BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
26 views

बिहार के वन क्षेत्र और मृदा के प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत की वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) के अनुसार, बिहार का कुल आवरण (Forest and Tree Cover) राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 7.84% है, जिसमें कैमूर और पश्चिम चंपारण जिलों में सर्वाधिक सघन वन क्षेत्र पाया जाता है।
  2. 2. बिहार के उत्तरी मैदानी भाग में मुख्य रूप से 'नवीन जलोढ़ मृदा' (Khadar) पाई जाती है, जो प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी से नवीकृत होती है और धान तथा जूट की खेती के लिए अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है।
  3. 3. दक्षिण-पश्चिमी बिहार (कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद क्षेत्र) में विंध्यन क्रम की चट्टानों के अपक्षय से 'लाल-पीली मृदा' और 'बलुई मृदा' का विकास हुआ है, जिसमें ह्यूमस और नाइट्रोजन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है।
  4. 4. टाल क्षेत्र (Tal Region) में पाई जाने वाली मृदा को 'बलथर मृदा' कहा जाता है, जो अत्यधिक अम्लीय प्रकृति की होती है और इसमें मोटे अनाजों का उत्पादन प्रमुखता से किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि भारत की वन स्थिति रिपोर्ट के अनुसार बिहार का कुल वन एवं वृक्ष आवरण लगभग 7.84% है तथा कैमूर और पश्चिम चंपारण में सर्वाधिक वन क्षेत्र है। कथन 2 सत्य है क्योंकि उत्तर बिहार के मैदानी भागों में नवीन जलोढ़ (खादर) मृदा पाई जाती है जो धान और जूट के लिए उपजाऊ है। कथन 3 असत्य है क्योंकि दक्षिण-पश्चिम बिहार की मृदा में ह्यूमस और नाइट्रोजन की प्रचुरता नहीं बल्कि कमी होती है। कथन 4 असत्य है क्योंकि बलथर मृदा टाल क्षेत्र में नहीं बल्कि छपरा से बांका तक के संकीर्ण पहाड़ी पगार (कगार) क्षेत्र में पाई जाती है जो अम्लीय और कंकड़युक्त होती है। टाल क्षेत्र की मृदा भारी भूड़ या केवाल प्रकार की होती है। अधिक जानकारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Share:

Related Questions

→ भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts), अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की कार्यप्रणाली व संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार, किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति उस राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है। 2. संसद को विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय स्थापित करने या किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक विस्तारित करने अथवा उसे कम करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है (अनुच्छेद 241)। 3. अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) का दायरा उच्चतम न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक व्यापक है, क्योंकि उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार के उल्लंघन होने पर भी रिट जारी कर सकते हैं। 4. किसी राज्य के उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का स्थानांतरण भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) द्वारा अकेले अपने विवेक के आधार पर, संबंधित राज्य के राज्यपाल और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से बिना किसी परामर्श के किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों तथा भारत में पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट (State of Environment Report) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) का पदेन अध्यक्ष देश का प्रधानमंत्री होता है, तथा यह प्राधिकरण राष्ट्रीय स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए नीतियां, योजनाएं और दिशानिर्देश तैयार करता है, जिसके तहत राज्य स्तर पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) का गठन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में किया जाता है। 2. भारत में पर्यावरण और वन से जुड़े आंकड़ों के संकलन और प्रकाशन के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के अंतर्गत भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) और पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है, जिसके अनुसार देश में कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 24.62% भाग वनों और वृक्षों से आच्छादित है। 3. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) का गठन आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 44 के तहत किया गया है, और यह बल विशिष्ट प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदाओं के समय त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों के लिए सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कार्य करता है। 4. पर्यावरण रिपोर्टों में उल्लिखित 'जलवायु संवेदनशीलता सूचकांक' (Climate Vulnerability Index) के अनुसार, भारत के पूर्वी तटीय राज्य (जैसे ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल) चक्रवाती तूफानों और समुद्र के जलस्तर में वृद्धि के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं, जबकि उत्तर-पूर्वी राज्य अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) और भूस्खलन के उच्च जोखिम में आते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → कौन सा कार्बन का अपरूप विद्युत का सुचालक है? → स्टोमेटा (रंध्र) को खोलने/बंद करने के लिए कौन सा खनिज जिम्मेदार है? → भारतीय संविधान की उद्देशिका (Preamble) तथा संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र (Union and its Territory) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान की उद्देशिका में अब तक केवल एक बार संशोधन किया गया है, जिसके माध्यम से समाजवादी (Socialist), पंथनिपेक्ष (Secular) और अखंडता (Integrity) शब्दों को जोड़ा गया था, तथा उद्देशिका संविधान का भाग होते हुए भी न्यायो justiciable (न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय) नहीं है। 2. अनुच्छेद 2 के अंतर्गत संसद को विधि द्वारा 'ऐसे नियमों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे', नए राज्यों का संघ में प्रवेश या उनकी स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, जबकि अनुच्छेद 3 संसद को किसी राज्य के क्षेत्र को घटाने, बढ़ाने या उसके नाम में परिवर्तन करने का अधिकार देता है, जिसके लिए संबंधित राज्य के विधानमंडल की पूर्व सहमति होना अनिवार्य है। 3. 'बेरुबारी यूनियन मामले' (1960) में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि उद्देशिका संविधान का अंग नहीं है, किंतु बाद में 'केशवानंद भारती मामले' (1973) में न्यायालय ने अपने पूर्ववर्ती निर्णय को पलटते हुए यह स्पष्ट किया कि उद्देशिका संविधान का एक अभिन्न अंग है और संसद अनुच्छेद 368 के तहत इसमें संशोधन कर सकती है, बशर्ते उसका 'मूल ढांचा' (Basic Structure) प्रभावित न हो। 4. वर्ष 1960 में हुए 9वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से बेरुबारी संघ क्षेत्र को पाकिस्तान को सौंपने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता पड़ी थी, क्योंकि अनुच्छेद 3 के तहत दी गई संसद की राज्यों के पुनर्गठन की शक्ति में भारत के किसी भू-भाग को किसी अन्य देश को सौंपने की शक्ति शामिल नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.