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BPSC TRE 4.0
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अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं (Latitudes and Longitudes) के भौगोलिक और खगोलीय संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. विषुवत वृत्त (Equator) से ध्रुवों की ओर जाने पर अक्षांश रेखाओं की लंबाई घटती जाती है, जबकि सभी देशान्तर रेखाएँ (Meridians of Longitude) समान लंबाई की होती हैं क्योंकि वे उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक मिलती हैं।
- 2. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) बिल्कुल 180° देशान्तर पर सीधी रेखा के रूप में उत्तर से दक्षिण तक खींची गई है, और यह बेरिंग जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है ताकि एक ही देश या द्वीप समूह में अलग-अलग तिथियाँ न हों।
- 3. पृथ्वी के अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमने के कारण प्रत्येक 1° देशान्तर पार करने में समय में 4 मिनट का अंतर आता है, और प्रमुख याम्योत्तर (Greenwich Meridian) से पूर्व की ओर जाने पर समय आगे (Plus) होता है तथा पश्चिम की ओर जाने पर समय पीछे (Minus) होता है।
- 4. दो क्रमिक अक्षांश रेखाओं के बीच की औसत दूरी लगभग 111 किलोमीटर होती है, जबकि दो क्रमिक देशान्तर रेखाओं के बीच की अधिकतम दूरी विषुवत रेखा पर सबसे अधिक होती है और ध्रुवों पर शून्य हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि विषुवत रेखा सबसे बड़ा वृत्त (Great Circle) है और ध्रुवों की तरफ जाने पर अक्षांश वृत्तों का आकार छोटा होता जाता है, जबकि सभी देशान्तर रेखाएँ अर्धवृत्त होती हैं और उनकी लंबाई समान होती है। कथन 2 असत्य है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा 180° देशान्तर पर पूरी तरह सीधी न होकर कुछ स्थानों पर (जैसे बेरिंग जलडमरूमध्य, फिजी, न्यूजीलैंड के द्वीप) स्थल खंडों को बचाने के लिए टेढ़ी (Zig-zag) बनाई गई है। कथन 3 सत्य है, पृथ्वी 360° देशान्तर 24 घंटे में घूमती है, अतः 1° घूमने में 4 मिनट का समय लगता है और ग्रीनविच से पूर्व की ओर समय आगे तथा पश्चिम की ओर पीछे होता है। कथन 4 सत्य है, दो अक्षांशों के बीच की दूरी लगभग 111 किमी होती है और देशान्तरों के बीच की दूरी विषुवत रेखा पर सर्वाधिक (लगभग 111.3 किमी) तथा ध्रुवों पर शून्य हो जाती है। अधिक अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार सरकार द्वारा राज्य में डिजिटल शासन, प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए 'बिहार पोर्टल' और डिजिटल पहलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विकसित 'बिहार ई-गवर्नेंस पोर्टल' के माध्यम से राज्य के नागरिकों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भू-अभिलेख और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ ऑनलाइन डिजिटल माध्यम से प्रदान किया जा रहा है।
2. भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण के लिए शुरू किए गए 'बिहार भूमि पोर्टल' (Biharbhoomi) पर नागरिक अपनी जमाबंदी पंजी, भू-नक्शा और खसरा विवरण घर बैठे ऑनलाइन देख सकते हैं, जिससे भूमि विवादों में कमी आई है।
3. राज्य के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों के दैनिक कार्यों और मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) योजना के सुचारू निगरानी के लिए शिक्षा विभाग द्वारा 'ई-शिक्षाकोष' (E-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप का सफल संचालन किया जा रहा है।
4. बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के तहत शुरू किया गया 'लोक सेवा अधिकार अधिनियम' (RTPS) पोर्टल नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जाति, आय, निवास और आय प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक लोक सेवाएँ ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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'प्रकाश संश्लेषण' (Photosynthesis) की प्रक्रिया में कौन सी गैस अवशोषित होती है?
