त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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भौतिकी के विविध अनुप्रयोगों एवं सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. रमन प्रभाव (Raman Effect) के अनुसार, जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम ( ठोस, द्रव या गैस) से गुजरता है, तो उसका अधिकांश भाग उसी आवृत्ति का रहता है, परंतु अल्प मात्रा में प्रकीर्णित प्रकाश की आवृत्ति आपतित प्रकाश की आवृत्ति से भिन्न होती है, जिसे स्टोक्स और एंटी-स्टोक्स रेखाएँ कहा जाता है।
- 2. 'सुपरकंडक्टिविटी' (अतिचालकता) की स्थिति में किसी पदार्थ का विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है और वह अपने भीतर से चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं को बाहर धकेल देता है, जिसे 'मेइसनर प्रभाव' (Meissner Effect) कहा जाता है।
- 3. 'सीबेक प्रभाव' (Seebeck Effect) इस तथ्य पर आधारित है कि जब दो अलग-अलग धातुओं के तारों को जोड़कर दो जंक्शन बनाए जाते हैं और उनके तापमान में अंतर रखा जाता है, तो परिपथ में विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है, जो ताप विद्युत युग्म (Thermocouple) का मूल सिद्धांत है।
- 4. 'क्रायोजेनिक्स' (Cryogenics) विज्ञान की वह शाखा है जो अत्यधिक उच्च तापमान (1000 डिग्री सेल्सियस से अधिक) पर होने वाले भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों का अध्ययन करती है, विशेष रूप से रॉकेट इंजनों के ऊष्मा प्रबंधन के संदर्भ में।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। रमन प्रभाव प्रकाश के प्रकीर्णन से संबंधित है जिसके लिए सी.वी. रमन को नोबेल पुरस्कार मिला था। अतिचालकता के दौरान मेइसनर प्रभाव के कारण पदार्थ पूर्ण diamagnetic (प्रतिचुंबकीय) व्यवहार प्रदर्शित करता है। सीबेक प्रभाव ताप-विद्युत युग्म (Thermocouple) का आधार है जिससे ताप को विद्युत में बदला जाता है। कथन 4 असत्य है क्योंकि 'क्रायोजेनिक्स' अत्यधिक **निम्न तापमान** (Ultra-low temperatures, सामान्यतः -150 °C से नीचे) के अध्ययन से संबंधित है, न कि उच्च तापमान से। परीक्षा की तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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वायुमंडल के दाब पेटियों (Pressure Belts), आर्द्रता एवं वैश्विक पवन संचार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विषुवतीय निम्न दाब पेटी (डोलड्रम) एक तापीय रूप से प्रेरित पेटी है, जहाँ सूर्य की किरणें वर्षभर लंबवत पड़ने के कारण उच्च तापमान रहता है, जिससे हवाएँ गर्म होकर ऊपर उठती हैं और यहाँ क्षैतिज पवनों का पूर्ण अभाव होता है।
2. उपोष्ण उच्च दाब पेटी से उपध्रुवीय निम्न दाब पेटी की ओर चलने वाली स्थायी पवनों को 'पछुआ पवनें' (Westerlies) कहा जाता है, तथा पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न कोरिऑलिस बल (Coriolis Force) के प्रभाव से ये उत्तरी गोलार्ध में दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर विक्षेपित हो जाती हैं।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclones) के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान न्यूनतम 27°C होना आवश्यक है, तथा कोरियोलिस बल की अनुपस्थिति के कारण ये चक्रवात भूमध्य रेखा के ठीक 0° से 5° अक्षांश के बीच सर्वाधिक तीव्रता से विकसित होते हैं।
4. सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) किसी निश्चित तापमान पर वायु में मौजूद जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर वायु की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता का अनुपात होती है, जो तापमान में वृद्धि के साथ घटती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के लोक साहित्य और भाषा के संदर्भ में, प्रसिद्ध भोजपुरी उपन्यास 'फूला' (Phula) के रचयिता निम्नलिखित में से कौन हैं, जिन्हें भोजपुरी साहित्य का एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर माना जाता है?
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कर्नाटक ने किस टीम को हराकर विजय हजारे ट्रॉफी 2024-25 का खिताब जीता?
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मानव शरीर के विभिन्न तंत्रों और उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव पाचन तंत्र में आमाशय (Stomach) से निकलने वाला 'पेप्सिनोजेन' निष्क्रिय एंजाइम हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के संपर्क में आकर सक्रिय 'पेप्सिन' में बदल जाता है, जो प्रोटीन को पेप्टोन और प्रोटियोज़ में विखंडित करता है।
2. मानव परिसंचरण तंत्र में 'पेसमेकर' (Sinoatrial Node - SA Node) दाएँ आलिंद की दीवार पर स्थित होता है, जो स्वतः उत्तेजना उत्पन्न करके हृदय की धड़कन की शुरुआत करता है, जिसे हृदय का 'पेसमेकर' कहा जाता है।
3. मानव तंत्रिका तंत्र में प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex Actions) का नियंत्रण मुख्य रूप से मस्तिष्क के 'प्रमस्तिष्क' (Cerebrum) द्वारा किया जाता है, जो बिना सोचे-समझे तीव्र अनुक्रिया उत्पन्न करता है।
4. मानव उत्सर्जन तंत्र में वृक्क (Kidney) की कार्यात्मक इकाई 'नेफ्रॉन' (Nephron) होती है, जिसके 'हेनले का लूप' (Loop of Henle) का मुख्य कार्य मूत्र का सांद्रण करना और जल एवं खनिजों का पुनравशोषण करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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