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BPSC TRE 4.0
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' की राजनीतिक संरचना, उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा बौद्ध एवं जैन साहित्यों में उनके उल्लिखित विवरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अंगुत्तर निकाय और भगवती सूत्र जैसे प्राचीन ग्रंथों में छःवीं शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों की स्पष्ट सूची मिलती है, जिनमें 'अमक' (अस्मक) एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो गोदावरी नदी घाटी के क्षेत्र में नर्मदा और गोदावरी के बीच स्थित था और यह सभी महाजनपदों में दक्षिणतम रूप से अवस्थित था।
  2. 2. वज्जी संघ (Vajjika League) आठ कुलों का एक संघ था, जिसमें 'लिच्छवी' सबसे शक्तिशाली कुल था, और इसकी राजधानी वैशाली थी, जो प्राचीन विश्व के सबसे शुरुआती गणतंत्रों (Republics) में से एक का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
  3. 3. उत्तर प्रदेश के आधुनिक क्षेत्रों में स्थित 'मल्ल महाजनपद' की दो मुख्य राजधानियाँ थीं- कुशीनगर (कुशीनारा) और पावा, और इसी मल्ल राज्य के पावा नामक स्थान पर भगवान महावीर को महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था।
  4. 4. वत्स महाजनपद की राजधानी कौशंबी थी, जो यमुना नदी के तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था, और इस महाजनपद के राजा उदयन (उदयीन) ने बुद्ध के प्रभाव से बौद्ध धर्म को राजकीय संरक्षण प्रदान किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (b) है। कथन 1 और 2 पूर्णतः सत्य हैं। 'अमक' या 'अस्मक' महाजनपद गोदावरी नदी घाटी में स्थित एकमात्र महाजनपद था, तथा वज्जी संघ आठ कुलों का संघ था जिसकी राजधानी वैशाली थी। कथन 3 असत्य है क्योंकि भगवान महावीर को महापरिनिर्वाण (निधन) मल्ल गणराज्य की राजधानी 'पावापुरी' (जो कि पावा का ही भाग है, किंतु महावीर से जुड़ा संदर्भ जैन परंपरा में विशेष है) में हुआ था, किंतु महापरिनिर्वाण शब्द विशेष रूप से गौतम बुद्ध के संदर्भ में कुशीनगर के लिए प्रयोग होता है, और पावा में महावीर को निर्वाण मिला था। कथन 4 असत्य है क्योंकि राजा उदयन (उदयीन) वत्स महाजनपद के राजा नहीं थे, बल्कि उदयीन (या उदाभद्दिन) मगध के हरक वंश के राजा थे जिन्होंने पाटलिपुत्र की स्थापना की थी; जबकि वत्स के राजा उदयन (Udayana) थे जो स्वांततन्त्र प्रेम और रोमांस की कथाओं के लिए प्रसिद्ध हैं और वे बौद्ध धर्म के अनुयायी अवश्य बने थे, किंतु कथन में उल्लिखित तथ्य में सूक्ष्म ऐतिहासिक संमिश्रण है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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