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BPSC TRE 4.0
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना, इसके शुरुआती अधिवेशनों और उदारवादी (नरमदलीय) चरण के नेताओं की नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुई थी, और इसके पहले अधिवेशन की अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी (डब्ल्यू. सी. बनर्जी) ने की थी, जिसमें कुल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
- 2. कांग्रेस के प्रारंभिक चरण (1885-1905) के नेताओं को 'उदारवादी' कहा जाता है, जिनका ब्रिटिश न्यायप्रियता पर अटूट विश्वास था और वे 'प्रार्थना, याचिका और विरोध' (Prayer, Petition and Protest) की संवैधानिक पद्धति में विश्वास रखते थे।
- 3. वर्ष 1887 के मद्रास अधिवेशन में बदरुद्दीन तैयबजी कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष बने, तथा वर्ष 1888 के इलाहाबाद अधिवेशन में जॉर्ज यूल कांग्रेस के पहले ब्रिटिश अध्यक्ष चुने गए, जिन्होंने ब्रिटिश सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की।
- 4. दादाभाई नौरोजी ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'पावर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया' के माध्यम से 'धन की निकासी' (Drain of Wealth) के सिद्धांत का प्रतिपादन किया था, और वे कांग्रेस के कलकत्ता (1886), लाहौर (1893) तथा कलकत्ता (1906) अधिवेशनों के अध्यक्ष रहे थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में ए.ओ. हूम द्वारा की गई थी और इसके पहले अधिवेशन की अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की थी, जिसमें 72 प्रतिनिधि शामिल हुए थे (कथन 1 सत्य है)। प्रारंभिक चरण के नेता (जैसे दादाभाई नौरोजी, फिरोजशाह मेहता, सुरेंद्रनाथ बनर्जी) ब्रिटिश न्याय में विश्वास रखते थे और उनकी कार्यशैली प्रार्थना और याचिकाओं पर आधारित थी (कथन 2 सत्य है)। जॉर्ज यूल कांग्रेस के पहले ब्रिटिश अध्यक्ष जरूर थे, लेकिन उन्होंने कभी ब्रिटिश सरकार की नीतियों की 'जमकर आलोचना' जैसे क्रांतिकारी तेवर नहीं अपनाए, बल्कि वे कांग्रेस के उदारवादी सिद्धांतों के ही समर्थक थे; हालांकि तथ्यात्मक रूप से वे पहले अंग्रेज अध्यक्ष थे, लेकिन कथन 3 में उनकी कार्यशैली को लेकर आंशिक अतिशयोक्ति और विरोधाभास है (कथन 3 असत्य है)। दादाभाई नौरोजी ने 'धन की निकासी' का सिद्धांत दिया और वे तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष रहे (कथन 4 सत्य है)। अतः सही विकल्प (a) है। अधिक जानकारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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सुभाषचंद्र बोस और भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सिंगापुर में 'आज़ाद हिंद सरकार' (अरगै हुकूमत-ए-आद हिंद) की स्थापना अक्टूबर 1943 में की गई थी, और इसी सरकार को सबसे पहले जापान, जर्मनी तथा इटली सहित कुल नौ धुरी राष्ट्रों ने आधिकारिक मान्यता दी थी।
2. सुभाषचंद्र बोस ने मार्च 1944 में आई.एन.ए. के सैनिकों के साथ मिलकर भारतीय मुख्य भूमि पर आक्रमण किया और मणिपुर के मोइरंग में आज़ाद हिंद फौज का तिरंगा झंडा फहराया, जहाँ INA का मुख्यालय अस्थायी रूप से स्थापित किया गया था।
3. वर्ष 1945 के अंत और 1946 के आरंभ में लाल किले (Red Fort) में आज़ाद हिंद फौज के अधिकारियों—जनरल शाहनवाज खान, प्रेम सहगल और गुरुदयाल सिंह ढिल्लों—के ऊपर चले ऐतिहासिक मुकदमे में बचाव पक्ष के प्रमुख वकीलों की टीम का नेतृत्व भूलाभाई देसाई ने किया था, जिसमें तेज बहादुर सप्रू, जवाहरलाल नेहरू और कटाजू भी शामिल थे।
