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BPSC TRE 4.0
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न कालों, महाजनपदों, दार्शनिक प्रणालियों तथा साहित्यिक स्रोतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर वैदिक काल में प्रयुक्त 'शतमान' (Shatamana) और 'निष्का' (Nishka) प्रारंभिक भारतीय इतिहास में विनिमय के साधन या माप के रूप में प्रयुक्त होने वाली धातु की मुद्राएँ या इकाइयाँ थीं, जिनका उल्लेख ब्राह्मण ग्रंथों और उपनिषदों में मिलता है।
- 2. छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों में से 'वज्जी' (Vajjian Confederacy) एक राजतंत्रात्मक प्रणाली पर आधारित महाजनपद था, जिसकी राजधानी वैशाली थी और यह बुद्धकालीन समय का सबसे शक्तिशाली राजतंत्र था।
- 3. जैन दर्शन के अनुसार, 'स्याद्वाद' (Syadvada) या 'सप्तभंगी नय' का सिद्धांत यह प्रतिपादित करता है कि ज्ञान सापेक्ष होता है और प्रत्येक वस्तु के अनेक पहलू (अनेककांतवाद) होते हैं, जिसे पूर्ण रूप से एक ही दृष्टिकोण से नहीं समझा जा सकता।
- 4. संगम साहित्य के अंतर्गत रचित 'तोलकाप्पियम' (Tolkappiyam) तमिल व्याकरण और काव्यशास्त्र का एक प्राचीन ग्रंथ है, जिसकी रचना तोलकाप्पियार द्वारा की गई थी और यह प्राचीन दक्षिण भारत की सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्थिति का विस्तृत विवरण देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है: उत्तर वैदिक काल में 'शतमान' और 'निष्का' मूल्य एवं विनिमय की प्रसिद्ध इकाइयाँ थीं। कथन 2 असत्य है: 'वज्जी' महाजनपद कोई राजतंत्र नहीं बल्कि एक शक्तिशाली गणराज्य या संघ (Confederacy) था, जिसमें लिच्छवि और विदेह जैसी जातियाँ शामिल थीं, जबकि अंग या मगध राजतंत्र थे। कथन 3 सत्य है: जैन दर्शन का 'स्याद्वाद' या 'अनेककांतवाद' ज्ञान की सापेक्षता का सिद्धांत है। कथन 4 सत्य है: 'तोलकाप्पियम' तमिल व्याकरण का प्राचीनतम उपलब्ध ग्रंथ है। ऐसे महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार के इतिहास, कला, साहित्य और समाज सुधार के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों तथा उन्हें प्राप्त प्रतिष्ठित पुरस्कारों व सम्मानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रसिद्ध समाजवादी चिंतक और स्वतंत्रता सेनानी जननायक कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' (2024) से सम्मानित किया गया है, तथा वे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पिछड़ी जातियों के कल्याण और आरक्षण के क्षेत्र में दूरगामी सुधारों के लिए जाने जाते हैं।
2. पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर को लोक संगीत के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए जाना जाता है, तथा उन्हें बिहार राज्य का आधिकारिक 'स्वीप' (SVEEP) आइकॉन भी नियुक्त किया गया है ताकि चुनावों में मतदाता जागरूकता बढ़ाई जा सके।
3. साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रसिद्ध नाटककार और कथाकार रामधारी सिंह 'दिनकर' को उनकी रचना 'उर्वशी' के लिए वर्ष 1972 में प्रतिष्ठित 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' प्रदान किया गया था, और उन्हें 'राष्ट्रकवि' की उपाधि से भी विभूषित किया गया था।
4. बिहार के प्रख्यात गणितज्ञ व शिक्षाविद् आनंद कुमार, जिन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए 'सुपर 30' (Super 30) संस्थान की स्थापना की है, को समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए वर्ष 2023 में 'पद्म श्री' पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सुभाषचंद्र बोस एवं आज़ाद हिंद फौज (INA) के गठन, उनके ऐतिहासिक अभियानों तथा इससे जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सुभाषचंद्र बोस ने वर्ष 1942 में जर्मनी में 'फ्री इंडिया सेंटर' की स्थापना की थी और वहीं से पहली बार उन्होंने जर्मन रेडियो के माध्यम से महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) कहकर संबोधित किया था।
2. सिंगापुर में रास बिहारी बोस द्वारा स्थापित 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' और 'इंडियन नेशनल आर्मी' (INA) की कमान जब सुभाषचंद्र बोस को सौंपी गई, तब उन्होंने अक्टूबर 1943 में सिंगापुर में ही स्वतंत्र भारत की अनंतिम सरकार (आर्ज़े हुकूमत-ए-हिंद) की स्थापना की घोषणा की थी।
