त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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रसायन विज्ञान के विविध एवं प्रायोगिक अनुप्रयोगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. कृत्रिम वर्षा (Cloud Seeding) कराने के लिए आमतौर पर सिल्वर आयोडाइड (AgI) या ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (शुष्क बर्फ) का उपयोग किया जाता है, जो बादलों में जलवाष्प के संघनन के लिए 'संघनन नाभिक' (Condensation Nuclei) का कार्य करते हैं।
- 2. भोपाल गैस त्रासदी (1984) के लिए उत्तरदायी गैस मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) थी, जो जल के साथ तीव्र exothermic (ऊष्माक्षेपी) अभिक्रिया करके अत्यधिक विषैली और वाष्पशील गैसों का निर्माण करती है।
- 3. 'भविष्य की धातु' (Metal of Future) के रूप में टाइटेनियम को जाना जाता है क्योंकि यह अत्यंत हल्की, मजबूत और संक्षारण (Corrosion) प्रतिरोधी होती है, तथा इसका घनत्व लोहे की तुलना में लगभग आधा होने के बावजूद इसकी शक्ति उच्च होती है।
- 4. भारी जल (Deuterium Oxide - $D_2O$) का उपयोग नाभिकीय रिएक्टरों में 'मंदक' (Moderator) के रूप में किया जाता है, जिसका मुख्य कार्य न्यूट्रॉनों की गति को तीव्र करना होता है ताकि श्रृंखला अभिक्रिया (Chain Reaction) को त्वरित किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। कृत्रिम वर्षा में सिल्वर आयोडाइड और शुष्क बर्फ का प्रयोग होता है; भोपाल गैस त्रासदी में मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस का रिसाव हुआ था; और टाइटेनियम को इसकी मजबूती और हल्केपन के कारण 'भविष्य की धातु' कहा जाता है। किंतु कथन 4 असत्य है क्योंकि भारी जल ($D_2O$) का उपयोग नाभिकीय रिएक्टरों में न्यूट्रॉनों की गति को **मंद (धीमा)** करने के लिए किया जाता है, न कि तीव्र करने के लिए। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर विजिट करें।
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चिप्स के पैकेट में कौन सी गैस भरी जाती है?
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बिहार के जनजातीय आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संथाल विद्रोह (1855-56), जिसे 'हुंड़ विद्रोह' भी कहा जाता है, मुख्य रूप से भागलपुर से राजमहल की पहाड़ियों के बीच फैले 'दामिन-ए-कोह' क्षेत्र में साहुकारों, महाजनों और ब्रिटिश अधिकारियों के दमनकारी नीतियों के विरुद्ध सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव के नेतृत्व में आयोजित किया गया था।
2. मुंडा उलगुलान (महान हलचल) का नेतृत्व बिरसा मुंडा ने किया था, जिन्होंने 'खूंटकट्टी' (सामूहिक भूमि व्यवस्था) प्रथा को समाप्त कर जमींदारी और बेगार प्रथा को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए धार्मिक और राजनीतिक आंदोलन चलाया था।
3. ताना भगत आंदोलन की शुरुआत वर्ष 1914 में छोटा नागपुर क्षेत्र में जतरा भगत के नेतृत्व में हुई थी, जो उरांव जनजाति का एक सुधारवादी आंदोलन था और इसने गांधीजी के असहयोग आंदोलन से जुड़कर ब्रिटिश सरकार को मालगुजारी न देने का आह्वान किया था।
4. खरवार आंदोलन (1870 के दशक) का नेतृत्व भागीरथ मांझी ने किया था, जिसका उद्देश्य संथालों और अन्य जनजातियों में सामाजिक-धार्मिक सुधार लाना तथा विदेशी शासन को समाप्त कर अपने पारंपरिक स्वशासन को पुनर्जीवित करना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अर्धचालकों (Semiconductors) तथा डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रयुक्त 'P-N जंक्शन डायोड' (P-N Junction Diode) और लॉजिक गेट्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब एक P-N जंक्शन डायोड को 'फॉरवर्ड बायस' (Forward Bias) से जोड़ा जाता है, तो बैटरी का धन ध्रुव P-type क्षेत्र से और ऋण ध्रुव N-type क्षेत्र से जोड़ा जाता है, जिससे डिप्लेशन परत (Depletion Region) की मोटाई कम हो जाती है और डायोड उच्च प्रतिरोध प्रदान करता है।
2. 'नैंड गेट' (NAND Gate) और 'नॉर गेट' (NOR Gate) को 'सार्वभौमिक गेट' (Universal Gates) कहा जाता है, क्योंकि इनका उपयोग करके बुनियादी लॉजिक गेट्स जैसे AND, OR और NOT का निर्माण किया जा सकता है।
3. ट्रांजिस्टर (Transistor) के कार्य करने के लिए इसके तीन क्षेत्रों—उत्सर्जक (Emitter), आधार (Base) और संग्राहक (Collector) में से आधार क्षेत्र बहुत पतला और हल्के ढंग से डोप (Lightly Doped) किया जाता है ताकि अधिकांश आवेश वाहक (Charge Carriers) उत्सर्जक से संग्राहक तक आसानी से पहुँच सकें।
4. प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) 'रिवर्स बायस' (Reverse Bias) की स्थिति में कार्य करता है, जिसमें विद्युत ऊर्जा सीधे उच्च आवृत्ति के लेजर प्रकाश में परिवर्तित होती है और यह क्वांटम दक्षता के सिद्धांत पर आधारित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संचित निधि के अलावा ऋण से संबंधित लेनदेन किसमें रखे जाते हैं?
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विश्व की प्रमुख जलसंधियों और महासागरीय गर्तों (Trenches) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मलकक्का जलसंधि (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है, जो प्रशांत महासागर को हिंद महासागर (अंडमान सागर) से जोड़ती है और यह वैश्विक समुद्री व्यापार का एक अत्यधिक व्यस्त मार्ग है।
2. सुंडा जलसंधि (Sunda Strait) जावा द्वीप को सुमात्रा द्वीप से अलग करती है और जावा सागर को हिंद महासागर से जोड़ती है।
3. विश्व का सबसे गहरा महासागरीय गर्त 'मरियाना गर्त' (Mariana Trench) प्रशांत महासागर में स्थित है, जबकि हिंद महासागर का सबसे गहरा गर्त 'सुंडा गर्त' (जिसे जावा गर्त भी कहते हैं) है।
4. बेरिंग जलसंधि आर्कटिक महासागर को प्रशांत महासागर (बेरिंग सागर) से जोड़ती है और यह एशिया महाद्वीप को उत्तरी अमेरिका महाद्वीप से अलग करती है, तथा इसी जलसंधि के पास से अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा गुजरती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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