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BPSC TRE 4.0
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बिहार के प्रमुख किसान आंदोलनों और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1922-23 में मुंगेर जिले में 'किसान सभा' का गठन मुहम्मद जुबैर और श्रीकृष्ण सिंह के प्रयासों से किया गया था, जिसका उद्देश्य जमींदारों द्वारा किसानों से अवैध रूप से वसूले जाने वाले 'हक-हकूक' और लगान के विरुद्ध कानूनी और संगठित प्रतिरोध खड़ा करना था।
- 2. स्वामी विद्यानंद ने वर्ष 1919-20 के दौरान दरभंगा और मधुबनी क्षेत्र के किसानों को संगठित कर जमींदारी जुल्मों, गो-चर भूमि पर अवैध कब्जे और बेगार प्रथा के खिलाफ एक शक्तिशाली आंदोलन चलाया था।
- 3. वर्ष 1934 में पटना के अंजुमन इस्लामिया हॉल में आयोजित एक बैठक के दौरान 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' के बैनर तले स्वामी सहजानंद सरस्वती की अध्यक्षता में 'अखिल भारतीय किसान समिति' की रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 1936 में लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा का गठन हुआ।
- 4. बकाश्त भूमि की वापसी के लिए चलाए गए संघर्ष के दौरान कार्यानंद शर्मा ने मुंगेर के बड़हिया टाल क्षेत्र में एक शक्तिशाली किसान आंदोलन का नेतृत्व किया था, जिसमें किसानों ने 'न लगान देंगे, न बेगार करेंगे' का नारा दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। आधुनिक बिहार के इतिहास में किसान आंदोलनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वर्ष 1922-23 में मुंगेर में मुहम्मद जुबैर और श्रीकृष्ण सिंह द्वारा किसान सभा की स्थापना की गई थी। स्वामी विद्यानंद ने मिथिलांचल क्षेत्र में किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। स्वामी सहजानंद सरस्वती के प्रयासों से 1929 में बिहार प्रांतीय किसान सभा तथा 1936 में अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना हुई। वहीं, कार्यानंद शर्मा के नेतृत्व में बड़हिया टाल का बकाश्त संघर्ष किसानों के ऐतिहासिक विद्रोहों में शामिल है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए ऐसे गहन और विश्लेषणात्मक प्रश्नों का अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है।
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बिहार सरकार द्वारा हाल ही में शुरू किए गए 'मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना' और 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना' के अंतर्गत राज्य की महिलाओं को नया उद्योग या स्टार्टअप स्थापित करने के लिए कुल 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 5 लाख रुपये अनुदान (Subsidy) के रूप में और शेष 5 लाख रुपये ब्याज-मुक्त ऋण (0% Interest Loan) के रूप में दिए जाते हैं।
2. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' (BSCC) के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को बैंकों के माध्यम से अधिकतम 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण (Education Loan) 4 प्रतिशत साधारण ब्याज की दर से उपलब्ध कराया जाता है, जबकि महिलाओं, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए यह ब्याज दर मात्र 1 प्रतिशत होती है।
3. राज्य के युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने और कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 'बिहार कौशल विकास मिशन' के अंतर्गत 'कुशल युवा कार्यक्रम' (KYP) का संचालन किया जा रहा है, जिसके तहत 10वीं और 12वीं पास युवाओं को बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान, भाषा कौशल और व्यवहार कौशल का प्रशिक्षण निःशुल्क दिया जाता है।
4. वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई 'मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना' के तहत राज्य के प्रत्येक वार्ड में सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि के समय सुरक्षा बढ़ाना और हरित ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार सरकार द्वारा अपराध की त्वरित जांच के लिए कितने मोबाइल फॉरेंसिक वाहन लॉन्च किए गए हैं?
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ध्वनि तरंगों के संचरण और तरंग गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ध्वनि तरंगे अनुदैर्ध्य (Longitudinal) यांत्रिक तरंगें होती हैं, जिनमें माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के समानांतर कंपन करते हैं, और यही कारण है कि ये तरंगे ठोस, द्रव और गैस तीनों माध्यमों में संचरित हो सकती हैं।
2. किसी माध्यम में ध्वनि की चाल माध्यम के प्रत्यास्थता (Elasticity) और घनत्व (Density) पर निर्भर करती है, जिसके अनुसार माध्यम की प्रत्यास्थता जितनी अधिक होगी और घनत्व जितना कम होगा, उस माध्यम में ध्वनि की चाल उतनी ही अधिक होगी।
3. हवा में ध्वनि का वेग तापमान पर निर्भर करता है, और तापमान में वृद्धि होने पर ध्वनि की चाल घट जाती है, जबकि आर्द्रता (Humidity) बढ़ने से हवा का घनत्व कम हो जाता है जिससे ध्वनि की चाल बढ़ जाती है।
4. निर्वात में ध्वनि तरंगों का संचरण संभव नहीं है क्योंकि यांत्रिक तरंगों को आगे बढ़ने के लिए किसी न किसी भौतिक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सविनय अवज्ञा आंदोलन, गांधी-इरविन समझौते और गोलमेज सम्मेलनों के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1930 में प्रारंभ हुए सविनय अवज्ञा आंदोलन की पृष्ठभूमि में गांधीजी की 11 सूत्री मांगों को वायसराय लॉर्ड इरविन द्वारा ठुकराए जाने के बाद, साबरमती आश्रम से दांडी तक की ऐतिहासिक पदयात्रा के साथ इस आंदोलन की शुरुआत हुई थी।
2. 5 मार्च 1931 को हस्ताक्षरित 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत ब्रिटिश सरकार ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी राजनीतिक कैदियों (हिंसा के आरोपी सहित) को तत्काल रिहा करने और पुलिस की ज्यादतियों की सार्वजनिक जांच कराने की शर्त को पूर्णतः स्वीकार कर लिया था।
3. कांग्रेस की ओर से केवल द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में महात्मा गांधी ने एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया था, लेकिन यह सम्मेलन सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के विवाद और दलितों के पृथक निर्वाचक मंडल के मुद्दे पर बिना किसी ठोस समझौते के असफल हो गया था।
4. वर्ष 1932 में आयोजित तृतीय गोलमेज सम्मेलन का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण बहिष्कार किया था, क्योंकि इस समय तक देश में सरकार द्वारा पुनः दमन चक्र शुरू कर दिया गया था और गांधीजी सहित अधिकांश प्रमुख कांग्रेसी नेता गिरफ्तार कर लिए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अकबर का राजस्व मंत्री कौन था?
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