त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
1 views
1857 के विद्रोह के दौरान बिहार में हुए संघर्षों और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. जगदीशपुर (आरा) - कुंवर सिंह एवं अमर सिंह
- 2. पटना - पीर अली खान (पुस्तक विक्रेता)
- 3. गया - राजकुमार सिंह
- 4.
रामगढ़ (छोटा नागपुर) - टिकैत उमराव सिंह एवं शेख भिखारी उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1857 के महान विद्रोह में बिहार का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। जगदीशपुर (आरा) में बाबू कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह ने विद्रोह का सफल नेतृत्व किया था। पटना में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व एक स्थानीय पुस्तक विक्रेता पीर अली खान ने किया था, जिसे बाद में अंग्रेजों द्वारा फाँसी दे दी गई। वहीं, रामगढ़ और छोटा नागपुर क्षेत्र में विद्रोहियों का नेतृत्व टिकैत उमराव सिंह और शेख भिखारी ने किया था, जिन्होंने अंग्रेजों के संचार मार्गों को बाधित करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। गया में विद्रोह का नेतृत्व सुंदरी सिंह और देवघर (संथाल परगना) के सैनिकों द्वारा मुख्य रूप से किया गया था, अतः गया के संबंध में 'राजकुमार सिंह' का युग्म सही नहीं है। अधिक अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
जमुई जिले के चकाई, बटिया और चरका पत्थर क्षेत्र निम्नलिखित में से किस खनिज से संबंधित हैं?
→
प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' और उनकी राजधानियों के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अंग - चंपा
2. वज्जी - वैशाली
3. अश्मक - पोटली या पोतन
4. मदी - कुशीनगर
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
→
भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और संसद (लोकसभा एवं राज्य सभा) की विधाई प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है, जिसके लिए यह आवश्यक है कि वह उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यता रखता हो या भारत का मुख्य न्यायाधीश रह चुका हो।
2. महान्यायवादी को भारत के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है तथा उसे संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्य सभा) या उनकी संयुक्त बैठक तथा किसी भी समिति की बैठकों में भाग लेने और बोलने का अधिकार है, किंतु उसे अनुच्छेद 88 के तहत संसद में मतदान करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
3. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जिसका कभी विघटन नहीं होता है, और इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं, तथा इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है, जिसका निर्धारण मूल रूप से संविधान के अनुच्छेद 80 में किया गया है।
4. लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) लाने के लिए कम से कम 100 सदस्यों के समर्थन की अनिवार्य आवश्यकता होती है, और यह प्रस्ताव केवल मंत्रिपरिषद के खिलाफ ही लाया जा सकता है, न कि किसी एक मंत्री या निजी सदस्य के खिलाफ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) और घूर्णन गति के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दृढ़ पिंड का जड़त्व आघूर्ण केवल उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है, और घूर्णन अक्ष की स्थिति या द्रव्यमान के स्थानिक वितरण का इसके मान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
2. घूर्णन गति करते हुए किसी पिंड का कोणीय संवेग (Angular Momentum) तब संरक्षित रहता है जब उस पर कार्यरत बाह्य बल आघूर्ण (External Torque) का मान शून्य होता है, जिसके कारण आइस स्केटिंग करने वाले खिलाड़ी अपने हाथों को शरीर के पास समेटकर अपनी घूर्णन चाल को बढ़ा लेते हैं।
3. समानांतर अक्ष प्रमेय (Parallel Axes Theorem) के अनुसार, किसी भी अक्ष के परितः किसी पिंड का जड़त्व आघूर्ण, उसके द्रव्यमान केंद्र से गुजरने वाली समानांतर अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण तथा पिंड के कुल द्रव्यमान एवं दोनों अक्षों के बीच की दूरी के वर्ग के गुणनफल के योग के बराबर होता है।
4. लंबवत अक्ष प्रमेय (Perpendicular Axes Theorem) किसी भी त्रिविमीय (3D) ठोस पिंड के लिए सदैव लागू होती है, चाहे वह पिंड समतल (Planar) हो अथवा नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारतीय संविधान के 73वें और 74वें संविधान संशोधन तथा 97वें संविधान संशोधन के अंतर्गत स्थानीय स्वशासन (पंचायत, नगरपालिका और सहकारी समितियां) की व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 73वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 243-G के तहत पंचायतों को 11वीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों पर आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने की शक्ति दी गई है, किंतु इन विषयों पर कर लगाने का अधिकार केवल राज्य विधानमंडल को है, पंचायतों को कर लगाने की स्वैच्छिक शक्ति स्वतः प्राप्त नहीं होती।
2. 74वें संशोधन के माध्यम से शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) में वार्ड कमेटियों के गठन का प्रावधान किया गया है, और यह प्रावधान उन नगरपालिकाओं पर अनिवार्य रूप से लागू होता है जिनकी जनसंख्या 3 लाख या उससे अधिक है।
3. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा सहकारी समितियों के गठन के अधिकार को अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत एक मौलिक अधिकार बनाया गया तथा संविधान में नया भाग IX-ख जोड़ा गया, जिसमें यह प्रावधान किया गया कि किसी सहकारी समिति के बोर्ड में निदेशकों की अधिकतम संख्या 21 से अधिक नहीं होगी।
4. पंचायती राज संस्थाओं में वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए प्रत्येक राज्य में राज्यपाल द्वारा प्रत्येक पांच वर्ष पर एक 'राज्य वित्त आयोग' के गठन का प्रावधान अनुच्छेद 243-I के अंतर्गत किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.