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भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India) तथा संसद के दोनों सदनों (राज्य सभा और लोकसभा) की विधायी एवं विशेषाधिकार संबंधी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे संसद के दोनों सदनों या उनकी किसी भी समिति की बैठकों में भाग लेने और बोलने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे संसद में किसी भी मामले में मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।
- 2. अनुच्छेद 105 के अनुसार संसद के सदस्यों को मिलने वाले सभी विशेषाधिकार और उन्मुक्तियाँ महान्यायवादी को भी पूरी तरह से प्राप्त होती हैं, क्योंकि वह संसद का एक निर्वाचित सदस्य होता है।
- 3. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जिसे कभी भी भंग नहीं किया जा सकता, किंतु इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं, और राज्य सभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष निर्धारित किया गया है, जिसके चुनाव में राज्यों की विधान परिषदों के सदस्य भी मतदान करते हैं।
- 4. धन विधेयक (Money Bill) के संबंध में लोकसभा की स्थिति राज्य सभा की तुलना में पूर्णतः अनन्य और सर्वोपरि होती है, और राज्य सभा किसी भी धन विधेयक को अपने पास अधिकतम 30 दिनों तक रोक सकती है, जिसके बाद यदि वह इसे वापस नहीं करती है तो इसे दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 पूर्णतः सत्य है क्योंकि अनुच्छेद 76 के तहत महान्यायवादी को संसद की बैठकों में बोलने का अधिकार तो है (अनुच्छेद 88), पर मतदान का अधिकार नहीं है। कथन 2 असत्य है क्योंकि महान्यायवादी संसद का सदस्य नहीं होता है। कथन 3 आंशिक रूप से असत्य है क्योंकि विधान परिषदों के सदस्य राज्य सभा चुनाव में भाग नहीं लेते (केवल विधानसभा के निर्वाचित सदस्य लेते हैं)। कथन 4 असत्य है क्योंकि राज्य सभा धन विधेयक को केवल 14 दिनों तक रोक सकती है, 30 दिन तक नहीं। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर जाएं।
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885) से पूर्व ब्रिटिश भारत में स्थापित विभिन्न 'कांग्रेस की पूर्ववर्ती संस्थाओं' तथा उनके संस्थापकों/नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लैंडहोल्डर सोसाइटी' (Landholders' Society) की स्थापना वर्ष 1838 में कलकत्ता में द्वारकानाथ टैगोर द्वारा की गई थी, जिसे भारत में जमींदारों और भूमिपतियों के आर्थिक एवं राजनीतिक हितों की रक्षा करने वाली पहली संगठित संस्था माना जाता है।
2. 'ईस्ट इंडिया एसोसिएशन' की स्थापना वर्ष 1866 में लंदन में दादाभाई नौरोजी द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश जनमानस और संसद को भारत की वास्तविक समस्याओं से अवगत कराना था।
3. 'पुणे सार्वजनिक सभा' की स्थापना वर्ष 1870 में महादेव गोविंद रणाडे, गणेश वासुदेव जोशी और एस. एस. बंगाली के प्रयासों से की गई थी, जो सरकार और जनता के बीच मध्यस्थ का कार्य करती थी।
4. 'इंडियन नेशनल एसोसिएशन' (भारतीय राष्ट्रीय संघ) की स्थापना वर्ष 1876 में कलकत्ता में सुरेन्द्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस द्वारा की गई थी, जिसे कांग्रेस से पूर्व स्थापित सबसे महत्वपूर्ण और अखिल भारतीय स्तर की राजनीतिक संस्था माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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विश्व के महाद्वीप, देश, राजधानी और उनकी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के दो प्रमुख और एकमात्र स्थल-रुद्ध (Landlocked) देश बोलीविया और पराग्वे हैं, जिनकी सीमाएं महाद्वीप के तटवर्ती देशों से तो मिलती हैं लेकिन सीधे तौर पर किसी भी महासागर या खुले समुद्र से नहीं लगती हैं।
2. 'हार्न ऑफ अफ्रीका' (Horn of Africa) क्षेत्र में चार प्रमुख देश शामिल हैं—सोमालिया, इथियोपिया, जिबूती और इरिट्रिया—तथा इन सभी देशों की सीमाएं लाल सागर या अरब सागर (हिन्द महासागर) से तटवर्ती रूप से जुड़ी हुई हैं।
3. मध्य एशिया के सभी देश (कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान) पूर्णतः स्थल-रुद्ध हैं, और इनमें से उज्बेकिस्तान एक 'डबल लैंडलॉक्ड' (Double Landlocked) देश का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, क्योंकि इसके चारों ओर के सभी पड़ोसी देश भी स्वयं स्थल-रुद्ध हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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“भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आकलन और मापन” रिपोर्ट किसके द्वारा जारी की गई?
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कौन सा शब्द एक पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर किसी प्रजाति की कार्यात्मक भूमिका और स्थिति को संदर्भित करता है?
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) तथा स्वतंत्रता एवं विभाजन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के गोवालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक में 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित हुआ, और इसी अवसर पर महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' (Do or Die) का ऐतिहासिक नारा दिया था।
2. आंदोलन की शुरुआत के साथ ही ब्रिटिश सरकार ने 'ऑपरेशन ज़ीरो आवर्स' (Operation Zero Hour) के तहत कांग्रेस के सभी शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया, जिसके तहत महात्मा गांधी को पुणे के आगा खान पैलेस में नजरबंद किया गया था।
3. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में 'समांतर सरकारों' (Parallel Governments) की स्थापना हुई, जिनमें बलिया में चित्तू पांडेय के नेतृत्व में, ताम्रलिप्ती (बंगाल) में 'जातीय सरकार' और सतारा (महाराष्ट्र) में वाई.बी. चौहान एवं नाना पाटिल के नेतृत्व में 'प्रति सरकार' सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार थी।
4. वर्ष 1947 में भारत की स्वतंत्रता और विभाजन की योजना को अंतिम रूप देने वाले 'माउंटबेटन योजना' (3 जून योजना) को ब्रिटिश संसद द्वारा जुलाई 1947 में पारित 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947' के माध्यम से कानूनी जामा पहनाया गया, जिसके तहत 14-15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन राष्ट्रों में विभाजित हुए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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