त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
1 views
बिहार के प्रादेशिक सामान्य-ज्ञान और विभिन्न कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्रसिद्ध 'मधubani painting' (मिथिला पेंटिंग) को भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्राप्त है, और इस कला शैली के अंतर्गत मुख्य रूप से दो प्रमुख शैलियाँ—कछनी (Kachni) और भरनी (Bharni)—शामिल हैं, जिसमें भरनी शैली में प्राकृतिक रंगों और रेखाओं का अधिक प्रयोग होता है जबकि कछनी शैली मुख्यतः रेखाचित्र पर आधारित होती है।
- 2. बिहार की पारंपरिक लोक नाट्य कलाओं में 'विदेशिया' (Bidesia) को सबसे लोकप्रिय माना जाता है, जिसके जन्मदाता भिखारी ठाकुर थे, जिन्हें 'भोजपुरी का शेक्सपियर' भी कहा जाता है, और इस नाटक के माध्यम से मुख्य रूप से पलायन, सामाजिक असमानता और महिला उत्पीड़न की समस्याओं का सजीव चित्रण किया जाता है।
- 3. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म और उनका महापरिनिर्वाण क्रमशः वैशाली (कुंडलपुर) और पावापुरी (नालंदा) में हुआ था, जो बिहार के प्राचीन ऐतिहासिक एवं धार्मिक परिदृश्य के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
- 4. बिहार सरकार द्वारा राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से पटना में स्थापित 'बिहार संग्रहालय' (Bihar Museum) और 'पटना संग्रहालय' में मौर्य, गुप्त और पाल काल की ऐतिहासिक कलाकृतियों का एक अत्यंत समृद्ध संग्रह सुरक्षित रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। मिथिला पेंटिंग की कछनी और भरनी शैलियाँ, भिखारी ठाकुर द्वारा रचित 'विदेशिया' लोक नाट्य, भगवान महावीर से जुड़े ऐतिहासिक स्थल वैशाली और पावापुरी, तथा बिहार संग्रहालय की महत्ता राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। ऐसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं की संपूर्ण तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
Related Questions
→
व्यक्तिगत सत्याग्रह के द्वितीय सत्याग्रही कौन थे?
→
1857 के विद्रोह के दौरान किसे 'क्लीमेंसी' (दयाशील) कैनिंग कहा गया था?
→
बिहार के प्रमुख उद्योग, खनिज संसाधनों और ऊर्जा परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार के कैमूर (भभुआ) और रोहतास जिलों में चूना पत्थर (Limestone) के विशाल भंडार पाए जाते हैं, जो मुख्य रूप से विंध्ययन क्रम की चट्टानों से संबंधित हैं और इनका उपयोग डालमियानगर तथा बंजारी के सीमेंट एवं रासायनिक उद्योगों में कच्चे माल के रूप में किया जाता है।
2. बरौनी (बेगूसराय) में स्थित तेल शोधक कारखाना (Refinery) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के अंतर्गत सोवियत संघ (रूस) के तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग से स्थापित किया गया था, जिसे कच्चा तेल मुख्य रूप से असम के डिगबोई और नाहरकटिया क्षेत्रों से पाइपलाइन के माध्यम से प्राप्त होता है।
3. औरंगाबाद जिले के नवीनगर में स्थित 'एनबीपीजीसीएल' (NBPGCL) ताप विद्युत संयंत्र राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (NTPC) और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड का एक संयुक्त उपक्रम है, जो मुख्य रूप से झारखंड के पलामू/लातेहार क्षेत्र से प्राप्त कोयले पर आधारित है।
4. भागलपुर जिले के कहलगांव में अवस्थित सुपर थर्मल पावर स्टेशन (NTPC Kahalgaon) गंगा नदी के तट पर स्थित है, जिसे कोयला आपूर्ति मुख्य रूप से झारखंड के राजमहल कोयला क्षेत्र से रेल मार्ग द्वारा की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार के प्रादेशिक सामान्य ज्ञान, भौगोलिक विशेषताओं और विविध सांस्कृतिक पहलुओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की कुल भौगोलिक सीमा नेपाल देश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा बनाती है, और राज्य के कुल सात जिले (पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज) नेपाल की सीमा को स्पर्श करते हैं।
2. बिहार का शोक कही जाने वाली कोसी नदी का उद्गम स्थल तिब्बत में गोसाईं थान चोटी के पास है, और यह नदी अपने मार्ग परिवर्तन के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जो अंततः कटिहार जिले के पास गंगा नदी में मिलती है।
3. राज्य में बहने वाली पुनपुन नदी का उद्गम पलामू (झारखंड) की पहाड़ियों से होता है, और यह नदी पटना जिले के फतुहा के पास गंगा नदी में मिलती है, जिसे हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है तथा यहाँ पितृपक्ष के दौरान पिंडदान का विशेष महत्व है।
4. वर्ष 2000 में हुए झारखंड के विभाजन के बाद बिहार का खनिज संसाधनों पर भारी नियंत्रण कम हो गया, क्योंकि अधिकांश खनिज भंडार (विशेषकर कोयला, अभ्रक, और लोहा) झारखंड राज्य में चले गए, और वर्तमान में बिहार में केवल कैमूर और रोहतास के पठारी क्षेत्र में चूना पत्थर (Limestone) और पाइराइट के प्रमुख भंडार बचे हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार के खनिज संसाधनों और ऊर्जा अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार के कैमूर (भभुआ) और रोहतास जिलों में पाइराइट (Pyrite) के विशाल भंडार पाए जाते हैं, और देश का कुल पाइराइट उत्पादन का लगभग 90% से अधिक हिस्सा अकेले बिहार से प्राप्त होता है, जिसके कारण इसे 'पाइराइट राज्य' भी कहा जाता है।
2. राज्य के बरौनी में स्थित 'बरौनी रिफाइनरी' इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) की एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरी है, जिसे सोवियत संघ (USSR) के तकनीकी और आर्थिक सहयोग से स्थापित किया गया था, तथा इसकी कच्चा तेल शोधन क्षमता लगभग 6 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है।
3. औरंगाबाद जिले के नवीनगर में स्थित 'भारती रेल बिजली कंपनी लिमिटेड' (BRBCL) एक संयुक्त उद्यम है, जो मुख्य रूप से कोयला आधारित तापीय विद्युत परियोजना है और इससे उत्पन्न होने वाली बिजली का अधिकांश हिस्सा केवल बिहार राज्य को ही आवंटित किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.