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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) तथा संघ एवं राज्य क्षेत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान की उद्देशिका में अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे, और उद्देशिका के न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व के आदर्शों को फ्रांसीसी क्रांति (1789) से लिया गया है।
- 2. भारतीय संविधान के भाग-1 के अंतर्गत अनुच्छेद 3 संसद को यह शक्ति प्रदान करता है कि वह किसी राज्य के क्षेत्र को बढ़ाकर या घटाकर, उसके नाम या सीमा में परिवर्तन करके एक नए राज्य का निर्माण कर सकती है, जिसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति से संबंधित राज्य के विधानमंडल द्वारा पारित प्रस्ताव का संसद पर बाध्यकारी होना अनिवार्य है।
- 3. वर्ष 1960 के 'बेरुबारी यूनियन वाद' में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि उद्देशिका संविधान का भाग नहीं है, किंतु बाद में 'केशवानंद भारती वाद' (1973) तथा 'एलआईसी ऑफ इंडिया वाद' (1995) में न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि उद्देशिका संविधान का एक आंतरिक भाग है।
- 4. अनुच्छेद 2 संसद को विधि द्वारा 'संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना' करने की शक्ति देता है, जो उन बाहरी क्षेत्रों पर लागू होता है जो भारत के संघ का हिस्सा नहीं हैं, जबकि अनुच्छेद 3 आंतरिक राज्यों के पुनर्गठन से संबंधित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि उद्देशिका में अब तक एकमात्र संशोधन 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा हुआ है और इसके आदर्श फ्रांसीसी क्रांति पर आधारित हैं। कथन 2 असत्य है क्योंकि अनुच्छेद 3 के तहत राष्ट्रपति द्वारा राज्य के विधानमंडल को भेजा गया विचार या प्रस्ताव राज्य विधानसभा के लिए बाध्यकारी नहीं होता है, संसद उस पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है। कथन 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए संविधान के इन अनुच्छेदों और प्रस्तावना के ऐतिहासिक निर्णयों से अक्सर बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के संदर्भ में, बिहार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व करने वाले नेताओं और उनके कार्यस्थलों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. कुँवर सिंह - आरा (जगदीशपुर)
2. अमर सिंह - रामगढ़ और कैमूर की पहाड़ियाँ
3. पीर अली खान - पटना
4. वारिस अली - मुजफ्फरपुर
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (केंद्र शासित प्रदेशों) की संवैधानिक स्थिति, क्षेत्राधिकार तथा प्रशासनिक नियंत्रण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है, जबकि अधीनस्थ न्यायपालिका (जिला न्यायाधीशों से भिन्न) के अन्य सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात नियमों के अनुसार की जाती है।
2. भारत के प्रत्येक संघ राज्य क्षेत्र का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक प्रशासक (चाहे उसका पदनाम जो भी हो) के माध्यम से चलाया जाता है, और अनुच्छेद 239कक के तहत दिल्ली के संबंध में विशेष उपबंध करते हुए एक मंत्रिपरिषद तथा विधानसभा का प्रावधान किया गया है, जिसकी विधि-निर्माण की शक्ति लोक व्यवस्था (Public Order), पुलिस और भूमि को छोड़कर राज्य सूची के अन्य विषयों पर होती है।
3. संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) का क्षेत्र केवल मूल अधिकारों के प्रवर्तन तक ही सीमित है, जबकि उच्चतम न्यायालय को अनुच्छेद 32 के तहत मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अन्य विधिक अधिकारों के उल्लंघन पर भी रिट जारी करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है।
4. संसद को विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए उच्च न्यायालय स्थापित करने या किसी उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक विस्तारित करने अथवा उसे कम करने की पूर्ण संवैधानिक शक्ति प्राप्त है, जैसा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव प्रजातियों (Human Races) के वर्गीकरण, उनकी शारीरिक विशेषताओं तथा ग्रिफ़िथ टेलर और हटन जैसे मानवविज्ञानियों के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रिफ़िथ टेलर के 'प्रवास-कटीबंध सिद्धांत' (Migration-Zone Theory) के अनुसार, मानव प्रजातियों का उद्गम मध्य एशिया क्षेत्र में हुआ था, और जो प्रजातियाँ सबसे पहले उत्पन्न हुईं, वे विस्थापन के कारण सबसे बाहरी क्षेत्रों (जैसे ऑस्ट्रेलिया के आदिवासियों या टसमानियाई लोगों) में धकेल दी गईं।
2. 'काकेशॉइड' (Caucasoid) प्रजाति के शारीरिक लक्षणों में आमतौर पर पतली नाक, सीधी या लहरदार बाल संरचना, और हल्के रंग की त्वचा शामिल होती है, और इस प्रजाति का मूल विस्तार मुख्य रूप से यूरोप, मध्य पूर्व और भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी क्षेत्रों तक पाया जाता है।
3. मंगोलॉइड (Mongoloid) प्रजाति के लोगों की एक प्रमुख शारीरिक विशेषता उनकी पलकों पर 'एपिकैंथिक फोल्ड' (Epicanthic fold) का पाया जाना है, जिसके कारण उनकी आँखें तिरछी या मुड़ी हुई प्रतीत होती हैं, और यह विशेषता मुख्य रूप से एशियाई महाद्वीप के मूल निवासियों में मिलती है।
4. मानव प्रजातियों के वर्गीकरण में 'रक्त समूह' (Blood Groups - ABO System) को एक सटीक आनुवंशिक आधार माना जाता है, क्योंकि शारीरिक बाहरी लक्षण (जैसे त्वचा का रंग और बालों की बनावट) पर्यावरणीय दशाओं और जलवायु से प्रभावित हो सकते हैं, जबकि आनुवंशिक रक्त कारक पर्यावरण से अपरिवर्तित रहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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