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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की न्याय व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत किसी राज्य का उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के साथ-साथ किसी अन्य उद्देश्य के लिए भी रिट (Writ) जारी कर सकता है, जिसकी अधिकारिता का दायरा (Territorial Jurisdiction) केवल संबंधित राज्य के भू-भाग तक सीमित नहीं है, बल्कि यदि वाद का कारण (Cause of Action) उस क्षेत्र के भीतर उत्पन्न हुआ हो तो वह अपने राज्य से बाहर स्थित प्राधिकारी या सरकार के विरुद्ध भी निर्देश या आदेश जारी कर सकता है।
- 2. अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है, तथा जिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने वाले व्यक्ति के लिए यह अनिवार्य है कि वह कम से कम सात वर्ष तक अधिवक्ता या बैरिस्टर रहा हो और संघ या राज्य की सेवा में पहले से कार्यरत न हो।
- 3. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 239AA (जिसे 69वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1991 द्वारा जोड़ा गया था) के प्रावधानों के अंतर्गत दिल्ली के लिए एक विधानसभा और मंत्रिपरिषद का प्रावधान किया गया है, तथा इस संघ राज्य क्षेत्र के उच्च न्यायालय (दिल्ली उच्च न्यायालय) की स्थापना वर्ष 1966 में की गई थी।
- 4. संसद को अनुच्छेद 241 के तहत यह शक्ति प्राप्त है कि वह किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है या किसी संघ राज्य क्षेत्र के न्यायिक क्षेत्र को किसी पड़ोसी राज्य के उच्च न्यायालय के अंतर्गत रख सकती है, जिसके तहत अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का क्षेत्राधिकार कलकत्ता उच्च न्यायालय के अधीन आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारतीय संविधान के भाग VI में राज्यों के उच्च न्यायालयों (अनुच्छेद 214-231) और अधीनस्थ न्यायालयों (अनुच्छेद 233-237) तथा भाग VIII में संघ राज्य क्षेत्रों (अनुच्छेद 239-241) से संबंधित विस्तृत और महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान किए गए हैं। अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता उच्चतम न्यायालय (अनुच्छेद 32) की तुलना में अधिक व्यापक है। अनुच्छेद 233 जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित करता है, जबकि अनुच्छेद 241 संसद को संघ राज्य क्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालय के गठन या उनके क्षेत्राधिकार के निर्धारण का अधिकार देता है। इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रश्नों के संपूर्ण अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के अध्ययन सामग्री का संदर्भ लें।
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ध्वनि तरंगों और तरंग गति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य (Longitudinal) यांत्रिक तरंगें होती हैं, जिनमें माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के समानांतर कंपन करते हैं, और निर्वात में इनका संचरण संभव नहीं होता क्योंकि इन्हें गति करने के लिए प्रत्यास्थता और जड़त्व वाले भौतिक माध्यम की आवश्यकता होती है।
2. किसी माध्यम में ध्वनि की चाल (Velocity of Sound) माध्यम के घनत्व और प्रत्यास्थता पर निर्भर करती है, तथा लाप्लास (Laplace) के संशोधन के अनुसार गैसों में ध्वनि की चाल का सूत्र $v = \sqrt{\frac{\gamma P}{\rho}}$ होता है, जिसके कारण गैस का दाब बदलने पर ध्वनि की चाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता बशर्ते तापमान स्थिर रहे।
3. जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति (Frequency) और तरंगदैर्ध्य (Wavelength) दोनों अपरिवर्तित रहती हैं, जबकि माध्यम के घनत्व परिवर्तन के कारण उसकी चाल और आयाम (Amplitude) बदल जाते हैं।
4. प्रतिध्वनि (Echo) सुनने के लिए श्रोता और परावर्तक सतह के बीच की न्यूनतम दूरी सामान्य वायुमंडलीय तापमान पर लगभग 16.6 मीटर (या 17 मीटर) होनी चाहिए, क्योंकि मानव कान पर ध्वनि का प्रभाव $1/10$ सेकंड (0.1 सेकंड) तक रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान में आपात उपबंधों (Emergency Provisions) और संविधान संशोधन प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की घोषणा के समय अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त छह मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, बशर्ते आपातकाल की उद्घोषणा 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर की गई हो, न कि 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर।
2. राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) की अधिकतम अवधि तीन वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, जिसके लिए प्रत्येक छह माह पर संसद के दोनों सदनों द्वारा साधारण बहुमत से अनुमोदन आवश्यक होता है और इसके साथ ही राष्ट्रीय आपातकाल का पूरे देश में लागू होना अनिवार्य है।
3. संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368) को संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है, किंतु इसे पारित करने के लिए प्रत्येक सदन में कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई बहुमत होना अनिवार्य है, तथा इस प्रक्रिया में संयुक्त बैठक (Joint Sitting) का कोई प्रावधान नहीं है।
4. संविधान के संघीय ढाचे से जुड़े प्रावधानों में संशोधन के लिए संसद के विशेष बहुमत के साथ-साथ देश के कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थन (Ratification) प्राप्त होना आवश्यक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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