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BPSC TRE 4.0
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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के द्वितीय चरण की क्रांतिकारी गतिविधियों तथा उनके प्रमुख षड्यंत्र मामलों और संगठनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1908 में मुजफ्फरपुर बम कांड के तहत प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस ने किंग्सफोर्ड की हत्या का प्रयास किया था, जिसमें किंग्सफोर्ड तो बच गया किंतु गिफ्फूर (Kennedy) की पत्नी और पुत्री की मृत्यु हो गई, जिसके परिणामस्वरुप प्रफुल्ल चाकी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए आत्महत्या कर ली थी।
- 2. वर्ष 1925 की काकोरी ट्रेन एक्शन (काकोरी षड्यंत्र) घटना को 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) के क्रांतिकारियों द्वारा अंजाम दिया गया था, जिसमें सरकारी खजाने को लूटने के आरोप में रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी को फांसी की सजा दी गई थी।
- 3. वर्ष 1928 में लाहौर में ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन सांडर्स की हत्या लाला लाजपत राय की लाठीचार्ज से हुई मृत्यु का बदला लेने के लिए भगत सिंह, सुखदेव और चंद्रशेखर आजाद द्वारा की गई थी, जिसे 'लाहौर षड्यंत्र केस' के रूप में जाना जाता है।
- 4. सूर्य सेन (मास्टर दा) के नेतृत्व में वर्ष 1930 में चटगाँव शस्त्रागार पर आक्रमण किया गया था, जिसमें 'इंडियन रिपब्लिकन आर्मी' के क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शस्त्रागार को लूटकर अस्थायी क्रांतिकारी सरकार की स्थापना की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि मुजफ्फरपुर बम कांड (30 अप्रैल 1908) में किंग्सफोर्ड की हत्या के प्रयास में ब्रिटिश जज किंग्सफोर्ड बच गया था, लेकिन जिस बग्गी पर बम फेंका गया था उसमें कैनेडी (Kennedy) की पत्नी और पुत्री बैठी थीं, न कि गिफ्फूर की। प्रफुल्ल चाकी ने पुलिस से घिरने पर आत्महत्या कर ली थी और खुदीराम बोस को फांसी दी गई थी। अन्य सभी कथन (2, 3 और 4) पूर्णतः सत्य हैं। इस तरह के महत्वपूर्ण और कठिन प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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मुद्रा, बैंकिंग प्रणाली और केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अधिनियम, 1934 की धारा 45ZA के अंतर्गत केंद्र सरकार को भारतीय रिजर्व बैंक के परामर्श से देश में मध्यम अवधि के लिए मुद्रास्फीति लक्ष्य (Inflation Target) निर्धारित करने की वैधानिक शक्ति प्राप्त है।
2. वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद का गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 279A के तहत किया गया है, जिसके अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री होते हैं और इसके निर्णयों में केंद्र के पास कुल मतों का एक-तिहाई तथा राज्यों के पास दो-तिहाई मतों का भारांश होता है।
3. भारत के वित्त आयोग (Finance Commission) की सिफारिशें केवल केंद्र सरकार के लिए बाध्यकारी होती हैं, और केंद्र सरकार के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वह उन सिफारिशों के आधार पर राज्यों को करों के हस्तांतरण से संबंधित नियमों को संसद में प्रस्तुत करे।
4. बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 22 के अनुसार, भारत में किसी भी नए वाणिज्यिक बैंक की स्थापना के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है, तथा इसके साथ ही यह अधिनियम सहकारी बैंकों पर भी पूर्ण रूप से लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मौर्य साम्राज्य और मौयोट्तर काल (शंग, कान्व, सातवाहन और कुषाण वंश) के प्रशासनिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्य प्रशासन में 'समाहर्ता' (Samahartri) का मुख्य कार्य राज्य के आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना और वार्षिक बजट तैयार करना था, जबकि 'संनिधाता' (Sanidhartri) राजकीय कोषागार और भण्डागार का मुख्य अधिकारी होता था।
2. सातवाहन शासकों ने अपने सिक्कों पर प्राकृत के साथ-साथ तमिल और तेलुगु भाषाओं का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया था, और उन्होंने ब्राह्मणों तथा बौद्ध भिक्षुओं को भूमि अनुदान (Land Grants) देने की प्रथा का सर्वप्रथम बड़े स्तर पर आरंभ किया था।
3. कुषाण वंश के सबसे प्रसिद्ध शासक कनिष्ठ के शासनकाल में पुरुषपुर (पेशावर) में चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन हुआ था, जिसमें महायान बौद्ध मत को आधिकारिक रूप से संरक्षण मिला तथा गांधार एवं मथुरा कला शैलियों का अभूतपूर्व विकास हुआ।
4. मौर्योत्तर काल में भारत और रोमन साम्राज्य के मध्य अत्यधिक मात्रा में विदेशी व्यापार होता था, जिसके प्रमाण के रूप में दक्षिण भारत से रोमन स्वर्ण सिक्के (Denarii) बड़ी संख्या में प्राप्त हुए हैं, और इस व्यापार का मुख्य बंदरगाह पश्चिमी तट पर स्थित 'भारूच' (भ्रुकच्छ) था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अर्धचालक भौतिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शुद्ध अर्धचालकों (Intrinsic Semiconductors) जैसे कि सिलिकॉन और जर्मेनियम में वर्जित ऊर्जा अंतराल (Forbidden Energy Gap) का मान लगभग 1 eV से 1.2 eV के बीच होता है, तथा परम शून्य ताप (0 K) पर ये एक आदर्श विद्युत कुचालक (Insulator) की तरह व्यवहार करते हैं।
2. जब शुद्ध सिलिकॉन में समूह-13 के किसी तत्व (जैसे इंडियम या बोरॉन) को अपमिश्रित (Dope) किया जाता है, तो 'n-प्रकार' (n-type) का बाह्य अर्धचालक बनता है जिसमें बहुसंख्यक आवेश वाहक (Majority Charge Carriers) इलेक्ट्रॉन होते हैं।
3. p-n संधि डायोड (p-n junction diode) में जब अग्र अभिनति (Forward Bias) आरोपित की जाती है, तो अवक्षय परत (Depletion Region) की चौड़ाई कम हो जाती है और प्रतिरोध बहुत कम हो जाता है, जिससे सर्किट में धारा का प्रवाह सुगमता से होने लगता है।
4. जेनर डायोड (Zener Diode) का उपयोग मुख्य रूप से वोल्टेज नियंत्रक या वोल्टेज नियामक (Voltage Regulator) के रूप में किया जाता है, और यह हमेशा अग्र अभिनति (Forward Bias) की स्थिति में कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कौन सा कार्बन का अपरूप विद्युत का सुचालक है?
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प्रोटोप्लास्ट क्या है?
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