4. आई.एन.ए. के भीतर गठित 'झाँसी की रानी रेजिमेंट' का नेतृत्व कैप्टन लक्ष्मी सहगल द्वारा किया गया था, जो कि आज़ाद हिंद फौज की एक पूर्ण महिला लड़ाकू इकाई थी और इसे विशेष रूप से बर्मी मोर्चे पर तैनात किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कार्बनिक रसायन और हाइड्रोकार्बन के समवयवी (Isomers) गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. श्रृंखला समवयवता (Chain Isomerism) उन कार्बन यौगिकों द्वारा प्रदर्शित की जाती है जिनका आणविक सूत्र समान होता है परंतु कार्बन श्रृंखला की मुख्य शाखा या कंकाल (Carbon skeleton) में भिन्नता होती है, जैसा कि ब्यूटेन ($C_4H_{10}$) के मामले में सामान्य-ब्यूटेन और आइसो-ब्यूटेन में देखा जाता है।
2. स्थिति समवयवता (Position Isomerism) में क्रियात्मक समूह (Functional group) या प्रतिस्थापी परमाणु की कार्बन श्रृंखला पर स्थिति बदल जाती है, जैसे प्रोपेन-1-ऑल और प्रोपेन-2-ऑल इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
3. ज्यामितीय समवयवता (Geometrical Isomerism) एल्कीन यौगिकों में कार्बन-कार्बन द्विबंध ($C=C$) के परितः मुक्त घूर्णन (Free rotation) के प्रतिबंध के कारण उत्पन्न होती है, जिसमें 'सिन्न' (Cis) और 'ट्रांस' (Trans) समावयवी बनते हैं।
4. क्रियात्मक समूह समवयवता (Functional Group Isomerism) दर्शाने वाले यौगिकों का आणविक सूत्र समान होता है किंतु उनके क्रियात्मक समूह पूर्णतः भिन्न होते हैं, जैसे डाइमेथिल ईथर ($CH_3OCH_3$) और एथिल अल्कोहल ($C_2H_5OH$) आपस में क्रियात्मक समूह समावयवी हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सूची-I (देश) को सूची-II (खनिज उत्पादन) से सुमेलित कीजिए?
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महासागरीय जलधाराओं और उनकी उत्पत्ति को प्रभावित करने वाले कारकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय जलधाराओं के संचलन में पृथ्वी का घूर्णन (कोरिऑलिस बल) एक प्रमुख बल है, जिसके कारण उत्तरी गोलार्ध में जलधाराएँ अपनी मूल दिशा से दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेप (Deflection) प्रदर्शित करती हैं।
2. 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक ठيंडी जलधारा है जो उत्तरी अटलांटिक महासागर में ग्रीलैंड के तट के पास उत्पन्न होती है और यूरोप के पश्चिमी तट पर अत्यधिक ठंड का कारण बनती है।
3. अटलांटिक महासागर में अवस्थित 'लैब्राडोर जलधारा' एक ठंडी जलधारा है, जो उच्च अक्षांशों से निम्न अक्षांशों की ओर प्रवाहित होती है और इसके मिलने से 'ग्रैंड बैंक' के पास घने कोहरे तथा अनुकूल मछली पकड़ने के मैदानों का निर्माण होता है।
4. हिंद महासागर में मानसूनी हवाओं के प्रभाव के कारण जलधाराओं की दिशा में मौसमी परिवर्तन (Seasonal Reversal) देखा जाता है, जो ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन मानसून के दौरान अपनी दिशा बदल लेती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में हुए संघर्ष और उसके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दानापुर छाती के 3rd रेजीमेंट, 12th इन्फैंट्री और 40th नेटिव इन्फैंट्री के सैनिकों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया था और तुरंत जगदीशपुर के बाबू कुंवर सिंह के साथ मिलकर आरा पर अधिकार कर लिया था।
2. रोहिणी (वर्तमान झारखंड, तब के बिहार का हिस्सा) में 12 जून 1857 को 32वीं इन्फैंट्री रेजीमेंट के सैनिकों द्वारा विद्रोह किया गया था, जिसमें मेजर नॉर्मन मैकडोनाल्ड और सहायक शल्यचिकित्सक डॉ. ग्राहम मारे गए थे, और यह घटना बिहार में 1857 के विद्रोह की पहली संगठित सैन्य कार्रवाई थी।
3. छोटा नागपुर क्षेत्र (विशेषकर रामगढ़ बटालियन) में विद्रोह का नेतृत्व सूबेदार जय मंगल सिंह और माधव सिंह ने किया था, जिन्होंने ब्रिटिश सेना के खिलाफ चतरा के युद्ध (अक्टूबर 1857) में कड़ा मुकाबला किया था।
4. बाबू कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने संघर्ष को जारी रखते हुए कैमूर की पहाड़ियों से ब्रिटिश सेना के खिलाफ एक प्रभावी छापामार युद्ध (Guerrilla Warfare) का संचालन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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