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BPSC TRE 4.0
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न स्रोतों, साहित्यिक कृतियों और पुरातात्विक साक्ष्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कौटिल्य द्वारा रचित 'अर्थशास्त्र' ग्रंथ मौर्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था, गुप्तचर प्रणाली और अर्थव्यवस्था की जानकारी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रमाणिक स्रोत है, जो कुल 15 अधिकरणों और 180 प्रकरणाड़ों में विभाजित है।
  2. 2. कलहण द्वारा रचित 'राजतरंगिणी' को संस्कृत साहित्य का प्रथम ऐतिहासिक ग्रंथ माना जाता है, जिसमें मुख्य रूप से कश्मीर के इतिहास का क्रमिक विवरण 8 तरंगों में प्रस्तुत किया गया है, और इसका समापन जयसिंह के शासनकाल के साथ होता है।
  3. 3. विशाखदत्त द्वारा रचित संस्कृत नाटक 'मुद्राराक्षस' में चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा चाणक्य की सहायता से नंद वंश के पतन और मौर्य साम्राज्य की स्थापना का विस्तृत विवरण मिलता है, साथ ही इसमें चंद्रगुप्त को 'वृषल' (निम्न कुल का) कहकर संबोधित किया गया है।
  4. 4. बानभट्ट द्वारा रचित 'हर्षचरित' में गुप्त वंश के सम्राट समुद्रगुप्त की दिग्विजय यात्राओं और उसकी सांस्कृतिक उपलब्धियों का विशद वर्णन किया गया है, जो गुप्तकालीन स्वर्ण युग की पुष्टि करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। कौटिल्य (चाणक्य) का 'अर्थशास्त्र' 15 अधिकरणों में बंटा मौर्यकालीन राजनीति व प्रशासन का दर्पण है। कलहण की 'राजतरंगिणी' कश्मीर का प्रामाणिक इतिहास है जो 8 तरंगों में रचित है। विशाखदत्त के नाटक 'मुद्राराक्षस' में मौर्य स्थापना और 'वृषल' शब्द का उल्लेख मिलता है। किंतु कथन 4 असत्य है क्योंकि 'हर्षचरित' बानभट्ट द्वारा सम्राट हर्षवर्धन के जीवन पर लिखा गया ग्रंथ है, न कि समुद्रगुप्त पर। ऐसे ही उत्कृष्ट प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में 'महाजनपद काल' और 'मौर्योत्तर काल' की विभिन्न व्यवस्थाओं, प्रशासनिक इकाइयों तथा अर्थव्यवस्था से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी, जो अपने सुदृढ़ समुद्री और स्थलीय व्यापारिक मार्गों के लिए प्रसिद्ध थी, तथा इसका उल्लेख बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' के साथ-साथ जैन ग्रंथों में भी प्रमुखता से मिलता है। 2. मौर्योत्तर काल में सातवाहन राजवंश के दौरान भूमि अनुदान (Land Grants) देने की प्रथा का व्यापक विस्तार हुआ, जिसमें राजाओं द्वारा बौद्ध संघों और ब्राह्मणों को कर-मुक्त भूमि प्रदान की जाने लगी, जिससे सामंती व्यवस्था के प्रारंभिक बीज पड़े। 3. संगम काल (दक्षिण भारत का प्राचीन इतिहास) के दौरान उरैयूर 'चोल' राजवंश की प्रारंभिक राजधानी थी, जो सूती कपड़ों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक अत्यंत समृद्ध केंद्र था, जबकि 'पांड्य' राजवंश की राजधानी मदुरै थी। 4. गुप्तोत्तर काल के दौरान हर्षवर्द्धन के प्रशासन में प्रांतीय प्रमुखों को 'उपरिक' कहा जाता था, जबकि जिलों (विषय) के प्रशासनिक अधिकारियों को 'विषयपति' कहा जाता था, और इस काल में नगरीय अर्थव्यवस्था की तुलना में सामंती व ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक प्रभावी हो चुकी थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? बिहार की जनगणना 2011 के आंकड़ों और जनसांख्यिकी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 2011 की अंतिम जनगणना के अनुसार, बिहार की कुल जनसंख्या 10,40,99,452 है, जो देश की कुल जनसंख्या का 8.60 प्रतिशत है और जनसंख्या की दृष्टि से बिहार भारत का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। 