त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
1 views
प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में 'महाजनपद काल' और 'मौर्योत्तर काल' की विभिन्न व्यवस्थाओं, प्रशासनिक इकाइयों तथा अर्थव्यवस्था से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी, जो अपने सुदृढ़ समुद्री और स्थलीय व्यापारिक मार्गों के लिए प्रसिद्ध थी, तथा इसका उल्लेख बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' के साथ-साथ जैन ग्रंथों में भी प्रमुखता से मिलता है।
- 2. मौर्योत्तर काल में सातवाहन राजवंश के दौरान भूमि अनुदान (Land Grants) देने की प्रथा का व्यापक विस्तार हुआ, जिसमें राजाओं द्वारा बौद्ध संघों और ब्राह्मणों को कर-मुक्त भूमि प्रदान की जाने लगी, जिससे सामंती व्यवस्था के प्रारंभिक बीज पड़े।
- 3. संगम काल (दक्षिण भारत का प्राचीन इतिहास) के दौरान उरैयूर 'चोल' राजवंश की प्रारंभिक राजधानी थी, जो सूती कपड़ों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक अत्यंत समृद्ध केंद्र था, जबकि 'पांड्य' राजवंश की राजधानी मदुरै थी।
- 4. गुप्तोत्तर काल के दौरान हर्षवर्द्धन के प्रशासन में प्रांतीय प्रमुखों को 'उपरिक' कहा जाता था, जबकि जिलों (विषय) के प्रशासनिक अधिकारियों को 'विषयपति' कहा जाता था, और इस काल में नगरीय अर्थव्यवस्था की तुलना में सामंती व ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक प्रभावी हो चुकी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। महाजनपद काल से लेकर गुप्तोत्तर काल तक की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक व्यवस्थाओं का यह संकलन प्राचीन भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करता है। सातवाहन काल में भूमि अनुदान की शुरुआत और संगम कालीन व्यापारिक केंद्र दक्षिण भारत के इतिहास के मुख्य स्तंभ हैं। इस प्रकार के उच्च स्तरीय प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें और अपनी तैयारी को मजबूती दें।
Related Questions
→
भारत छोड़ो आंदोलन (1942) तथा स्वतंत्रता एवं विभाजन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के ग्वालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किए जाने के तुरंत बाद, ब्रिटिश शासन ने 'ऑपरेशन ज़ीरो आवर्स' के तहत कांग्रेस के सभी शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया, जिसके परिणामस्वरूप यह आंदोलन पूरी तरह से एक 'नेताविहीन स्वतःस्फूर्त जनआंदोलन' (Leaderless Spontaneous Movement) के रूप में देश भर में फैल गया।
2. वर्ष 1946 में भारत आई 'कैबिनेट मिशन योजना' ने मुस्लिम लीग की 'पाकिस्तान' की मांग को पूर्णतः और स्पष्ट रूप से स्वीकार कर लिया था, और इसी योजना के तहत अंतरिम सरकार के गठन का प्रावधान किया गया था जिसमें जिन्ना को प्रधानमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव था।
3. सी. राजगोपालाचारी ने वर्ष 1944 में प्रस्तुत अपने फार्मूले (Rajaji Formula) में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौते का प्रयास किया था, जिसके तहत उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के मुस्लिम बहुसंख्यक क्षेत्रों में भविष्य में 'आत्मनिर्णय के अधिकार' के तहत जनमत संग्रह कराने की बात कही गई थी, जिसे जिन्ना ने अस्वीकार कर दिया था।
4. भारत की स्वतंत्रता और देश के विभाजन की घोषणा करते हुए 3 जून 1947 को ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली द्वारा प्रस्तुत 'माउंटबेटन योजना' (Mountbatten Plan) के अनुसार, बंगाल और पंजाब की विधानसभाओं में हिंदू और मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के सदस्यों की अलग बैठकें आयोजित की गई थीं, जिसमें इन दोनों प्रांतों के विभाजन का निर्णय लिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार के प्रमुख उद्योग, खनिज संसाधनों और ऊर्जा अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार के रोहतास और कैमूर जिलों में विंध्यन क्रम की चट्टानों में उच्च कोटि के चूना पत्थर के विशाल भंडार पाए जाते हैं, जिनका उपयोग बंजारी और डालमियानगर के सीमेंट उद्योगों में कच्चे माल के रूप में किया जाता है।
