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BPSC TRE 4.0
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बिहार में जनगणना 2011 के अंतिम आंकड़ों तथा राज्य के नगरीकरण एवं जनसंख्या वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जनगणना 2011 के अनुसार बिहार की कुल जनसंख्या 10,40,99,452 थी, जिसमें देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8.60 प्रतिशत हिस्सा निवास करता है, और बिहार जनसंख्या के मामले में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है।
- 2. बिहार में नगरीकरण का स्तर देश के औसत (31.1%) की तुलना में अत्यंत कम है, जहाँ राज्य की कुल जनसंख्या का मात्र 11.29 प्रतिशत भाग ही शहरी क्षेत्रों में निवास करता है, जो कि देश के सभी राज्यों में सबसे कम नगरीकरण प्रतिशतता में से एक है।
- 3. राज्य के जिलों में सर्वाधिक नगरीकृत जिला पटना है, जहाँ कुल जनसंख्या का लगभग 43.1% भाग शहरी क्षेत्रों में रहता है, जबकि सबसे कम नगरीकृत जिला समस्तीपुर है, जहाँ शहरी जनसंख्या का प्रतिशत मात्र 3.47% है।
- 4. जनगणना 2011 के अनुसार बिहार का जनसंख्या घनत्व 1106 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के सभी राज्यों में सर्वाधिक है, तथा राज्य में लिंगानुपात (Sex Ratio) 918 दर्ज किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जनगणना 2011 के अंतिम आंकड़ों के अनुसार बिहार से संबंधित दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। बिहार की कुल जनसंख्या 10.40 करोड़ है और देश में यह तीसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है। राज्य में नगरीकरण की दर मात्र 11.29% है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। सर्वाधिक नगरीकृत जिला पटना (43.1%) और सबसे कम समस्तीपुर है। इसके अतिरिक्त, 1106 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी के साथ बिहार देश का सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है और यहाँ का लिंगानुपात 918 है। BPSC TRE परीक्षा की तैयारी के लिए विस्तृत अध्ययन सामग्री और अभ्यास प्रश्नों हेतु बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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बिहार आर्थिक सर्वेक्षण और केंद्रीय बजट के नवीनतम समष्टि आर्थिक संकेतकों (Macroeconomic Indicators) तथा राजकोषीय प्रबंधन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वित्तीय वर्ष के दौरान बिहार का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का लगभग 2.81% दर्ज किया गया है, जो केंद्रीय एवं राज्य FRBM अधिनियम द्वारा निर्धारित 3% की सीमा के भीतर है।
2. राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में विभिन्न क्षेत्रों के योगदान के संदर्भ में, प्राथमिक क्षेत्र (कृषि एवं संवर्गीय) का योगदान लगभग 20.5% है, द्वितीयक क्षेत्र का योगदान लगभग 18.1% है, तथा सर्वाधिक योगदान तृतीयक (सेवा) क्षेत्र का लगभग 61.4% है।
3. केंद्रीय बजट में राजकोषीय समेकन (Fiscal Consolidation) के मार्ग का अनुसरण करते हुए केंद्र सरकार ने राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.5% से नीचे लाने का लक्ष्य वर्ष 2025-26 तक निर्धारित किया है।
4. बिहार सरकार द्वारा अपने कुल बजट व्यय का एक बहुत बड़ा हिस्सा सामाजिक सेवाओं (शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याण) पर आवंटित किया जाता है, जो कुल व्यय का लगभग 40% से अधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरलों तथा वायसराय के कार्यकाल, उनकी नीतियों और उनके समय में घटित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल में 'विगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के अंतर्गत सतारा, जैतपुर, संबलपुर, उदयपुर, नागपुर और झाँसी का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया गया था, तथा इसी वायसराय के समय 1853 में बॉिम्बे से ठाणे के बीच पहली यात्री ट्रेन चलाई गई थी और लोक निर्माण विभाग (PWD) की स्थापना हुई थी।
2. लॉर्ड कर्जन के कार्यकाल में वर्ष 1904 में भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित किया गया, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा करना था, तथा इसी के समय प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम पारित हुआ और 1905 में बंगाल का विभाजन किया गया था।
3. लॉर्ड वेलेडजी द्वारा भारत में अंग्रेजी साम्राज्य के विस्तार के लिए 'सहायक संधि प्रणाली' (Subsidiary Alliance) की शुरुआत की गई थी, जिसे स्वीकार करने वाला सबसे पहला भारतीय राज्य हैदराबाद (1798) था, जिसके बाद मैसूर और तंजावुर ने भी इसे स्वीकार किया था।