2. बिहार का कुल साक्षरता दर 61.80 प्रतिशत है, जिसमें पुरुष साक्षरता दर 71.20 प्रतिशत और महिला साक्षरता दर 51.50 प्रतिशत दर्ज की गई है, तथा राज्य में सर्वाधिक साक्षरता वाला जिला रोहतास (73.37%) है। 3. राज्य का कुल लिंगानुपात 918 है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लिंगानुपात 921 और शहरी क्षेत्रों में यह घटकर 895 रह जाता है, तथा गोपालगंज जिला 1021 के लिंगानुपात के साथ राज्य में शीर्ष स्थान पर है। 4. बिहार का जनसंख्या घनत्व 1,106 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के सभी राज्यों में सर्वोच्च है, और गोपालगंज जिला 1880 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर के साथ सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला जिला है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? छठी शताब्दी ईसा पूर्व के प्राचीन भारतीय इतिहास में 'सोलह महाजनपदों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में प्राचीन भारत के सोलह महाजनपदों की स्पष्ट सूची मिलती है, जिसमें उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिशाली राज्य शामिल थे। 2. वज्जि महाजनपद आठ कुलों (अट्ठकुल) का एक शक्तिशाली संघ था, जिसकी राजधानी वैशाली थी और इसे विश्व के सबसे प्राचीन गणतंत्रों में से एक माना जाता है। 3. अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी, जो अपने समय में व्यापार और वाणिज्य का एक प्रमुख केंद्र था, तथा बाद में इसका विलय मगध साम्राज्य में बिंबिसार के शासनकाल में हुआ था। 4. अस्सक (अश्मक) महाजनपद गोदावरी नदी के तट पर स्थित एकमात्र महाजनपद था, जिसकी राजधानी पोटली या पोतन थी, और यह दक्षिण भारत में स्थित था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारतीय संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) तथा संघ एवं उसके राज्य क्षेत्रों (अनुच्छेद 1-4) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की उद्देशिका में अब तक केवल एक बार 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संशोधन किया गया है, जिसके माध्यम से इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए, तथा उद्देशिका प्रकृति से न्यायोचित (Justiciable) है, यानी इसके प्रावधानों को न्यायालय द्वारा लागू कराया जा सकता है। 2. अनुच्छेद 2 संसद को विधि द्वारा ऐसे 'नए राज्यों के प्रवेश या उनकी स्थापना' की शक्ति देता है जो भारतीय संघ का हिस्सा नहीं हैं (जैसे सिक्किम का प्रवेश), जबकि अनुच्छेद 3 भारतीय संघ के 'मौजूदा राज्यों' के पुनर्गठन से संबंधित है। 3. अनुच्छेद 3 के तहत किसी नए राज्य के निर्माण या उसकी सीमा में परिवर्तन से संबंधित विधेयक को संसद में पेश करने से पहले राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश आवश्यक है, और राष्ट्रपति को यह विधेयक संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास उसका मत जानने के लिए भेजना होता है, जो संसद के लिए पूर्णतः बाध्यकारी होता है। 4. 'बेरुबारी यूनियन वाद' (1960) में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि उद्देशिका संविधान का भाग है, किंतु बाद में 'केशवानंद भारती वाद' (1973) में इस निर्णय को बदलते हुए न्यायालय ने कहा कि उद्देशिका संविधान का भाग नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? किस देश ने जापान को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा ऋणदाता देश बनने का गौरव हासिल किया है?
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