BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
1 views

मानव शरीर के विभिन्न अंगों, ग्रंथियों और जैविक प्रणालियों (जीव विज्ञान विविध) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मानव शरीर में 'पाइनल ग्रंथि' (Pineal Gland) मस्तिष्क के अग्रभाग में थैलेमस के पास स्थित होती है, जो 'मेलटोनिन' (Melatonin) हार्मोन का स्रावण करती है और शरीर की सर्काडियन लय (24-घंटे की जैविक घड़ी) तथा नींद-जागने के चक्र को नियंत्रित करती है।
  2. 2. 'बेरिफ़री' या 'लिम्फैटिक प्रणाली' का मुख्य अंग 'प्लीहा' (Spleen) को 'लाल रक्त कोशिकाओं का कब्रिस्तान' (Graveyard of RBCs) कहा जाता है, क्योंकि यह पुरानी और क्षतिग्रस्त आरबीसी को नष्ट करता है, साथ ही यह रक्त बैंक के रूप में भी कार्य करता है।
  3. 3. मानव नेत्र में प्रकाश के प्रवेश को नियंत्रित करने वाली संरचना 'परितारिका' (Iris) होती है, जिसके मध्य में स्थित छिद्र को 'पुतली' (Pupil) कहते हैं, और अधिक तीव्र प्रकाश में परितारिका की वृत्ताकार पेशियाँ सिकुड़ जाती हैं जिससे पुतली का आकार छोटा हो जाता है।
  4. 4. मानव शरीर की सबसे बड़ी मिश्रित ग्रंथि (Mixed Gland) 'अग्नाशय' (Pancreas) है, जिसके लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) की अल्फा कोशिकाएँ 'इंसुलिन' हार्मोन का स्रावण करती हैं जो रक्त में शर्करा के स्तर को कम करने का कार्य करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

इस प्रश्न के सभी कथनों में से कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 4 आंशिक रूप से असत्य है। अग्नाशय (Pancreas) मानव शरीर की दूसरी सबसे बड़ी ग्रंथि और एक प्रमुख मिश्रित (अंतःस्रावी और बहिःस्रावी) ग्रंथि है। इसके लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की 'बीटा कोशिकाएँ' (Beta cells) इंसुलिन का स्रावण करती हैं, न कि अल्फा कोशिकाएँ। अल्फा कोशिकाएँ 'ग्लूकागोन' (Glucagon) हार्मोन का स्रावण करती हैं जो रक्त में शर्करा के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है। पाइनल ग्रंथि मेलाटोनिन स्रावित करती है जो जैविक घड़ी को नियंत्रित करती है, प्लीहा को आरबीसी का कब्रिस्तान कहा जाता है, और परितारिका (Iris) तीव्र प्रकाश में पुतली को छोटा करती है। ऐसे ही महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Share:

Related Questions

भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रदत्त 'मूल अधिकार', 'राज्य के नीतिनिदेशक तत्व' (DPSP) और 'मूल कर्त्तव्य' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल अधिकार न्यायोचित (Justiciable) हैं और इनका उल्लंघन होने पर अनुच्छेद 32 एवं अनुच्छेद 226 के तहत क्रमशः उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय की शरण ली जा सकती है, जबकि नीतिनिदेशक तत्व न्यायोचित नहीं हैं, किंतु देश के शासन में ये मूलभूत हैं और कानून बनाते समय इन्हें लागू करना राज्य का कर्तव्य है। 2. स्वर्ण सिंह समिति (1976) की सिफारिशों के आधार पर 42वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान के भाग IV-A में अनुच्छेद 51A जोड़कर मूल कर्तव्यों को शामिल किया गया था, जिनमें प्रारंभ में 10 मूल कर्तव्य थे, और वर्ष 2002 के 86वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा इसमें 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शिक्षा का अवसर प्रदान करने से संबंधित 11वां मूल कर्तव्य जोड़ा गया। 3. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार में 'निजता का अधिकार' (Right to Privacy) को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी गई है, किंतु नीतिनिदेशक तत्वों के अंतर्गत आने वाले 'समान नागरिक संहिता' (UCC - अनुच्छेद 44) को अभी तक देश में पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया है क्योंकि यह राज्य की नीति पर निर्भर करता है और इसके गैर-कार्यान्वयन के लिए न्यायालय द्वारा राज्य को बाध्य नहीं किया जा सकता है। 4. मूल कर्तव्यों का पालन करना प्रत्येक नागरिक के लिए विधिक रूप से बाध्यकारी है, और यदि कोई नागरिक किसी मूल कर्तव्य का उल्लंघन करता है, तो संसद द्वारा बनाए गए किसी विशेष कानून के तहत उसे सीधे संविधान के अनुच्छेद 51A के अंतर्गत दंडित करने का प्रावधान किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? किन राज्यों ने धारा 348 (2) को प्रयोग से उच्च न्यायालयों में हिन्दी भाषा के प्रयोग को मान्यता दे दी है? हाल ही में उद्घाटित ब्रह्मोस एयरोस्पेस परीक्षण सुविधा और मिसाइल उत्पादन इकाई किस शहर में स्थित है? छोटी आंत का मुख्य कार्य क्या है? बिहार के प्रादेशिक इतिहास, कला-संस्कृति और विशिष्ट विभूतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मौखरी वंश के पतन के पश्चात उत्तर बिहार में स्वतंत्र सत्ता स्थापित करने वाले राजवंशों में 'गौड' शासक शशांक के समकालीन महासेन गुप्त के उत्तराधिकारियों का उल्लेख मिलता है, और इसी काल में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने बिहार की यात्रा के दौरान यहाँ बौद्ध धर्म की स्थिति का विस्तृत विवरण दिया था। 2. प्रसिद्ध मध्यकालीन सूफी संत हजरत मखदुम याह्या मनेरी (मनेर शरीफ) 'सुहरवर्दी' सिलसिले से संबंधित थे, और उनकी आध्यात्मिक शिक्षाओं का संकलन 'مكتوبات صدی' (मक्तूआत-ए-सद्दी) नामक पत्र-संग्रह के रूप में प्रसिद्ध है। 3. आधुनिक बिहार में पत्रकारिता के इतिहास में बाबू महेश्वर प्रसाद द्वारा वर्ष 1874 में स्थापित 'बिहार टाइम्स' (बाद में 'बिहार हियराल्ड') समाचार पत्र ने बिहार को बंगाल से एक पृथक् प्रांत के रूप में गठित करने की माँग को वैचारिक आधार प्रदान करने में अत्यंत निर्णायक भूमिका निभाई थी। 4. प्रसिद्ध भोजपुरी नाटककार और भिखारी ठाकुर, जिन्हें 'भोजपुरी का शेक्सपियर' कहा जाता है, उनके द्वारा रचित 'बिदेसिया' नाटक मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार के लिए महानगरों की ओर पलायन करने वाले प्रवासियों की वेदना और उनके परिवारों पर पड़ने वाले सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभावों का सजीव चित्रण करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.