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BPSC TRE 4.0
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मौर्य साम्राज्य और मौयोट्तर काल (शंग, कान्व, सातवाहन और कुषाण वंश) के प्रशासनिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मौर्य प्रशासन में 'समाहर्ता' (Samahartri) का मुख्य कार्य राज्य के आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना और वार्षिक बजट तैयार करना था, जबकि 'संनिधाता' (Sanidhartri) राजकीय कोषागार और भण्डागार का मुख्य अधिकारी होता था।
- 2. सातवाहन शासकों ने अपने सिक्कों पर प्राकृत के साथ-साथ तमिल और तेलुगु भाषाओं का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया था, और उन्होंने ब्राह्मणों तथा बौद्ध भिक्षुओं को भूमि अनुदान (Land Grants) देने की प्रथा का सर्वप्रथम बड़े स्तर पर आरंभ किया था।
- 3. कुषाण वंश के सबसे प्रसिद्ध शासक कनिष्ठ के शासनकाल में पुरुषपुर (पेशावर) में चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन हुआ था, जिसमें महायान बौद्ध मत को आधिकारिक रूप से संरक्षण मिला तथा गांधार एवं मथुरा कला शैलियों का अभूतपूर्व विकास हुआ।
- 4. मौर्योत्तर काल में भारत और रोमन साम्राज्य के मध्य अत्यधिक मात्रा में विदेशी व्यापार होता था, जिसके प्रमाण के रूप में दक्षिण भारत से रोमन स्वर्ण सिक्के (Denarii) बड़ी संख्या में प्राप्त हुए हैं, और इस व्यापार का मुख्य बंदरगाह पश्चिमी तट पर स्थित 'भारूच' (भ्रुकच्छ) था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि मौर्य प्रशासनिक व्यवस्था में 'समाहर्ता' राजस्व संग्रह और आय-व्यय के लेखा-जोखा के लिए उत्तरदायी था, और 'संनिधाता' कोषागार तथा भण्डागार का प्रमुख था। कथन 2 असत्य है क्योंकि सातवाहन शासकों ने प्राकृत और संस्कृत को अपने अभिलेखों व सिक्कों में प्राथमिकता दी थी, न कि तमिल और तेलुगु को (यद्यपि वे प्राकृत भाषी थे)। कथन 3 सत्य है, कनिष्क के समय कुषाण काल में चतुर्थ बौद्ध संगीति हुई थी और महायान मत का प्रसार हुआ था। कथन 4 सत्य है, रोमन साम्राज्य के साथ व्यापार के प्रमाण दक्षिण भारत से मिले हैं और भृगुकच्छ (Broach) एक प्रमुख बंदरगाह था। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए इस प्रकार के ऐतिहासिक और विश्लेषणात्मक प्रश्नों का अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है।
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मानव शरीर में विभिन्न पोषक पदार्थों (Nutrients), उनकी रासायनिक संरचना और चयापचय (Metabolism) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वृहद् पोषक तत्वों (Macronutrients) में कार्बोहाइड्रेट और वसा शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के मुख्य स्रोत हैं, जहाँ 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट के ऑक्सीकरण से लगभग 4.0 किलोकैलोरी ऊर्जा मिलती है, जबकि 1 ग्राम वसा के पूर्ण ऑक्सीकरण से लगभग 9.1 किलोकैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है।
2. प्रोटीन जटिल नाइट्रोजनयुक्त कार्बनिक यौगिक हैं जो अमीनो अम्लों की इकाइयों से पेप्टाइड बंधों द्वारा जुड़े होते हैं, और मानव शरीर में कुल आवश्यक अमीनो अम्लों में से कुछ अमीनो अम्ल शरीर द्वारा संश्लेषित नहीं किए जा सकते जिन्हें 'आवश्यक अमीनो अम्ल' (Essential Amino Acids) कहा जाता है।
3. विटामिन 'सी' (एस्कॉर्बिक अम्ल) एक जल-विलेय विटामिन है जो हमारे शरीर में यकृत (Liver) के भीतर प्रचुर मात्रा में संचित रहता है और इसकी कमी से 'बेरी-बेरी' नामक रोग होता है।
4. खनिज लवणों में आयरन (লোহা) हीमोग्लोबिन के संश्लेषण के लिए आवश्यक है, जबकि आयोडीन की कमी से थायराइड ग्रंथि में सूजन आ जाती है जिसे घेंघा (Goitre) रोग कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में 1937 में गठित प्रथम भारतीय मंत्रिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विविध पक्षों, साहित्यिक कृतियों, विदेशी यात्रियों के विवरण और पुरातात्विक साक्ष्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेगस्थनीज द्वारा रचित 'इंडिका' (Indica) मूल रूप से अपने पूर्ण और अखंड रूप में आज भी उपलब्ध है, जिसमें मौर्यकालीन समाज को सात जातियों में विभाजित होने का स्पष्ट उल्लेख मिलता है, और उसने यह भी लिखा था कि भारत में दास प्रथा का पूर्ण अभाव था।
2. कलहण की प्रसिद्ध ऐतिहासिक कृति 'राजतरंगिणी' (Rajatarangini) को संस्कृत साहित्य का पहला वास्तविक ऐतिहासिक ग्रंथ माना जाता है, जिसमें मुख्य रूप से कश्मीर के राजाओं का इतिहास आठवीं शताब्दी से लेकर बारहवीं शताब्दी तक क्रमिक रूप से वर्णित है।
3. चीनी यात्री ह्वेनसांग (Hiuen Tsang), जो हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था, ने अपनी यात्रा वृत्तांत 'सी-यू-की' (Si-Yu-Ki) में तत्कालीन भारतीय समाज, न्याय व्यवस्था, बौद्ध धर्म की स्थिति और नालंदा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक कार्यप्रणाली का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है।
4. रुद्रादामन के 'जूनागढ़ अभिलेख' (Junagadh Rock Inscription) को संस्कृत भाषा में लिखा गया पहला लंबा और महत्वपूर्ण अभिलेख माना जाता है, जिसमें चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक के समय से चली आ रही सुदर्शन झील के निर्माण और उसके जीर्णोद्धार का प्रामाणिक विवरण मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत ने ब्रिटिश शासन से किस वर्ष में स्वतंत्रता प्राप्त की?
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बेगूसराय जिले में संचालित लघु औद्योगिक समूहों के संबंध में कौन से कथन सही हैं?
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