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BPSC TRE 4.0
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान राजकुमार शुक्ल के विशेष अनुरोध पर महात्मा गांधी कलकत्ता से पटना पहुँचे थे, जहाँ ब्रजकिशोर प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिंह जैसे प्रख्यात वकीलों ने उनके साथ मिलकर चंपारण के किसानों की समस्याओं की जाँच का नेतृत्व किया था।
- 2. चंपारण कृषि अधिनियम (Champaran Agrarian Act, 1918) ने 'तीनकठिया पद्धति' को अवैध घोषित कर दिया, जिसके तहत किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करने के लिए बाध्य किया जाता था, और इस अधिनियम के बनने के बाद यूरोपीय बागान मालिकों को अवैध वसूली का एक हिस्सा किसानों को वापस करना पड़ा था।
- 3. वर्ष 1922 में गया में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन की अध्यक्षता देशबंधु चित्तरंजन दास ने की थी, जिसमें विधानमंडलों में प्रवेश के मुद्दे पर स्वराज पार्टी के गठन की रूपरेखा तैयार की गई थी और बिहार के नेताओं ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी।
- 4. वर्ष 1934 में पटना में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के ऐतिहासिक अधिवेशन के दौरान ही औपचारिक रूप से 'कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी' (CSP) की स्थापना की गई थी, जिसके प्रथम अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण और प्रथम सचिव आचार्य नरेंद्र देव बनाए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
चंपारण सत्याग्रह और स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की भूमिका अत्यंत गौरवशाली रही है। उपर्युक्त कथनों में कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि वर्ष 1934 में पटना के अंजन लाल चौधरी हॉल में आयोजित बैठक में 'कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी' (CSP) की औपचारिक स्थापना की गई थी, जिसके प्रथम अध्यक्ष आचार्य नरेंद्र देव और प्रथम महासचिव (सचिव) जयप्रकाश नारायण बनाए गए थे (न कि इसके विपरीत)। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की संपूर्ण तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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बिहार में कृषि उद्योग, व्यापार और आधारभूत संरचना के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार सरकार की 'बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (खाद्य प्रसंस्करण) नीति' के तहत कृषि-आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत सब्सिडी और अन्य वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जाते हैं, ताकि राज्य में कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन (Value Addition) को बढ़ाया जा सके।
2. राज्य में कृषि विपणन (Agricultural Marketing) को बेहतर बनाने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने वर्ष 2006 में 'कृषि उपज बाजार समिति' (APMC) अधिनियम को समाप्त कर दिया था, जिसके स्थान पर वर्तमान में निजी निवेश और ई-नाम (e-NAM) पोर्टलों के माध्यम से मंडियों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है।
3. बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए 'मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना' और 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' के तहत कृषि बाजारों को प्रमुख राजमार्गों और शहरी केंद्रों से जोड़ा जा रहा है, जिससे कृषि व्यापार सुगम हो सके।
4. बिहार से होने वाले कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से पटना और मुजफ्फरपुर में आधुनिक पैकहाउस और शीत भंडारण (Cold Storage) सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण राज्य से किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष कृषि निर्यात संभव नहीं हो पाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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निम्नलिखित में से किस राज्य में सर्वाधिक क्षेत्र वनों के अन्तर्गत पाया जाता है?
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बिहार की जलवायु, नदी तंत्र और प्रमुख कृषि पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी प्रकार की है, जिसमें उत्तर-पश्चिमी भाग में बंगाल की खाड़ी की शाखा से अधिक वर्षा होती है, जबकि राज्य के दक्षिण-पश्चिम भाग (जैसे रोहतास और औरंगाबाद) में महाद्वीपीय प्रभाव के कारण तापमान की अधिकता और अपेक्षाकृत कम वर्षा दर्ज की जाती है।
2. कोसी नदी, जिसे 'बिहार का शोक' कहा जाता है, अपने मार्ग परिवर्तन और भारी मात्रा में गाद (Silt) के निक्षेपण के लिए कुख्यात है, और यह नदी नेपाल के रास्ते मधेपुरा और सुपौल जिलों से होते हुए बिहार के मैदान में प्रवेश करती है तथा कटिहार के पास गंगा में मिलती है।
3. बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी (Retreating Monsoon) के दौरान अक्टूबर और नवंबर के महीनों में हल्की वर्षा होती है, जो राज्य के टाल क्षेत्रों और मैदानी भागों में रबी की फसलों (विशेषकर अरहर, चना और गेहूं) की प्रारंभिक बुवाई के लिए अत्यंत लाभदायक मानी जाती है।
4. सोन नदी, जो अमरकंटक पठार से निकलती है, बिहार में रोहतास जिले के सोननगर के पास प्रवेश करती है, और इसके जल का उपयोग त्रिवेणी नहर प्रणाली के माध्यम से उत्तरी चंपारण के कृषि क्षेत्रों की सिंचाई के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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किस तापमान पर हवा संतृप्त हो जाती है, जिससे संघनन की प्रक्रिया शुरू होती है?
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भौगोलिक क्षेत्र की दृष्टि से बिहार का निम्नलिखित में से कौन-सा जिला सबसे छोटा है?
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