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BPSC TRE 4.0
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ग्रेगर जॉन मेंडल (Gregor Johann Mendel) ने मटर के पौधे (Pisum sativum) पर अपने संकरण प्रयोगों के आधार पर वंशागति के मुख्य नियमों का प्रतिपादन किया, जिसमें 'स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम' (Law of Independent Assortment) इस मान्यता पर आधारित है कि द्विसंकर क्रॉस (Dihybrid Cross) में लक्षणों के विभिन्न जोड़े एक-दूसरे से पूरी तरह स्वतंत्र रूप से वंशागत होते हैं।
  2. 2. चार्ल्स डार्विन द्वारा प्रस्तुत 'प्राकृतिक चयन का सिद्धांत' (Theory of Natural Selection) इस तथ्य पर जोर देता है कि जीव अत्यधिक संतति उत्पन्न करते हैं जिसके कारण संसाधनों के लिए संघर्ष होता है, और प्रकृति केवल उन्हीं जीवों का चयन करती है जिनमें अनुकूल और लाभकारी विभिन्नताएँ (Variations) पाई जाती हैं।
  3. 3. ह्यूगो डी व्रीस (Hugo de Vries) द्वारा प्रतिपादित 'उत्परिवर्तन सिद्धांत' (Mutation Theory) के अनुसार जातियों की उत्पत्ति क्रमिक परिवर्तनों (Gradual Changes) के कारण होती है, न कि अचानक और बड़े पैमाने पर होने वाले वंशागत परिवर्तनों के कारण।
  4. 4. हार्डी-वेनबर्ग नियम (Hardy-Weinberg Principle) के अनुसार एक बड़ी आबादी में जीन आवृत्तियाँ (Gene Frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर और नियत रहती हैं, बशर्ते कि उस आबादी पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और अनुवंशिक विचलन (Genetic Drift) जैसी कोई बाहरी विकासवादी शक्तियाँ प्रभावी न हों।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। मेंडल का स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम द्विसंकर क्रॉस पर आधारित है। डार्विन का प्राकृतिक चयन का सिद्धांत जीवों की उत्तरजीविता और अनुकूलन पर बल देता है। हार्डी-वेनबर्ग संतुलन के अनुसार जीन आवृत्तियाँ तब तक स्थिर रहती हैं जब तक विकासवादी बल कार्य नहीं करते। वहीं, कथन 3 असत्य है क्योंकि ह्यूगो डी व्रीस के 'उत्परिवर्तन सिद्धांत' के अनुसार नई जातियों की उत्पत्ति अचानक होने वाले बड़े परिवर्तनों (Salutation) के कारण होती है, न कि क्रमिक परिवर्तनों से। अधिक अध्ययन सामग्री के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट करें: बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा।
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