3. आज़ाद हिंद फौज की सेनाओं ने जापानी सेना के सहयोग से भारत की मुख्य भूमि पर आक्रमण किया और अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह पर अधिकार कर उनका नाम क्रमशः 'शहीद द्वीप' और 'स्वराज द्वीप' रखा, तथा इंफाल अभियान के दौरान उनके सैनिकों ने कोहिमा तक का मार्ग तय किया था।
4. वर्ष 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद आज़ाद हिंद फौज के गिरफ्तार किए गए सैनिकों और अधिकारियों (जैसे प्रेम सहगल, गुरदयाल सिंह ढिल्लों और शाहनवाज खान) पर लाल किले में मुकदमा चलाया गया, जिसकी पैरवी के लिए कांग्रेस द्वारा गठित भूलाभाई देसाई के नेतृत्व वाले बचाव पक्ष में जवाहरलाल नेहरू, तेज बहादुर सप्रू और कात्जू जैसे प्रख्यात वकील शामिल थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पादप आकारिकी और पौधों में जनन (Plant Morphology and Reproduction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों में दोहरा निषेचन (Double Fertilization) पाया जाता है, जिसकी खोज एस.जी. नवास्चिन ने की थी; इसमें एक नर युग्मक अंडे की कोशिका से संलयन कर युग्मनज बनाता है, जबकि दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक से संलयन कर त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (Primary Endosperm Nucleus) का निर्माण करता है।
2. पुष्प एक रूपांतरित प्ररोह (Modified Shoot) है, जिसमें संघनन के कारण अंतरपर्व (Internodes) छोटे हो जाते हैं और पर्वसंधियों (Nodes) पर विभिन्न पुष्पीय अंग चक्रीय रूप से व्यवस्थित होते हैं।
3. ब्रायोफाइट्स और टेरिडोफाइट्स को 'पादप जगत का उभयचर' कहा जाता है, क्योंकि ये पौधे जल और थल दोनों स्थानों पर उग सकते हैं, तथा इनमें निषेचन की प्रक्रिया के लिए जल की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
4. आलू, अदरक और अरबी जैसे रूपांतरित तने वानस्पतिक जनन के प्रमुख माध्यम हैं, जिनमें क्रमशः आँख (Eyes), प्रकंद (Rhizome) और घनकंद (Corm) पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सुभाषचंद्र बोस और भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA / आज़ाद हिंद फौज) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सुभाषचंद्र बोस ने वर्ष 1942 में जर्मनी में 'फ्री इंडिया सेंटर' (Free India Center) की स्थापना की थी और यहीं से सबसे पहले उनके द्वारा 'जय हिंद' का नारा दिया गया तथा जर्मनी के हिटलर के साथ मिलकर 'आज़ाद हिंद रेडियो' की शुरुआत की गई थी।
2. सिंगापुर में रास बिहारी बोस द्वारा वर्ष 1943 में 'आज़ाद हिंद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की अनंतिम सरकार की स्थापना की गई थी, और इसी वर्ष सुभाषचंद्र बोस ने सिंगापुर पहुँचकर इस सेना का सर्वोच्च नेतृत्व संभाला था।
3. आज़ाद हिंद फौज (INA) के सैनिकों द्वारा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर अधिकार करने के बाद उनका नाम बदलकर क्रमशः 'शहीद द्वीप' और 'स्वराज द्वीप' रखा गया था।
4. वर्ष 1945 में जब आज़ाद हिंद फौज के अधिकारियों पर लाल किले (Red Fort Trials) में मुकदमा चलाया गया, तो उनके बचाव के लिए गठित कांग्रेस के कानूनी बचाव दल के प्रमुख वकील भूलाभाई देसाई थे, जिसमें तेज बहादुर सप्रू, के. एल. काटजू और जवाहरलाल नेहरू भी शामिल थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' के राजनीतिक भूगोल, उनकी राजधानियों और आधुनिक भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी, जो आधुनिक भागलपुर और मुंगेर के क्षेत्र में स्थित थी, तथा यह अपने समय का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र और जलमार्ग का संगम स्थल था।
2. वज्जि महाजनपद आठ कुलों का एक शक्तिशाली संघ (Confederacy) था, जिसकी राजधानी वैशाली (विदेह और लिच्छवि) थी, और यह विश्व के प्राचीनतम गणतंत्रात्मक शासन प्रणालियों में से एक माना जाता है।
3. वत्स महाजनपद की राजधानी कौशंबी थी, जो आधुनिक इलाहाबाद (प्रयागराज) के समीप यमुना नदी के तट पर स्थित थी, और यहाँ के प्रसिद्ध शासक उदयन (उद्यान) थे जिनका संबंध बौद्ध और जैन दोनों परंपराओं से जोड़ा जाता है।
4. मल्ल महाजनपद की दो प्रमुख राजधानियाँ कुशीनगर और पावा थीं, जहाँ क्रमशः भगवान बुद्ध को महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था और जैन धर्म के संस्थापक महावीर स्वामी ने अपना शरीर त्यागा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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