BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
19 views

महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) की उत्पत्ति, उनके प्रवाह की दिशा तथा पृथ्वी के वैश्विक जलवायु पर उनके प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. महासागरीय जलधाराओं के संचलन को प्रभावित करने वाले प्राथमिक कारकों में पृथ्वी का घूर्णन (कोरिऑलिस बल), प्रचलित हवाएं (जैसे व्यापारिक और पछुआ हवाएं), महासागरीय जल के तापमान एवं घनत्व में भिन्नता तथा महाद्वीपीय तटों की आकृति शामिल हैं।
  2. 2. उत्तरी गोलार्ध में कोरिऑलिस बल के प्रभाव से महासागरीय जलधाराएं अपनी दाईं ओर (Clockwise दिशा में) और दक्षिणी गोलार्ध में अपनी बाईं ओर (Anti-clockwise दिशा में) विक्षेपित हो जाती हैं, जिसे 'फेरेल का नियम' कहा जाता है।
  3. 3. गल्फ स्ट्रीम (Gulf Stream) एक ठंडे पानी की जलधारा है जो मैक्सिको की खाड़ी से निकलकर उत्तर अटलांटिक महासागर की ओर प्रवाहित होती है और पश्चिमी यूरोप के तटों को अत्यधिक ठंडा और बर्फ से जमा देती है।
  4. 4. लैब्राडोर जलधारा (Labrador Current) एक ठंडे पानी की जलधारा है जो आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहती है और जब यह गर्म गल्फ स्ट्रीम धारा से न्यूफाउंडलैंड के तट के पास मिलती है, तो वहाँ घने कोहरे का निर्माण होता है जो मछली पकड़ने (Grand Banks) के लिए दुनिया का सबसे बेहतरीन और प्रमुख क्षेत्र बनाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

इस प्रश्न में दिए गए कथनों का विस्तृत विश्लेषण इस प्रकार है: कथन 1 सत्य है: महासागरीय जलधाराओं की उत्पत्ति और उनके निरंतर प्रवाह के लिए पृथ्वी का घूर्णन (कोरिऑलिस प्रभाव), वायुदाब और पवनें (जैसे व्यापारिक पवनें और पछुआ पवनें), तापमान व लवणता में भिन्नता से उत्पन्न घनत्व अंतर, तथा तटरेखा की दिशा मुख्य रूप से उत्तरदायी हैं। कथन 2 सत्य है: कोरिऑलिस बल के कारण उत्तरी गोलार्ध में धाराएं अपनी मूल दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर मुड़ जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप महासागरों में विशाल चक्रवातीय वलय (Gyres) का निर्माण होता है। कथन 3 असत्य है: 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) कोई ठंडी जलधारा नहीं है, बल्कि यह एक प्रमुख **गर्म जलधारा (Warm Current)** है जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्तर की ओर बहती है और पश्चिमी यूरोप (विशेषकर ब्रिटिश द्वीपों और नॉर्वे) के तटों को सर्दियों में भी बर्फ से मुक्त और अपेक्षाकृत गर्म रखती है। कथन 4 सत्य है: लैब्राडोर जलधारा एक ठंडी जलधारा है। जब उत्तर से आने वाली यह ठंडी लैब्राडोर धारा दक्षिण से आने वाली गर्म गल्फ स्ट्रीम धारा से न्यूफाउंडलैंड के पास मिलती है, तो प्लवक (Plankton) की प्रचुरता के कारण वहाँ दुनिया का सबसे बड़ा मछली पकड़ने का केंद्र ('ग्रैंड बैंक') विकसित होता है और घना कोहरा छा जाता है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की आगामी और बेहतरीन तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ भौतिकी में 'विविध' संकल्पनाओं और दैनिक जीवन में उनकी प्रायोगिक उपयोगिता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब कोई वस्तु प्रकाश की गति के तुलनीय उच्च वेग से गति करती है, तो उसकी गतिशीलता का अध्ययन विशिष्ट आपेक्षिकीय सिद्धांत (Special Theory of Relativity) के अंतर्गत किया जाता है, जिसके अनुसार वस्तु की लंबाई में संकुचन और समय में विस्तार (Time Dilation) होता है। 2. 'सुपरकंडक्टिविटी' (Superconductivity) या अतिचालकता एक ऐसी परिघटना है जिसमें कुछ पदार्थों का तापमान एक निश्चित क्रांतिक तापमान (Critical Temperature) से नीचे ले जाने पर उनका विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है और वे पूर्ण प्रतिचुंबकीय (Diamagnetic) व्यवहार प्रदर्शित करते हैं, जिसे 'मेस्नर प्रभाव' (Meissner Effect) कहा जाता है। 3. रमन प्रभाव (Raman Effect) प्रकाश के अप्रत्यास्थ प्रकीर्णन (Inelastic Scattering) का एक उदाहरण है, जिसमें जब एकवर्ण ीय प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम से गुजरता है, तो प्रकीर्णित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन होता है और इसी खोज के लिए सर सी.वी. रमन को वर्ष 1930 में भौतिकي का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था। 4. लेजर (LASER) तकनीक में प्रकाश के प्रवर्धन का आधार 'उद्दीप्त उत्सर्जन' (Stimulated Emission) है, और इसके द्वारा उत्पन्न प्रकाश किरणें अत्यधिक एकवर्णी (Monochromatic), कलासंबद्ध (Coherent) और बहुत कम विचलन वाली होती हैं, किंतु ये सामान्य प्रकाश की तरह ऊर्जा का संकेंद्रण नहीं कर सकती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और ऐतिहासिक अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1854 के 'वुड्स डिस्पैच' (Wood's Despatch), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने कलकत्ता, बंबई और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश की थी और जन-शिक्षा के प्रसार का दायित्व सरकार पर सौंपा था। 