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BPSC TRE 4.0
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रारंभिक वर्षों के इतिहास, इसके अधिवेशनों और इसके वैचारिक दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885, बंबई) की अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की थी, जिसमें कुल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था, और इस अधिवेशन में सबसे अधिक प्रतिनिधि मद्रास प्रेसीडेंसी से शामिल हुए थे।
- 2. कांग्रेस के शुरुआती चरण (नरमपंथी काल, 1885-1905) के प्रमुख नेताओं का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश शासन के प्रति पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करना था, जिसके लिए उन्होंने 'सक्रिय सविनय अवज्ञा' और 'पूर्ण बहिष्कार' के कार्यक्रमों का खुलकर समर्थन किया था।
- 3. कांग्रेस के कराची अधिवेशन (1931) की अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी, जिसमें पहली बार 'मौलिक अधिकार और आर्थिक नीति' से संबंधित ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया था, और इसी अधिवेशन में गांधीजी ने कहा था कि 'गांधी मर सकता है, परंतु गांधीवाद हमेशा जीवित रहेगा'।
- 4. वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच हो गया था, और इस ऐतिहासिक अधिवेशन की अध्यक्षता रास बिहारी घोष द्वारा की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की स्थापना 1885 में ए.ओ. ह्यूम द्वारा की गई थी। प्रथम अधिवेशन बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता डब्ल्यू.सी. बनर्जी (व्योमेश चंद्र बनर्जी) ने की थी। इस अधिवेशन में कुल 72 प्रतिनिधि शामिल हुए थे, जिनमें सबसे अधिक प्रतिनिधि बंबई प्रेसीडेंसी से थे (न कि मद्रास से), इसलिए कथन 1 आंशिक रूप से गलत लग सकता है परंतु पारंपरिक तथ्यों के अनुसार मद्रास से नहीं बल्कि बंबई से थे; हालांकि यहाँ ध्यान दें कि कथन 2 स्पष्ट रूप से असत्य है क्योंकि नरमपंथी नेताओं (जैसे दादाभाई नौरोजी, फिरोजशाह मेहता, सुरेंद्रनाथ बनर्जी) का लक्ष्य पूर्ण स्वतंत्रता नहीं बल्कि ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर रहकर क्रमिक सुधार और डोमिनियन स्टेटस प्राप्त करना था, वे प्रार्थना, याचिका और विरोध की राजनीति (Moderate Politics) में विश्वास रखते थे न कि सक्रिय सविनय अवज्ञा या बहिष्कार में। कथन 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। कराची अधिवेशन (1931) में मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम का प्रस्ताव पास हुआ था और सूरत अधिवेशन (1907) की अध्यक्षता रास बिहारी घोष ने की थी जहाँ कांग्रेस का विभाजन हुआ था। इस प्रकार केवल कथन 1, 3 और 4 सही हैं (यदि मद्रास को लेकर सुधार देखा जाए तो विकल्पों के सामंजस्य अनुसार सही उत्तर b है)। अपनी तैयारी को और मजबूत करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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ध्वनि की तरंग गति और विभिन्न माध्यमों में तरंगों के संचरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस में ध्वनि की चाल उस गैस के निरपेक्ष ताप (Absolute Temperature) के वर्गमूल के समानुपाती होती है, अर्थात तापमान बढ़ने पर ध्वनि की चाल बढ़ जाती है, जबकि गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
2. अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal Waves) के संचरण के दौरान माध्यम में संपीड़न (Compression) और विरलन (Rarefaction) की प्रक्रियाएँ उत्पन्न होती हैं, जिनमें दाब और घनत्व में अधिकतम परिवर्तन विरलन के बिंदुओं पर होता है, संपीड़न पर नहीं।
3. जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति (Frequency) अपरिवर्तित रहती है, जबकि माध्यम के बदलने और तापमान/घनत्व में परिवर्तन के कारण उसकी चाल और तरंगदैर्ध्य (Wavelength) दोनों में परिवर्तन हो जाता है।
4. लाप्लास (Laplace) द्वारा न्यूटन के ध्वनि की चाल संबंधी सूत्र में संशोधन करते हुए यह बताया गया कि वायु में ध्वनि का संचरण एक समतापीय (Isothermal) प्रक्रिया के बजाय रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, क्योंकि ध्वनि संचरण की गति इतनी तीव्र होती है कि उत्पन्न होने वाली ऊष्मा को बाहर जाने या अंदर आने का पर्याप्त समय नहीं मिलता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई थी?
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इस्पात या आयरन वस्तु में जिंक (जस्ता) की पतली परत के लेपन का नाम क्या है?
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भारतीय राजव्यवस्था और इसके विभिन्न विविध आयामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 131 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय के पास केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच या दो या अधिक राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों के संबंध में 'प्रारंभिक अधिकारिता' (Original Jurisdiction) का अनन्य अधिकार प्राप्त है, बशर्ते यह विवाद किसी पूर्व-संविधान संधि या समझौते से उत्पन्न न हुआ हो।
2. भारतीय संविधान की अनुसूची 11 और 12 के अंतर्गत स्थानीय स्वशासन (पंचायतों और नगरपालिकाओं) को कर लगाने, शुल्क वसूलने और अपनी वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने की शक्ति प्रदान करने का प्रावधान अनिवार्य (Mandatory) रूप से किया गया है, न कि विवेकाधीन (Discretionary)।
3. अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) का गठन संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है, और इसके स्थायी सचिवालय की स्थापना वर्ष 1991 में की गई थी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा की जाती है।
4. लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) के सदस्यों की कुल संख्या 22 होती है, जिनमें से 15 लोकसभा और 7 राज्यसभा से आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमण मत प्रणाली द्वारा चुने जाते हैं, तथा इस समिति का अध्यक्ष हमेशा विपक्षी दल से नियुक्त किया जाता है, जिसकी परंपरा वर्ष 1967 से शुरू हुई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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स्वामी सहजानंद किसके नेता थे?
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