2. जमुई जिले के झाझा और मलयपुर क्षेत्र में देश के कुल स्वर्ण भंडार का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा होने की पुष्टि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा की गई है, जो राज्य के खनिज परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण खोज है।
3. औरंगाबाद जिले के नवीनगर में स्थित 'नवीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट' (BRBCL) एक कोयला आधारित विद्युत संयंत्र है, जिसे पूरी तरह से एनटीपीसी (NTPC) द्वारा संचालित किया जाता है और इसमें भारतीय रेलवे की कोई भागीदारी नहीं है।
4. बरौनी (बेगूसराय) तेल शोधक कारखाने को वर्ष 1964 में तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) और रोमानिया के तकनीकी सहयोग से स्थापित किया गया था, जो राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों के प्रसंस्करण का प्रमुख केंद्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय व देशांतर रेखाओं तथा मानक समय रेखा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का मुख्य भूभाग 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश तथा 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर के बीच फैला हुआ है, जिससे इसकी उत्तर से दक्षिण की वास्तविक लंबाई पूर्व से पश्चिम की चौड़ाई की तुलना में अधिक है।
2. भारत का मानक समय (IST) 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा पर आधारित है, जो मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) से गुजरती है और यह ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है, तथा यह देशांतर रेखा कुल 5 राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है।
3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर) भारत के लगभग मध्य से होकर गुजरती है और यह देश के कुल 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से गुजरती है, जिसमें त्रिपुरा की राजधानी अगरतला कर्क रेखा के सबसे निकट स्थित राजधानी शहर है।
4. भारत की कुल स्थलीय सीमा लगभग 15,200 किलोमीटर है, जो सात देशों (पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश) के साथ लगती है, जिसमें सर्वाधिक लंबी स्थलीय सीमा बांग्लादेश के साथ और न्यूनतम स्थलीय सीमा अफगानिस्तान के साथ साझा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
सबसे अधिक घर्षण (Friction) किसमें होता है?
→
मध्यकालीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, दिल्ली सल्तनत और मुगल काल की प्रशासनिक व्यवस्था, भू-राजस्व प्रणालियों तथा सैन्य सुधारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सल्तनत काल में अलाउद्दीन खिलजी द्वारा सेना में भ्रष्टाचार रोकने के लिए घोड़ों को दागने (दाग) और सैनिकों का हुलिया लिखने की प्रथा की शुरुआत की गई थी, तथा उसने उपज का आधा भाग (50%) भू-राजस्व के रूप में सीधे नगद में वसूलने का आदेश दिया था।
2. सल्तनत काल के दौरान 'इक्ता व्यवस्था' एक प्रांतीय प्रशासनिक व्यवस्था थी, जिसे मोहम्मद बिन तुगलक द्वारा पहली बार वंशानुगत बनाया गया था, जिसके कारण इक्तदारों को अपने क्षेत्र से कर वसूलने के साथ-साथ सेना रखने का भी अधिकार मिल गया था।
3. मुगल सम्राट अकबर द्वारा लागू की गई 'दहसाला व्यवस्था' (या ज़ब्ती प्रणाली) टोडरमल के मार्गदर्शन में विकसित की गई थी, जिसके अंतर्गत पिछले दस वर्षों के दौरान विभिन्न फसलों के औसत उत्पादन और औसत बाजार मूल्य का आकलन करके भू-राजस्व का निर्धारण किया जाता था।
4. मुगल प्रशासनिक व्यवस्था में 'मनसबदारी प्रणाली' सैन्य और नागरिक दोनों अधिकारियों के लिए अनिवार्य थी, जिसे मंगोलों की दशमलव पद्धति पर आधारित किया गया था, और इसमें 'जात' पद पद की प्रतिष्ठा और वेतन को तथा 'सवार' पद घुड़सवार सैनिकों की संख्या को दर्शाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.