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BPSC TRE 4.0
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मौर्य साम्राज्य और मौर्योत्तर काल (Maurya and Post-Maurya Period) की प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक संरचना और आर्थिक गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मौर्य प्रशासन में 'समाहर्ता' (Samahartri) का मुख्य कार्य राज्य के आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना और राजस्व संग्रह का अधीक्षक होना था, जबकि 'सన్నిधाता' (Sanidhatri) राजकीय कोशागार और भण्डारगृह का मुख्य संरक्षक अधिकारी था।
- 2. मेगस्थनीज द्वारा अपनी पुस्तक 'इंडिका' में मौर्य समाज को सात जातियों (वर्गों) में विभाजित किया गया था, जिसमें दार्शनिकों (Philosophers) को समाज में सर्वोच्च स्थान दिया गया था।
- 3. मौर्योत्तर काल में सातवाहन शासकों के समय 'अमात्य' और 'महामात्र' प्रशासनिक अधिकारियों के रूप में कार्य करते थे, तथा इस काल में भूमिदान (Land Grants) देने की प्रथा का आरंभ बड़े पैमाने पर ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्ति प्रदान करने के लिए हुआ था।
- 4. कुषाण काल के दौरान भारत का रोम और पश्चिमी देशों के साथ भारी मात्रा में समुद्री और स्थलीय व्यापार होता था, जिसके परिणामस्वरूप भारत में बड़े पैमाने पर शुद्ध सोने کے सिक्कों (Pure Gold Coins) का प्रचलन शुरू हुआ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन मौर्य एवं मौर्योत्तर काल के ऐतिहासिक संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार, 'समाहर्ता' राजस्व संग्रह विभाग का प्रमुख था और 'सన్నిधाता' राजकीय कोष व भंडारों का अधिकारी था। मेगस्थनीज की 'इंडिका' में भारतीय समाज को सात वर्गों में विभाजित बताया गया है। मौर्योत्तर काल (विशेषकर सातवाहन काल) में धार्मिक और प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए भूमिदान की परंपरा की शुरुआत हुई, और कुषाण काल में कनिष्क व अन्य शासकों द्वारा अत्यधिक शुद्ध स्वर्ण मुद्राएं जारी की गईं जो व्यापारिक समृद्धि को दर्शाती हैं। ऐसी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और परीक्षापयोगी अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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तुर्की जलडमरूमध्य के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
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विश्व की प्रमुख जलसंधियों और महासागरीय गर्तों (Straits and Oceanic Trenches) के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. सुंडा जलसंधि (Sunda Strait) - जावा सागर को हिंद महासागर से जोड़ती है तथा जावा द्वीप को सुमात्रा द्वीप से अलग करती है।
2. टोरस जलसंधि (Torres Strait) - अराफुरा सागर को कोरल सागर से जोड़ती है तथा ऑस्ट्रेलिया को पापुआ न्यू गिनी से अलग करती है।
3. प्यूर्टो रिको गर्त (Puerto Rico Trench) - अटलांटिक महासागर का सबसे गहरा गर्त है, जो लगभग 8,376 मीटर की गहराई पर स्थित है।
4. जावा गर्त (Sunda/Java Trench) - प्रशांत महासागर का सबसे गहरा गर्त है, जो सुंडा ट्रेन्च के नाम से भी जाना जाता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
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शेरशाह की भू-लगान व्यवस्था की निम्नलिखित में से किससे तुलना की जा सकती है?
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मानव शरीर में होने वाली जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं और विभिन्न पादप तथा जंतु हॉर्मोन्स के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'एब्सिसिक एसिड' (Abscisic Acid) एक पादप हॉर्मोन है जो मुख्य रूप से वृद्धि-रोधक (Growth Inhibitor) के रूप में कार्य करता है, तथा यह तनाव की स्थिति (जैसे जल की कमी) में पत्तियों के रंध्रों (Stomata) को तेजी से बंद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. पौधों में प्रकाशानुवर्तन (Phototropism) और गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism) जैसी गतियों के लिए मुख्य रूप से 'ऑक्सिन' (Auxin) हॉर्मोन उत्तरदायी होता है, जिसका संश्लेषण प्ररोह (Shoot) के अग्रभाग पर होता है और यह प्रकाश के विपरीत दिशा में संचित होकर कोशिकाओं की लंबाई को बढ़ाता है।
3. जंतुओं में 'वैसोप्रेसिन' (Vasopressin), जिसे एंटीडाईयूरेटिक हॉर्मोन (ADH) भी कहा जाता है, का स्रावण हाइपोथैलेमस द्वारा निर्मित होकर पश्च पिट्यूटरी से होता है, और यह वृक्क (Kidney) की नलिकाओं में जल के पुनравशोषण (Reabsorption) को नियमित करके शरीर में जल संतुलन बनाए रखता है।
4. मानव शरीर में 'थायरोक्सिन' (Thyroxine) हॉर्मोन के निर्माण के लिए आयोडीन अनिवार्य तत्व है, और इस हॉर्मोन की अत्यधिक कमी से वयस्कों में 'मिक्सोएडिमा' (Myxedema) जबकि बच्चों में 'क्रेटीनिज्म' (Cretinism) नामक विकार उत्पन्न हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में 1970 के दशक के उत्तरार्ध में हुए ऐतिहासिक 'जेपी आंदोलन' (छात्र आंदोलन) और उसके वैचारिक व राजनीतिक परिप्रेक्ष्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस आंदोलन की शुरुआत मार्च 1974 में बिहार के छात्रों द्वारा बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के विरोध में हुई थी, जिसका नेतृत्व बाद में लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने 'संपूर्ण क्रांति' (Total Revolution) के आह्वान के साथ अपने हाथों में ले लिया था।
2. जयप्रकाश नारायण द्वारा प्रतिपादित 'संपूर्ण क्रांति' के वैचारिक ढांचे में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और नैतिक — कुल सात क्रांतियाँ शामिल थीं, जिनका मुख्य उद्देश्य व्यवस्था परिवर्तन और जन-केन्द्रित लोकतंत्र की स्थापना करना था।
3. यह छात्र और जन आंदोलन केवल बिहार तक ही सीमित रहा और इसके दबाव के बावजूद केंद्र सरकार या तत्कालीन कांग्रेस शासन पर इसका कोई विशेष राष्ट्रीय राजनीतिक प्रभाव नहीं पड़ा, जिसके परिणामस्वरुप आपातकाल की घोषणा को टाला नहीं जा सका।
4. जेपी आंदोलन के गर्भ से ही भारतीय राजनीति में समाजवादी और जनता पार्टी विचारधारा के अनेक प्रमुख युवा नेता (जैसे लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी) उभरे, जिन्होंने आगे चलकर बिहार और देश की राजनीति को दीर्घकालिक रूप से प्रभावित किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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