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1757 से 1857 के मध्य भारत में हुए 'अन्य जन आंदोलनों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पाइका विद्रोह (1817), जो ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध एक सशस्त्र विद्रोह था, मुख्य रूप से ओडिशा क्षेत्र में बख्शी जगबंधु के नेतृत्व में हुआ था, जहाँ पारंपरिक मिलिशिया (पाइका) ने भूमि राजस्व नीतियों और नमक कर में वृद्धि का कड़ा विरोध किया था।
2. कित्तूर की रानी चेन्नम्मा ने ब्रिटिश शासन की 'व्यपगत सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति और अपने राज्य के आंतरिक मामलों में ब्रिटिश हस्तक्षेप के विरुद्ध वर्ष 1824 में कर्नाटक के कित्तूर में सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया था।
3. रामोसी विद्रोह, जिसका नेतृत्व चित्तूर सिंह और उमाजी नाइक ने किया था, पश्चिमी भारत के सतारा क्षेत्र में रामोसी जातियों द्वारा कंपनी सरकार की नई भूमि बंदोबस्त प्रणाली और बेरोजगारी की समस्या के खिलाफ संगठित किया गया था।
4. अहोम विद्रोह (1828), जिसका नेतृत्व गोमधर कुंवर ने किया था, असम क्षेत्र में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा प्रथम आंग्ल-बर्मा युद्ध के पश्चात किए गए वादों के मुकरने और प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करने के प्रयासों के विरुद्ध हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कोशिका चक्र (Cell Cycle) और कोशिका विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंतरावस्था (Interphase) के 'S' (संश्लेषण) चरण के दौरान डीएनए का प्रतिकृतिरण (Replication) होता है, जिसके परिणामस्वरूप यदि G1 चरण में डीएनए की मात्रा 2C थी, तो S चरण के अंत में यह बढ़कर 4C हो जाती है, किंतु गुणसूत्रों की संख्या (ploidy) में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
2. सूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था में गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा (Equator) पर व्यवस्थित हो जाते हैं, और इस अवस्था में गुणसूत्रों की आकृति का सबसे अच्छा अध्ययन किया जा सकता है।
3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) के दौरान होने वाली 'क्रॉसिंग ओवर' (Crossing Over) की प्रक्रिया 'पैकाइटीन' (Pachytene) उप-अवस्था में संपन्न होती है, जिसमें गैर-सह-प्रसुप्त (Non-sister) क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक पदार्थों का विनिमय होता है, और यह एंजाइम 'रिकॉम्बिनेस' (Recombinase) द्वारा उत्प्रेरित होती है।
4. पादप कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य विभाजन (Cytokinesis) 'कोशिका प्लेट' (Cell plate) पद्धति द्वारा होता है, जिसमें गोलगी बॉडी द्वारा स्रावित vesicles केंद्र से परिधि की ओर संलयित होते हैं, जो जंतु कोशिकाओं में पाए जाने वाले 'खांच निर्माण' (Cleavage furrow) विधि से पूरी तरह भिन्न है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में पर्यावरण रिपोर्ट, आपदा प्रबंधन और जलवायु संवेदनशीलता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, राज्य का उत्तर-पश्चिमी हिस्सा (जैसे पश्चिमी चंपारण) और उत्तर-पूर्वी हिस्सा भूकंपीय क्षेत्र (Seismic Zone) IV और V के अंतर्गत आते हैं, जो उच्च जोखिम वाले क्षेत्र हैं।
2. 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार, बिहार के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 7.84 प्रतिशत हिस्सा वन आवरण के अंतर्गत है, जिसमें कैमूर जिले में राज्य का सर्वाधिक वन क्षेत्र दर्ज किया गया है।
3. राज्य में दक्षिण बिहार के जिले (जैसे गया, औरंगाबाद, नवादा और कैमूर) सामान्यतः अत्यधिक मानसूनी बाढ़ की चपेट में रहते हैं, जबकि उत्तर बिहार के जिले (जैसे मधुबनी, सीतामढ़ी और दरभंगा) गंभीर सूखे की समस्या से स्थायी रूप से प्रभावित होते हैं।
4. पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा जलवायु परिवर्तन से निपटने और भूजल स्तर को सुधारने के लिए 'जल-जीवन-हरियाली अभियान' चलाया जा रहा है, जिसके तहत पारंपरिक आहर, पाین और तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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