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BPSC TRE 4.0
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1857 के महान विद्रोह के स्वरूप, उसके कारणों और विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व करने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वी.डी. सावरकर ने अपनी पुस्तक 'द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस 1857' में इस विद्रोह को केवल एक 'सिपाही विद्रोह' न कहकर सुनियोजित प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के रूप में वर्णित किया था, जबकि इतिहासकार आर.सी. मजुमदार ने इसे न तो प्रथम, न ही राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम माना था।
- 2. बिहार के जगदीशपुर में विद्रोह का नेतृत्व करने वाले बाबू कुंवर सिंह ने दानापुर के विद्रोही सिपाहियों के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना के विरुद्ध कड़ा संघर्ष किया था, और उन्होंने ब्रिटिश गवर्नर-जनरल लॉर्ड कैनिंग की नीतियों के विरोध में इस आंदोलन की रूपरेखा पटना में ही तैयार की थी।
- 3. अवध (लखनऊ) में विद्रोह का नेतृत्व बेगम हज़रत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिश कादिर को नवाब घोषित करके किया था, और ब्रिटिश कमिश्नर हेनरी लॉरेंस तथा आउट्राम के विरुद्ध यहाँ की स्थानीय जनता और तात्या टोपे ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया था।
- 4. झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने 'व्यपगत सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के तहत उनके दत्तक पुत्र को उत्तराधिकारी न माने जाने के कारण अंग्रेजों के विरुद्ध हथियार उठाया था, और ग्वालियर के पतन के बाद तात्या टोपे के साथ मिलकर उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध guerilla युद्ध का सफल संचालन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। वी.डी. सावरकर ने 1857 के विद्रोह को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहा था, बेगम हज़रत महल ने लखनऊ से और रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी से नेतृत्व किया था। किंतु कथन 2 असत्य है क्योंकि बाबू कुंवर सिंह ने विद्रोह की योजना पटना में नहीं बल्कि आरा और जगदीशपुर के स्थानीय नेतृत्व के आधार पर संचालित की थी तथा दानापुर के सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह किया था, जबकि कुंवर सिंह ने सीधे ब्रिटिश नीतियों और स्थानीय जमींदारों के असंतोष को आधार बनाया था। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की संपूर्ण तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और सिंचाई प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोसी परियोजना, जो भारत और नेपाल की एक संयुक्त परियोजना है, के तहत नेपाल के हनुमाननगर के समीप एक बराज का निर्माण किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई सुविधाओं का विकास करना है।
2. गंडक परियोजना (जिसे वाल्मीकि नगर बराज परियोजना भी कहा जाता है) के अंतर्गत त्रिवेणी नहर प्रणाली से बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों को भी सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जाता है।
3. सोन नहर प्रणाली, जो बिहार की सबसे पुरानी नहर प्रणालियों में से एक है, की शुरुआत डेहरी-ऑन-सोन से की गई थी और यह मुख्य रूप से शाहबाद क्षेत्र (भोजपुर, रोहतास, बक्सर और कैमूर) के कृषि भूमि को सिंचित करती है।
4. दुर्गावती जलाशय परियोजना कैमूर जिले के करमचट में दुर्गावती नदी पर निर्मित एक प्रमुख सिंचाई परियोजना है, जिससे केवल उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के किसानों को ही सिंचाई का लाभ मिलता है, जबकि बिहार का क्षेत्र इससे पूरी तरह वंचित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के आपात उपबंधों (भाग XVIII) और संविधान संशोधन प्रक्रिया (भाग XX) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की घोषणा के समय अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, बशर्ते आपातकाल युद्ध या बाहरी आक्रमण के आधार पर घोषित किया गया हो, न कि सशस्त्र विद्रोह के आधार पर।
2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी निलंबित नहीं किया जा सकता है।
3. संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368) को संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है, और यदि दोनों सदनों के बीच संशोधन पर गतिरोध उत्पन्न होता है, तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 108 के तहत संयुक्त बैठक बुलाकर इसे पारित करा सकते हैं।
4. सर्वोच्च न्यायालय के 'केशवानंद भारती वाद' (1973) के निर्णय के अनुसार, संसद अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन कर सकती है, परंतु वह संविधान के 'मूल ढांचे' (Basic Structure) को नष्ट या परिवर्तित नहीं कर सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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साम्प्रदायिक अवार्ड एवं पूना पैक्ट में क्रमशः दलित वर्ग के लिये कितनी सीटें दी गयीं?
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बिहार में प्रस्तावित अत्याधुनिक स्पोर्ट्स विलेज का विकास किस जिले में किया जाएगा?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत स्थानीय स्वशासन (पंचायत और नगरपालिका) तथा सहकारी समितियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा संविधान में भाग IX जोड़ा गया, जिसके अनुच्छेद 243-G के तहत ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए 29 विषयों पर कार्य करने की शक्ति दी गई है, तथा राज्य वित्त आयोग का गठन प्रत्येक पाँच वर्ष पर राज्यपाल द्वारा किया जाता है।
2. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा शहरी स्थानीय निकायों के लिए भाग IX-A जोड़ा गया, जिसके तहत महानगरों के विकास योजनाओं के प्रारूप तैयार करने के लिए 'महानगर योजना समिति' (Metropolitan Planning Committee) के गठन का प्रावधान अनुच्छेद 243-ZE के अंतर्गत किया गया है।
3. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा सहकारी समितियों को संवैधानिक संरक्षण प्रदान करते हुए अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत सहकारी समिति बनाने के अधिकार को एक मूल अधिकार बनाया गया, तथा संविधान में नया भाग IX-B (अनुच्छेद 243-ZH से 243-ZT) जोड़ा गया।
4. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ' मामले में दिए गए निर्णय में यह स्पष्ट किया गया कि चूंकि 97वें संविधान संशोधन अधिनियम को संसद के दोनों सदनों से विशेष बहुमत से पारित कराने के बाद आधे से अधिक राज्यों के विधानमंडलों से अनुसमर्थन नहीं कराया गया था, इसलिए इस संशोधन द्वारा जोड़े गए भाग IX-B के बहु-राज्यीय सहकारी समितियों (Multi-State Cooperative Societies) से संबंधित प्रावधान भी पूरी तरह से असंवैधानिक घोषित कर दिए गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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