4. लॉर्ड माउंटबेटन स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल थे, और उनके कार्यकाल में ब्रिटिश संसद द्वारा 15 जुलाई 1947 को 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947' पारित किया गया, जिसके तहत भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन राज्यों का सृजन हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पृथ्वी के आंतरिक भागों में उत्पन्न होने वाली विवर्तनिक हलचलों (Tectonic Movements) तथा ज्वालामुखी एवं भूकंपीय घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ज्वालामुखी उद्गार के दौरान निकलने वाले लावा में सिलिका की मात्रा जितनी अधिक होती है, वह उतना ही अधिक चिपचिपा (Viscous) और अम्लीय होता है, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक विस्फोटक उद्गार होते हैं, जैसे हवाई-तुल्य (Hawaiian) ज्वालामुखी जो सबसे अधिक विस्फोटक होते हैं।
2. भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली भूकम्पीय तरंगों में प्राथमिक तरंगें (P-Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यम से ही गमन करती हैं और तरल क्रोड (Liquid Outer Core) से गुजरने पर लुप्त हो जाती हैं।
3. 'रिएक्टर पैमाना' (Richter Scale) भूकंप की ऊर्जा या परिमाण (Magnitude) को मापने का एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है, जिसका अर्थ है कि पैमाने पर प्रत्येक अगली पूर्ण संख्या पिछली संख्या की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक आयाम और लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा मुक्त करती है।
4. प्रशांत महासागर की परिधि को 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) कहा जाता है, जहाँ दुनिया के लगभग 75 प्रतिशत से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी और लगभग 90 प्रतिशत भूकंप दर्ज किए जाते हैं, जिसका मुख्य कारण पैसिफिक प्लेट का अन्य महाद्वीपीय प्लेटों के साथ अभिसरण (Convergent Boundary) होना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पृथ्वी के वायुमंडल के संगठन और विभिन्न गैसों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल में आयतन के दृष्टिकोण से नाइट्रोजन (लगभग 78.08%) और ऑक्सीजन (लगभग 20.95%) कुल गैसों का लगभग 99% हिस्सा बनाते हैं, जबकि आर्गन तीसरी सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली अक्रिय गैस है।
2. कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प दोनों ही ग्रीनहाउस गैसें हैं, किंतु जलवाष्प की मात्रा वायुमंडलीय परतों में ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ तेजी से बढ़ती है, जबकि कार्बन डाइऑक्साइड का वितरण समताप मंडल तक समान रूप से पाया जाता है।
3. ओजोन गैस (O₃) मुख्य रूप से समताप मंडल (Stratosphere) के निचले हिस्से में 15 से 35 किलोमीटर की ऊँचाई के बीच केंद्रित होती है, जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV-B और UV-C) किरणों को अवशोषित कर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है।
4. वायुमंडल में मौजूद धूलकण (Aerosols) और नमक के कण आर्द्राग्राही नाभिक (Hygroscopic Nuclei) के रूप में कार्य करते हैं, जिनके बिना बादलों का निर्माण और संघनन की प्रक्रिया संभव नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्रकाश के अपवर्तन और पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की परिघटना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और उसका आपतन कोण क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो प्रकाश का अपवर्तन होने के बजाय वह उसी माध्यम में पूर्ण रूप से परावर्तित हो जाता है, जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं।
2. हीरा (Diamond) का चमकना, रेगिस्तान में मरीचिका (Mirage) का दिखाई देना और ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fibre) का कार्य करना पूर्ण आंतरिक परावर्तन के प्रमुख व्यावहारिक उदाहरण हैं।
3. तारों का टिमटिमाना (Twinkling of stars) प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन का सबसे बेहतरीन उदाहरण है, क्योंकि वायुमंडलीय परतों के घनत्व में लगातार परिवर्तन के कारण प्रकाश की किरणें बार-बार पूर्ण आंतरिक परावर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुँचती हैं।
4. अपवर्तन के नियम (स्नेल का नियम) के अनुसार, आपतन कोण की ज्या (Sine of angle of incidence) और अपवर्तन कोण की ज्या (Sine of angle of refraction) का अनुपात एक नियतांक होता है, जो दोनों माध्यमों के युग्म के लिए और प्रयुक्त प्रकाश के रंग (तरंगदैर्ध्य) के लिए भी भिन्न होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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