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BPSC TRE 4.0
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के विविध प्रावधानों (Miscellany) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग का प्रावधान किया गया है, तथा एक ही अनुच्छेद के अंतर्गत दो या अधिक राज्यों के लिए 'संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग' (JSPSC) के गठन की शक्ति संसद को प्रदान की गई है, राष्ट्रपति को नहीं।
  2. 2. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) को पदमुक्त करने की प्रक्रिया वही है जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के लिए अपनाई जाती है, और CAG अपने पद पर छह वर्ष या पैंसठ वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक ही आसीन रह सकता है।
  3. 3. भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) को संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में भाग लेने और बोलने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है, किंतु उन्हें संसद में किसी भी मामले पर मतदान (Voting) करने का अधिकार नहीं है।
  4. 4. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संविधान संशोधन) के माध्यम से जोड़कर वर्तमान में कुल 22 भाषाएँ कर दिया गया है, और इसमें अंग्रेजी भाषा भी शामिल है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि दो या अधिक राज्यों के लिए 'संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग' (JSPSC) के गठन की शक्ति संसद के पास नहीं बल्कि राष्ट्रपति के पास है, जब संबंधित राज्य इस आशय का अनुरोध करते हैं। कथन 2 सत्य है; CAG को हटाने की प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समान होती है और कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु होता है। कथन 3 सत्य है; महान्यायवादी (अनुच्छेद 76) को संसद की बैठकों में बोलने का अधिकार है पर मतदान का नहीं। कथन 4 असत्य है क्योंकि संविधान की आठवीं अनुसूची में अंग्रेजी भाषा शामिल नहीं है। अधिक तैयारी और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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