त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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पृथ्वी के आंतरिक भागों में उत्पन्न होने वाली विवर्तनिक और अंतर्जात बलों के परिणामस्वरूप 'ज्वालामुखी एवं भूकम्प' की घटनाओं का अध्ययन किया जाता है। इस संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ज्वालामुखी उद्गार के समय निकलने वाले गैसीय पदार्थों में सर्वाधिक मात्रा जलवाष्प (Water Vapour) की होती है, जिसके पश्चात कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन और सल्फर डाइऑक्साइड गैसें प्रमुखता से उत्सर्जित होती हैं।
- 2. रिक्टर स्केल (Richter Scale) एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है, जिसका अर्थ है कि स्केल पर प्रत्येक अगली पूर्ण संख्या पिछली संख्या की तुलना में 32 गुना अधिक ऊर्जा मुक्त होने को प्रदर्शित करती है।
- 3. प्रशांत महासागर की परिधि पर स्थित 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) विश्व का सबसे बड़ा भूकंपीय और ज्वालामुखी क्षेत्र है, जहाँ पृथ्वी के कुल सक्रिय ज्वालामुखियों का लगभग 75% हिस्सा पाया जाता है और यह क्षेत्र मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) प्लेट सीमाओं से संबंधित है।
- 4. भूकंपीय तरंगों में 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं, जो केवल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होने के कारण ठोस, द्रव और गैस तीनों माध्यमों में संचरण कर सकती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (a) है क्योंकि कथन 1 और 3 पूरी तरह सत्य हैं। ज्वालामुखी उद्गार के समय मैग्मा से निकलने वाली गैसों में जलवाष्प की मात्रा 60% से 90% तक होती है। प्रशांत महासागर का 'रिंग ऑफ फायर' अभिसारी प्लेट सीमाओं के कारण विश्व का सबसे बड़ा ज्वालामुखी क्षेत्र है। वहीं कथन 2 गलत है क्योंकि रिक्टर स्केल पर प्रत्येक अगली संख्या 32.7 गुना (लगभग 32 गुना) अधिक ऊर्जा को दर्शाती है, परंतु इसका पैमाना आधार 10 पर आधारित आयाम और ऊर्जा के लिए 32 गुना वृद्धि से जुड़ा है, लेकिन S-वेव्स और P-वेव्स के गुण कथन 4 में परस्पर विपरीत दिए गए हैं (P-तरंगें अनुदैर्ध्य होती हैं जो सभी माध्यमों से गुजरती हैं, जबकि S-तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं जो केवल ठोस माध्यम से गुजरती हैं)। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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परमाणु भौतिकी तथा आधुनिक भौतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आइंस्टीन के प्रकाश-वैद्युत समीकरण ($K_{max} = h\nu - \Phi$) के अनुसार, उत्सर्जित photoelectron की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर रैखिक रूप से निर्भर करती है, तथा यह कार्य फलन ($\Phi$) पर भी निर्भर करती है।
2. बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन केवल उन्हीं स्थिर कक्षाओं में परिक्रमा कर सकते हैं जिनका कोणीय संवेग ($L$) $\frac{h}{2\pi}$ का पूर्ण गुणज होता है, अर्थात् $L = \frac{nh}{2\pi}$।
3. रेडियोएक्टिव क्षय के नियमानुसार, किसी रेडियोएक्टिव पदार्थ की अर्ध-आयु ($T_{1/2}$) उसके क्षय नियतांक ($\lambda$) के व्युत्क्रमानुपाती होती है, जिसका संबंध $T_{1/2} = \frac{\ln 2}{\lambda}$ द्वारा व्यक्त किया जाता है।
4. नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) की प्रक्रिया में जब दो हल्के नाभिक मिलकर एक भारी नाभिक का निर्माण करते हैं, तो द्रव्यमान क्षति (Mass Defect) के कारण अत्यधिक ऊर्जा मुक्त होती है, और सूर्य व अन्य तारों में ऊर्जा का मुख्य स्रोत यही प्रक्रिया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कोशिका चक्र (Cell Cycle) और कोशिका विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समसूत्री विभाजन (Mitosis) के दौरान 'इंटरफेज' (Interphase) सबसे लंबी अवधि होती है, जिसमें कोशिका अपने डीएनए का प्रतिकृति (Replication) और आवश्यक प्रोटीन का संश्लेषण करती है, और यह तैयारी चरण कहलाता है।
2. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) की 'प्रोफेज-I' (Prophase-I) अवस्था में समझात गुणसूत्रों (Homologous chromosomes) के बीच आनुवंशिक पदार्थों का आदान-प्रदान होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' (Crossing Over) कहा जाता है, और यह 'पैकाइटीन' (Pachytene) उप-अवस्था में घटित होता है।
3. जन्तु कोशिकाओं में कोशिका विभाजन के समय कोशिका द्रव्य का विभाजन (Cytokinesis) सेल प्लेट (Cell plate) के निर्माण द्वारा होता है, जबकि पादप कोशिकाओं में यह खाँच (Furrow) बनने या संकुचन रिंग (Contractile ring) के विकास से संपन्न होता है।
4. कोशिका चक्र के नियंत्रण बिंदुओं (Checkpoints) पर 'साइक्लिन' (Cyclins) और 'साइक्लिन-डिपेंडेंट किनेसेस' (CDKs) नामक प्रोटीनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो चक्र के सुचारू संचालन और डीएनए क्षति की जाँच करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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हवा में नमी मापने के लिए निम्नलिखित में से किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
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गांडीव मिसाइल के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में 'महाजनपद काल' और 'मौर्योत्तर काल' की विभिन्न व्यवस्थाओं, प्रशासनिक इकाइयों तथा अर्थव्यवस्था से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी, जो अपने सुदृढ़ समुद्री और स्थलीय व्यापारिक मार्गों के लिए प्रसिद्ध थी, तथा इसका उल्लेख बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' के साथ-साथ जैन ग्रंथों में भी प्रमुखता से मिलता है।
2. मौर्योत्तर काल में सातवाहन राजवंश के दौरान भूमि अनुदान (Land Grants) देने की प्रथा का व्यापक विस्तार हुआ, जिसमें राजाओं द्वारा बौद्ध संघों और ब्राह्मणों को कर-मुक्त भूमि प्रदान की जाने लगी, जिससे सामंती व्यवस्था के प्रारंभिक बीज पड़े।
3. संगम काल (दक्षिण भारत का प्राचीन इतिहास) के दौरान उरैयूर 'चोल' राजवंश की प्रारंभिक राजधानी थी, जो सूती कपड़ों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक अत्यंत समृद्ध केंद्र था, जबकि 'पांड्य' राजवंश की राजधानी मदुरै थी।
4. गुप्तोत्तर काल के दौरान हर्षवर्द्धन के प्रशासन में प्रांतीय प्रमुखों को 'उपरिक' कहा जाता था, जबकि जिलों (विषय) के प्रशासनिक अधिकारियों को 'विषयपति' कहा जाता था, और इस काल में नगरीय अर्थव्यवस्था की तुलना में सामंती व ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक प्रभावी हो चुकी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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