्मणों और धार्मिक संस्थानों को दिए जाने वाले कर-मुक्त भूमि अनुदान थे, जबकि 'निबी-धर्म' का अर्थ ऐसी भूमि से था जिसे प्राप्तकर्ता केवल भोग सकता था, उसे बेचने या किसी अन्य को हस्तांतरित करने का कोई अधिकार नहीं था।
3. सातवाहन वंश के शासकों ने शीशे (Lead), तांबे और प्रोटीन के सिक्कों का बड़े पैमाने पर प्रचलन किया था, तथा उन्होंने ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि देने की परंपरा की शुरुआत की थी, जिसका विस्तृत उल्लेख नानाघाट और नासिक के अभिलेखों में मिलता है।
4. संगम काल के दौरान दक्षिण भारत में रोम और पश्चिमी देशों के साथ अत्यधिक समृद्ध विदेशी व्यापार होता था, जिसका मुख्य केंद्र केरल तट पर स्थित 'मुजिरीस' (Muziris) था, और इस व्यापार की पुष्टि प्लिनी के प्राकृतिक इतिहास (Naturalis Historia) तथा पुरातात्विक उत्खनन में मिले रोमन मृद्भांडों (Amphorae) से होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक 2025 के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से गलत हैं?
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कोल्ड कंडीशन्स में स्थिर (नॉन-डीकंपोजेबल) रहने वाला आर्टिफिशियल स्वीटनर निम्नलिखित में से कौन-सा है?
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बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनसे जुड़े ऐतिहासिक तथा भौगोलिक संदर्भों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजगीर में स्थित 'विश्व शांति स्तूप' (Vishwa Shanti Stupa) रत्नागिरी पहाड़ी की चोटी पर स्थित एक संगमरमर से निर्मित संरचना है, जिसका निर्माण जापानी बौद्ध भिक्षु फुजी गुरुजी द्वारा महात्मा बुद्ध की याद में करवाया गया था।
2. वैशाखी पूर्णिमा के पवित्र अवसर पर बौद्ध सर्किट का प्रमुख केंद्र रहने वाला वैशाली, भगवान बुद्ध के अंतिम उपदेश स्थल के रूप में जाना जाता है, जहाँ सम्राट अशोक द्वारा स्थापित प्रसिद्ध 'अशोक स्तंभ' (लौरिया नंदनगढ़ वाला) सिंह शीर्ष के बिना अवस्थित है।
3. कैमूर जिले में स्थित 'करकट गढ़ जलप्रपात' (Karkat Garh Waterfall) और तुतला भवानी मंदिर इको-टूरिज्म (Eco-tourism) के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं, जो विंध्यन पर्वत श्रृंखला के प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से परिपूर्ण हैं।
4. भागलपुर जिले में गंगा नदी के तट पर स्थित 'विक्रमशिला गंगेटिक डॉल्फिन अभ्यारण्य' देश का एकमात्र ऐसा अभ्यारण्य है जो मीठे पानी की डॉल्फिन के संरक्षण के लिए समर्पित है, तथा इसके समीप प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय के खंडहर भी स्थित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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शुष्क बर्फ (Dry Ice) क्या है?
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