त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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मानव शरीर के परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मानव हृदय में दायाँ आलिंद-निलय छिद्र (Right atrioventricular aperture) पर त्रिवल कपाट (Tricuspid valve) स्थित होता है, जो निलय के संकुचन के समय रक्त को वापस आलिंद में जाने से रोकता है, जबकि बाएँ आलिंद-निलय छिद्र पर द्विवल या माइट्रल कपाट (Mitral valve) पाया जाता है।
- 2. मस्तिष्क के विभिन्न भागों में 'हाइथैलमस' (Hypothalamus) शरीर के ताप को नियंत्रित करने, भूख, प्यास और अंतःस्रावी ग्रंथियों के हार्मोन स्राव का नियंत्रण केंद्र होता है, जबकि 'सेरेबेलम' (Cerebellum) शरीर के संतुलन, मुद्रा और ऐच्छिक पेशियों की गति का समन्वय करता है।
- 3. प्रतिवर्ती चाप (Reflex arc) में तंत्रिका आवेगों का मार्ग संवेदी तंत्रिका कोशिका से सीधे मोटर तंत्रिका कोशिका तक जाता है, जिसमें रीढ़ की हड्डी (Spinal cord) केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र के रूप में कार्य करती है और इस प्रक्रिया में मस्तिष्क की सचेत भागीदारी अनिवार्य रूप से होती है।
- 4. मानव शरीर में लाल रुधिराणुओं (RBCs) का जीवनकाल लगभग 120 दिन होता है, जिसके पश्चात उनका विघटन मुख्य रूप से प्लीहा (Spleen) में होता है, जिसे 'आरबीसी का कब्रिस्तान' भी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मानव शरीर के तंत्रों के संदर्भ में कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 1 के अनुसार, दाएँ आलिंद-निलय छिद्र पर त्रिवल कपाट (Tricuspid valve) तथा बाएँ पर द्विवल या माइट्रल कपाट (Bicuspid/Mitral valve) होता है जो रुधिर के विपरीत प्रवाह को रोकता है। कथन 2 सत्य है क्योंकि हाइपोथैलेमस शरीर के ताप, भूख-प्यास और अंतःस्रावी नियंत्रण का केंद्र है, और सेरेबेलम संतुलन व ऐच्छिक पेशियों का समन्वय करता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex action) अनैच्छिक और त्वरित प्रतिक्रिया होती है, जिसमें रीढ़ की हड्डी (Spinal cord) द्वारा निर्णय लिया जाता है और इसमें मस्तिष्क की सचेत (conscious) भागीदारी अनिवार्य नहीं होती है। कथन 4 सत्य है, आरबीसी का जीवनकाल 120 दिन होता है और प्लीहा (Spleen) को इनका कब्रिस्तान कहा जाता है। इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भारतीय संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) तथा संघ एवं राज्य क्षेत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान की उद्देशिका में अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संशोधन किया गया है, जिसके तहत इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे, और सर्वोच्च न्यायालय ने 'केशवानंद भारती वाद (1973)' में यह स्पष्ट किया था कि उद्देशिका संविधान का अभिन्न अंग है तथा इसमें अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन किया जा सकता है, बशर्ते संविधान का 'मूल ढांचा' (Basic Structure) प्रभावित न हो।
2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 के अनुसार 'भारत, अर्थात इंडिया, राज्यों का संघ है' (Union of States), जिसका तात्पर्य यह है कि भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है और किसी भी राज्य को संघ से अलग होने का कोई अधिकार नहीं है।
3. नए राज्यों के निर्माण, उनके क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित विधेयक (अनुच्छेद 3 के तहत) को संसद में पेश करने से पहले राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता अनिवार्य होती है, और ऐसा विधेयक प्रस्तुत करने से पहले राष्ट्रपति उस राज्य के विधानमंडल को अपने विचार व्यक्त करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा देते हैं, तथा विधानमंडल द्वारा दी गई सिफारिश या सलाह को मानना राष्ट्रपति और संसद के लिए पूर्णतः बाध्यकारी होता है।
4. अनुच्छेद 2 के अंतर्गत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा 'संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना' कर सकती है, जो कि उन बाहरी क्षेत्रों से संबंधित है जो भारत के भू-भाग का हिस्सा नहीं थे (जैसे सिक्किम का भारतीय संघ में विलय)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सूक्ष्म जीव विज्ञान के जनक किसे माना जाता है?
