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BPSC TRE 4.0
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सुभाषचंद्र बोस और भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA / आज़ाद हिंद फौज) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1939 के त्रिपुरी कांग्रेस अधिवेशन में पट्टाभि सीतारमैया को पराजित कर सुभाषचंद्र बोस दूसरी बार कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे, किंतु कार्यसमिति के गठन के विवाद के कारण उन्होंने पद से त्यागपत्र दे दिया और मई 1939 में कांग्रेस के भीतर ही 'फॉरवर्ड ब्लॉक' (Forward Bloc) नामक वामपंथी संगठन की स्थापना की।
  2. 2. जर्मनी से बर्लिन रेडियो के माध्यम से प्रसारण करते हुए सुभाषचंद्र बोस को सर्वप्रथम 'नेताजी' की मानद उपाधि से एडॉल्फ हिटलर के सहयोगियों और जर्मन अधिकारियों द्वारा संबोधित किया गया था, और उन्होंने वहीं से भारतीय स्वतंत्रता के लिए 'जय हिंद' का नारा लोकप्रिय बनाया था।
  3. 3. सिंगापुर में रास बिहारी बोस द्वारा स्थापित 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' और 'आज़ाद हिंद फौज' की सर्वोच्च कमान जुलाई 1943 में औपचारिक रूप से सुभाषचंद्र बोस को सौंप दी गई, जिन्होंने सिंगापुर के कैथेड्रल हॉल में 'दिल्लीचलो' का प्रसिद्ध नारा दिया और 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में स्वतंत्र भारत की अनंतिम सरकार (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) के गठन की घोषणा की।
  4. 4. आज़ाद हिंद फौज के सैनिकों पर ब्रिटिश सरकार द्वारा लाल किले (रेड फोर्ट) में ऐतिहासिक मुकदमे चलाए गए, जिनका बचाव करने वाली कांग्रेस की कानूनी बचाव समिति के प्रमुख वकील भूलाभाई देसाई थे, जिसमें जवाहरलाल नेहरू, तेज बहादुर सप्रू, के.एन. काटजू और असफल डिफेंस के बावजूद यह मुकदमा राष्ट्रीय एकता का एक महान प्रतीक बन गया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

इस प्रश्न के विकल्प (1), (3) और (4) पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन (2) आंशिक रूप से गलत है क्योंकि 'नेताजी' की उपाधि जर्मनी में जर्मन और भारतीय समर्थकों द्वारा दी गई थी, लेकिन मुख्य ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार उन्हें 'नेताजी' की उपाधि मुख्य रूप से जर्मन में रह रहे भारतीयों और उनके सहयोगियों द्वारा दी गई थी, जबकि यहाँ दिए गए विकल्पों के अनुसार एक से अधिक कथन सही होने के कारण सही उत्तर विकल्प (d) 'उपर्युक्त में से एक से अधिक' होगा। सुभाषचंद्र बोस और आज़ाद हिंद फौज के बारे में अधिक विस्तृत अध्ययन के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर जा सकते हैं।
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