2. वर्ष 1882 में गठित 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था, और इसने प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण जिला और नगरपालिका बोर्डों (स्थानीय निकायों) को सौंपने की सिफारिश की थी। 3. वर्ष 1904 के 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' के तहत विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा कर दिया गया, सीनेट के सदस्यों की संख्या सीमित कर दी गई और गवर्नर-जनरल को विश्वविद्यालयों के सीनेट द्वारा बनाए गए नियमों पर वीटो करने का अधिकार दिया गया। 4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जो भारत में युद्धोत्तर शैक्षिक विकास की योजना थी, ने देश में 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य अगले 40 वर्षों के भीतर प्राप्त करने का प्रस्ताव रखा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → खगोलतिकी और गुरुत्वाकर्षण (Astrodynamics and Gravitation) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केपलर के ग्रहीय गति के द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम - Law of Areal Velocities) के अनुसार, सूर्य और ग्रह को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा समान समय अंतराल में समान क्षेत्रफल तय करती है, जो मुख्य रूप से कोणीय संवेग संरक्षण (Conservation of Angular Momentum) के नियम पर आधारित है। 2. पृथ्वी की सतह पर स्थित किसी पिंड का पलायन वेग (Escape Velocity) उसके द्रव्यमान और प्रक्षेपण कोण पर निर्भर करता है, तथा पृथ्वी के लिए इसका औसत मान लगभग 11.2 किमी/सेकंड होता है। 3. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) पृथ्वी की सतह से लगभग 36,000 किमी की ऊँचाई पर पश्चिम से पूर्व की ओर पृथ्वी के घूर्णन के समान दिशा में परिक्रमा करता है, और इसका आवर्तकाल ठीक 24 घंटे होता है। 4. अंतरिक्ष यान जब पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर किसी अन्य ग्रह की ओर प्रस्थान करता है, तो ऊर्जा की बचत के लिए 'गुरुत्वाकर्षण सहायता' (Gravitational Slingshot या Gravity Assist) तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिसमें अंतरिक्ष यान किसी बड़े ग्रह के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र का उपयोग करके अपनी गति और दिशा में परिवर्तन करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → भारत के भूगोल के सामान्य परिचय और उसकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तरी अक्षांशों के मध्य तथा 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्वी देशान्तरों के मध्य फैला हुआ है, और कर्क रेखा (23°30' उत्तर) देश के लगभग मध्य भाग से गुजरती हुई कुल 8 राज्यों से होकर निकलती है। 2. भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है, जो विश्व के कुल स्थलीय क्षेत्रफल का लगभग 4.2 प्रतिशत है, और क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है। 3. भारत की स्थलीय सीमा की कुल लंबाई लगभग 15,200 किलोमीटर है, जबकि मुख्य भूमि, अंडमान-निकोबार तथा लक्षद्वीप समूह की तटरेखा की कुल लंबाई लगभग 7,516.6 किलोमीटर है। 4. देश का मानक याम्योत्तर (Standard Meridian) 82°30' पूर्वी देशान्तर है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से गुजरता है और यह ग्रीनविच माध्य समय (GMT) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है, तथा यह रेखा कुल 5 राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति तथा केंद्रीय मंत्रिपरिषद के संवैधानिक उपबंधों और उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा, और राष्ट्रपति अपनी शक्तियों का प्रयोग करते समय इस सलाह के अनुसार कार्य करेगा, किंतु राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद से ऐसी सलाह पर 'पुनर्विचार' करने के लिए कह सकता है, तथा पुनर्विचार के पश्चात जो सलाह दी जाती है, राष्ट्रपति उसके अनुसार कार्य करने के लिए पूर्णतः बाध्य होता है। 2. अनुच्छेद 75(3) के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ यह है कि यदि लोकसभा में किसी एक मंत्री के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है, भले ही नीतिगत मतभेद केवल उस एक विभाग से संबंधित हों। 3. उपराष्ट्रपति, जो राज्य सभा का पदेन सभापति होता है, जब कभी संविधान के अनुच्छेद 65 के अधीन राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है या उसके कृत्यों का निर्वहन करता है, तब वह राज्य सभा के सभापति के रूप में किसी भी कर्तव्य का पालन नहीं करता है और उसे उस अवधि में राज्य सभा के सभापति के रूप में मिलने वाले वेतन या भत्ते प्राप्त नहीं होते हैं। 4. यदि उपराष्ट्रपति का निर्वाचन उच्चतम न्यायालय द्वारा शून्य (Void) घोषित कर दिया जाता है, तो उपराष्ट्रपति के रूप में उस विवादित अवधि के दौरान उसके द्वारा किए गए आधिकारिक और प्रशासनिक कार्य अवैध (Invalid) हो जाते हैं और उन्हें न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.