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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के निर्माण, इसकी प्रस्तावना और भौगोलिक अवस्थिति के अंतर्गत संघ एवं उसके राज्यक्षेत्र (भाग-I, अनुच्छेद 1-4) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 1 के अंतर्गत प्रयुक्त शब्दावली 'राज्यों का संघ' (Union of States) इस तथ्य को दर्शाती है कि भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है, और न ही किसी राज्य को संघ से अलग होने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
- 2. अनुच्छेद 2 के तहत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकती है, जबकि अनुच्छेद 3 संसद को किसी मौजूदा राज्य के क्षेत्र को घटाने, बढ़ाने, उसके नाम या सीमा में परिवर्तन करने की व्यापक शक्ति देता है।
- 3. अनुच्छेद 3 के तहत किसी नए राज्य के निर्माण या उसकी सीमा में परिवर्तन से संबंधित विधेयक को राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना संसद के किसी भी सदन में पुनःस्थापित नहीं किया जा सकता है, तथा ऐसा विधेयक भेजने से पूर्व राष्ट्रपति के लिए संबंधित राज्य विधानमंडल के विचारों को जानना अनिवार्य है, यद्यपि राज्य का विचार राष्ट्रपति या संसद के लिए बाध्यकारी नहीं होता है।
- 4. सर्वोच्च न्यायालय के 'बेरुबारी यूनियन वाद (1960)' में दिए गए निर्णय के अनुसार, संसद अनुच्छेद 3 के अंतर्गत अपनी सामान्य विधाई शक्ति का प्रयोग करके देश का कोई भी भू-भाग (Territory) किसी विदेशी देश को नहीं सौंप सकती है, बल्कि इसके लिए अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन करना अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारतीय संविधान के भाग-I (अनुच्छेद 1-4) में संघ और उसके राज्यक्षेत्र का विस्तृत प्रावधान किया गया है। अनुच्छेद 1 भारत को 'राज्यों का संघ' घोषित करता है। अनुच्छेद 2 और 3 संसद को नए राज्यों के प्रवेश, स्थापना तथा राज्यों की सीमाओं और नामों में परिवर्तन की शक्ति प्रदान करते हैं। ऐसे विधेयकों के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति आवश्यक है और संबंधित राज्य विधानमंडल के विचार परामर्श हेतु मंगाए जाते हैं जो बाध्यकारी नहीं होते। इसके अतिरिक्त, बेरुबारी यूनियन मामले (1960) में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि किसी भारतीय भू-भाग को विदेशी राज्य को सौंपने के लिए संविधान संशोधन (अनुच्छेद 368) आवश्यक है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के दृष्टिकोण से भारतीय राजव्यवस्था के ये अनुच्छेद अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत संघ की न्यायपालिका (उच्चतम न्यायालय) और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के संवैधानिक प्रावधानों, शक्तियों और स्वतंत्रता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 129 के अनुसार उच्चतम न्यायालय एक 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) है, जिसका अर्थ है कि उसके सभी निर्णयों, अभिलेखों और कार्रवाइयों को साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाएगा और उन्हें किसी भी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जा सकता, तथा उसे अपनी अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति भी प्राप्त है।
2. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और उन्हें उनके पद से केवल उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और आधारों पर उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश को हटाया जाता है।
3. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) अपनी पदमुक्ति के पश्चात भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी प्रकार के अन्य कार्यालय (लाभ के पद) के पात्र नहीं होते हैं, जो उनकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए एक संवैधानिक प्रतिबंध है।
4. उच्चतम न्यायालय की आरंभिक (Original) अधिकारिता के अंतर्गत भारत सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच या दो या अधिक राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले कानूनी विवाद आते हैं, किंतु इसमें किसी संधि या समझौते से उत्पन्न विवाद पूरी तरह शामिल होते हैं और इस पर संसद कोई विधि बनाकर प्रतिबंध लगा सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रारंभिक इतिहास, उसके विभिन्न अधिवेशनों और नरमपंथी दौर की राजनीतिक कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन दिसंबर 1885 में बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में आयोजित होना तय था, किंतु पुणे में हैजा फैल जाने के कारण इसे बॉम्बे स्थानांतरित कर दिया गया था, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की थी और इसमें कुल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
2. वर्ष 1906 के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए दादाभाई नौरोजी ने पहली बार आधिकारिक रूप से 'स्वराज' (Self-Government) शब्द का मंच से प्रयोग किया था, तथा इसी अधिवेशन में स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा से संबंधित चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए थे।
3. कांग्रेस के शुरुआती नेता 'याचिका, स्मरणपत्र और प्रतिनिधिमंडल' (Prayer, Petition, and Protest) की राजनीतिक पद्धति में विश्वास रखते थे, जिसे अतिवादी (गरमपंथी) नेताओं द्वारा 'राजनीतिक भिक्षावृत्ति' (Political Mendicancy) की संज्ञा दी गई थी।
4. लॉर्ड कर्जन ने अपने कार्यकाल के शुरुआती दौर में ही कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए यह बयान दिया था कि "कांग्रेस अपनी मौत के कगार पर है और मेरी यह बड़ी इच्छा है कि मैं इसके शांतिपूर्ण निधन में मदद कर सकूं।"
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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हाल ही में घोषित वैश्विक नवाचार सूचकांक (Global Innovation Index - GII) 2024 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा जारी इस सूचकांक में भारत को 133 अर्थव्यवस्थाओं में कुल 39वां स्थान प्राप्त हुआ है, जो पिछले कुछ वर्षों में भारत की निरंतर सुधरती स्थिति को दर्शाता है।
2. इस सूचकांक में स्विट्जरलैंड ने एक बार फिर विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि स्वीडन, अमेरिका और सिंगापुर क्रमशः इसके बाद के शीर्ष स्थानों पर हैं।
3. भारत ने 'सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) सेवा निर्यात' और 'वैश्विक ब्रांड मूल्य' जैसे संकेतकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, परंतु अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर कुल व्यय के मामले में रैंकिंग अभी भी अपेक्षित स्तर से पीछे है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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