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा (Constituent Assembly) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग नहीं लिया था, और इस बैठक में वरिष्ठता के आधार पर डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थायी अध्यक्ष (Interim President) चुना गया था, जो कि फ्रांसीसी पद्धति पर आधारित था।
2. उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution), जिसे 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया था, को सभा द्वारा 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया, और यही प्रस्ताव आगे चलकर भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) का आधार बना।
3. संविधान निर्माण के कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए संविधान सभा द्वारा विभिन्न समितियों का गठन किया गया था, जिसमें डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) में अध्यक्ष सहित कुल 7 सदस्य शामिल थे।
4. भारत के विभाजन के पश्चात 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' के पारित होने के बाद संविधान सभा एक पूर्णतः संप्रभु निकाय बन गई, और जब यह संविधान सभा एक संविधान निर्मात्री निकाय के रूप में बैठती थी, तब इसकी अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद करते थे, किंतु जब यह देश की विधायिका (संसद) के रूप में कार्य करती थी, तब इसकी अध्यक्षता जी.वी. मावलंकर (G.V. Mavalankar) द्वारा की जाती थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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हाल ही में चर्चा में रहे राष्ट्रीय समझौतों, सूचकांकों और महत्वपूर्ण संस्थागत नियुक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विश्व बैंक (World Bank) द्वारा जारी 'लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस इंडेक्स' (Logistics Performance Index - LPI) में भारत ने अपनी अवसंरचनात्मक और रसद दक्षता में उल्लेखनीय सुधार करते हुए छलांग लगाई है, जिसमें सीमा शुल्क निकासी, परिवहन अवसंरचना और समयबद्धता जैसे संकेतकों को आधार बनाया जाता है।
2. भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के मध्य हस्ताक्षरित 'व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता' (CEPA) के अंतर्गत दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को अगले पाँच वर्षों में 100 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें सेवा क्षेत्र और डिजिटल व्यापार को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
3. भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) को वर्ष 2024 के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के लेखापरीक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए 'एशियाई संगठन के लेखा परीक्षा बोर्ड' (ASOSAI) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो वैश्विक स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देता है।
4. नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा जारी 'राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक' (National Multidimensional Poverty Index) के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में भारत में करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है, और इस सूचकांक के आकलन के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर से जुड़े कुल 12 संकेतकों का उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार की लोक कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मिथिला क्षेत्र में कोहबर घर की दीवारों पर बनाए जाने वाले पारंपरिक भित्ति चित्रों के साथ-साथ फर्श पर चावल के आटे के घोल और सिंदूर से बनाए जाने वाले ज्यामितीय आलेखनों और प्रतीकों को 'अरिपन' (Aripan) कहा जाता है, जो विभिन्न व्रतों और मांगलिक अवसरों पर बनाए जाते हैं।
2. भागलपुर और अंग क्षेत्र से जुड़ी 'मंजुषा कला' को 'सांप की कहानी' (Snake story) पर आधारित कला शैली भी कहा जाता है, जिसमें मुख्य रूप से अंग देश के लोकनायक बिहुला-विषहरी की कथाओं का चित्रण जूट के बक्से और कागजों पर किया जाता है।
3. कैमूर और रोहतास की पहाड़ियों में स्थित ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की प्राचीन गुफाओं (जैसे तुर्कहोल और सोहगी बड़वां) की दीवारों पर बने प्रागैतिहासिक शैलचित्र (Rock Paintings) आदिमानव की संस्कृति और कलात्मकता के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
4. प्रसिद्ध 'सकीना मस्जिद' या शेर शाह सूरी का मकबरा सासाराम में स्थित है, जो इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का एक बेहतरीन नमूना है और एक कृत्रिम झील के मध्य ऊंचे चबूतरे पर अष्टकोणीय योजना में निर्मित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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