त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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मानव शरीर के परिसंचरण तंत्र (Circulatory System) और रुधिर विज्ञान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मानव हृदय में महाधमनी (Aorta) से ऑक्सीजनयुक्त रक्त प्रवाहित होता है, और हृदय के दायां आलिंद (Right Atrium) तथा दायां निलय (Right Ventricle) के बीच स्थित कपाट को 'द्विवलनी कपाट' या 'मिट्रल वाल्व' (Mitral Valve) कहा जाता है।
- 2. रुधिर प्लाज्मा में पाए जाने वाले 'फाइब्रिनोजेन' (Fibrinogen) और 'प्रोथ्रोम्बिन' (Prothrombin) प्रोटीन यकृत (Liver) द्वारा संश्लेषित होते हैं, जो रक्त का थक्का जमने (Blood Clotting) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- 3. 'सर्वग्राही' (Universal Recipient) रक्त समूह 'AB' की लाल रक्त कणिकाओं (RBC) की सतह पर एंटीजन 'A' और एंटीजन 'B' दोनों उपस्थित होते हैं, किंतु इसके प्लाज्मा में 'एंटी-ए' (Anti-A) और 'एंटी-बी' (Anti-B) दोनों प्रकार के एंटीबॉडी अनुपस्थित होते हैं।
- 4. रुधिर में हीमोग्लोबिन की कमी या उसके असमान वितरण के कारण होने वाले 'एनीमिया' (Rakta-alptta) रोग में ऑक्सीजन वहन करने की क्षमता प्रभावित होती है, तथा व्यस्क मानव में सामान्य हीमोग्लोबिन की मात्रा लगभग 12 से 16 ग्राम प्रति 100 मिलीलीटर रक्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि हृदय के दाएँ आलिंद और दाएँ निलय के बीच 'त्रिवलनी कपाट' (Tricuspid Valve) पाया जाता है, जबकि 'द्विवलनी कपाट' या 'मिट्रल वाल्व' बाएं आलिंद और बाएं निलय के बीच स्थित होता है। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। फाइब्रिनोजेन और प्रोथ्रोम्बिन यकृत द्वारा बनते हैं; AB रक्त समूह सर्वग्राही है जिसमें दोनों एंटीजन होते हैं पर कोई एंटीबॉडी नहीं; और सामान्य हीमोग्लोबिन स्तर 12-16 ग्राम/100 मिली होता है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की विस्तृत तैयारी के लिए इस पोर्टल पर विजिट करें।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत संघ की न्यायपालिका (उच्चतम न्यायालय) और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के संवैधानिक प्रावधानों, शक्तियों और स्वतंत्रता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 129 के अनुसार उच्चतम न्यायालय एक 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) है, जिसका अर्थ है कि उसके सभी निर्णयों, अभिलेखों और कार्रवाइयों को साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाएगा और उन्हें किसी भी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जा सकता, तथा उसे अपनी अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति भी प्राप्त है।
2. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और उन्हें उनके पद से केवल उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और आधारों पर उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश को हटाया जाता है।
3. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) अपनी पदमुक्ति के पश्चात भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी प्रकार के अन्य कार्यालय (लाभ के पद) के पात्र नहीं होते हैं, जो उनकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए एक संवैधानिक प्रतिबंध है।
4. उच्चतम न्यायालय की आरंभिक (Original) अधिकारिता के अंतर्गत भारत सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच या दो या अधिक राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले कानूनी विवाद आते हैं, किंतु इसमें किसी संधि या समझौते से उत्पन्न विवाद पूरी तरह शामिल होते हैं और इस पर संसद कोई विधि बनाकर प्रतिबंध लगा सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कृषि घनत्व और भौगोलिक घनत्व की परिभाषाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
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Gammaxene, DDT और ब्लीचिंग पाउडर किसके यौगिक हैं?
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खगोलतिकी और गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केप्लर के ग्रहीय गति के तृतीय नियम (परिक्रमण काल का नियम) के अनुसार, किसी ग्रह के परिक्रमण काल का वर्ग ($T^2$) उसकी सूर्य से औसत दूरी के घन ($R^3$) के सीधे समानुपातिक होता है, जिसका उपयोग खगोलविदों द्वारा सौरमंडल में दूरस्थ पिंडों की कक्षाओं के निर्धारण के लिए किया जाता है।
2. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$) का मान द्रव्यमान और दूरी की इकाइयों पर निर्भर करता है, और इसे सर्वप्रथम हेनरी केवेंडिश द्वारा मरोड़ी संतुलन (Torsion Balance) प्रयोग की सहायता से सटीक रूप से प्रायोगिक तौर पर निर्धारित किया गया था।
3. पृथ्वी की सतह से ऊपर जाने पर गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान घटता है, किंतु पृथ्वी के भीतर गहराई में जाने पर भी $g$ का मान लगातार घटता जाता है और पृथ्वी के केंद्र पर यह शून्य हो जाता है।
4. कृत्रिम उपग्रह के भीतर बैठे अंतरिक्ष यात्री को भारहीनता (Weightlessness) का अनुभव इसलिए होता है क्योंकि उपग्रह और अंतरिक्ष यात्री दोनों ही पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में समान त्वरण से मुक्त पतन (Free Fall) की स्थिति में होते हैं, जिससे अभिलंब प्रतिक्रिया बल शून्य हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1919 में इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल द्वारा पारित 'रॉलेट एक्ट' (अराजक और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम) का मुख्य उद्देश्य बिना किसी वारंट के अनिश्चितकालीन नजरबंदी और प्रेस पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना था, जिसके विरोध में महात्मा गांधी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल और 'अपमान दिवस' के रूप में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था।
2. खिलाफत आंदोलन की शुरुआत तुर्की के खलीफा के पद को समाप्त करने और उसके साम्राज्य के विघटन के विरोध में भारत में अली बंधुओं (मौलाना मोहम्मद अली और शौकत अली), मौलाना आजाद तथा हसरत मोहानी के नेतृत्व में की गई थी, तथा नवंबर 1919 में दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय खिलाफत सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर महात्मा गांधी को चुना गया था।
3. सितंबर 1920 में कलकत्ता में हुए कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में लाला लाजपत राय की अध्यक्षता में असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ, जिसमें पंजाब और खिलाफत के अन्याय के निवारण के साथ-साथ 'स्वराज' की प्राप्ति को मुख्य लक्ष्य बनाया गया था, तथा चौरी-चौरा की हिंसा (फरवरी 1922) के बाद बारदोली में कांग्रेस कार्य समिति ने इस आंदोलन को औपचारिक रूप से स्थगित कर दिया था।
4. असहयोग आंदोलन के दौरान बिहार में राजेन्द्र प्रसाद, मज़हरुल हक, और ब्रजकिशोर प्रसाद जैसे प्रमुख नेताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई, तथा मज़हरुल हक ने पटना के करीब सदाकत आश्रम की स्थापना की और 'द मदरलैंड' नामक राष्ट्रवादी अखबार निकाला, जबकि असहयोग के दौरान ही नेशनल कॉलेज और बिहार विद्यापीठ की स्थापना की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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