BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
14 views

असहयोग आंदोलन (1920-22) और उसके स्थगन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) में असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव की पुष्टि की गई तथा इसी अधिवेशन में कांग्रेस के संविधान में परिवर्तन कर 'शांतिपूर्ण और वैध साधनों' द्वारा 'स्वराज्य' प्राप्ति के लक्ष्य को स्वीकार किया गया।
  2. 2. आंदोलन के दौरान बिहार में स्वामी विद्यानंद ने किसानों के आंदोलन का नेतृत्व किया, जबकि चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने न्यायालयों का बहिष्कार करते हुए अपनी वकालत छोड़ दी थी।
  3. 3. 5 फरवरी 1922 को गोरखपुर जिले के चौरी-चोरा नामक स्थान पर हुई हिंसक घटना के कारण महात्मा गांधी ने बारदौली में कांग्रेस की बैठक बुलाकर असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की घोषणा कर दी थी।
  4. 4. आंदोलन के स्थगन के निर्णय से क्षुब्ध होकर चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस से अलग होकर वर्ष 1923 में 'स्वराज पार्टी' की स्थापना की, जिसके प्रथम अध्यक्ष चित्तरंजन दास और प्रथम सचिव मोतीलाल नेहरू बने थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। नागपुर अधिवेशन (1920) में असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिला और कांग्रेस ने 'शांतिपूर्ण व वैध साधनों' से स्वराज्य प्राप्ति का मार्ग चुना। बिहार में स्वामी विद्यानंद ने किसान असंतोष को मुखर किया। चौरी-चोरा घटना (5 फरवरी 1922) के बाद गांधीजी ने बारदौली में हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में आंदोलन वापस लिया। इस निर्णय से उत्पन्न असंतोष के परिणामस्वरूप सी.आर. दास और मोतीलाल नेहरू ने 1923 में स्वराज पार्टी की स्थापना की। ऐसे ही अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रश्नों और संपूर्ण पाठ्यक्रम की तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Share:

Related Questions

→ प्रकाश के अपवर्तन और लेंसों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो वह अभिलंब से दूर हट जाती है, तथा इस स्थिति में आपतन कोण का मान अपवर्तन कोण से कम होता है। 2. उत्तल लेंस को 'अभिसारी लेंस' (Converging Lens) कहा जाता है क्योंकि यह मुख्य अक्ष के समांतर आने वाली प्रकाश की किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित कर देता है, जबकि अवतल लेंस को 'अपसारी लेंस' कहा जाता है। 3. लेंस की क्षमता (Power) का मात्रक 'डायोप्टर' (Diopter) होता है, जो लेंस की फोकस दूरी (मीटर में) का व्युत्क्रम होता है; उत्तल लेंस की फोकस दूरी और क्षमता दोनों धनात्मक होती हैं, जबकि अवतल लेंस के लिए ये ऋणात्मक होती हैं। 4. यदि किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाए जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक हो, तो लेंस की फोकस दूरी अनंत हो जाती है और वह लेंस अपनी प्रकृति बदलकर 'अपसारी लेंस' की तरह व्यवहार करने लगता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → भारतीय संविधान के आपात उपबंधों और संविधान संशोधन प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की उद्घोषणा के समय अनुच्छेद 19 स्वतः निलंबित हो जाता है, किंतु सशस्त्र विद्रोह के आधार पर घोषित राष्ट्रीय आपातकाल के मामले में अनुच्छेद 19 का स्वतः निलंबन नहीं होता है, इसके लिए अलग से आदेश की आवश्यकता होती है। 2. वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) की घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा जारी रखने के लिए उद्घोषणा की तिथि से दो माह के भीतर साधारण बहुमत (Simple Majority) द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है। 3. अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन विधेयक को संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है, किंतु इसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति (Prior Permission) लेना अनिवार्य है तथा इस विधेयक पर संयुक्त बैठकों (Joint Sessions) के प्रावधान का प्रयोग किया जा सकता है। 4. केशवानंद भारती वाद (1973) में सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्धारित किया था कि संसद को अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की असीमित शक्ति प्राप्त है, बशर्ते वह संशोधन संविधान के 'मूल ढांचे' (Basic Structure) का उल्लंघन न करे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → बिहार के किसान आंदोलनों और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारों द्वारा किए जा रहे किसानों के आर्थिक शोषण और बेगार प्रथा के विरुद्ध संगठित संघर्ष करना था। 2. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय किसान सभा के पहले सम्मेलन के अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती चुने गए थे, जबकि इसके महासचिव एन.जी. रंगा को बनाया गया था। 3. वर्ष 1937-38 के दौरान दरभंगा राज के अंतर्गत 'बकाश्त भूमि' (ऐसी भूमि जिस पर किसानों का अधिकार समाप्त हो चुका था और वे बटाईदार के रूप में खेती करते थे) की वापसी को लेकर राहुल सांकृत्यायन के नेतृत्व में 'बकाश्त संघर्ष' चलाया गया था। 4. चंपारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी के साथ-साथ राजकुमार शुक्ल ने यूरोपीय नीलहों द्वारा किसानों से जबरन 'तीनकठिया प्रणाली' के तहत खेती कराए जाने के विरुद्ध कानूनी और राजनीतिक संघर्ष की नींव रखी थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → ब्रह्माण्ड के निर्माण, तारामंडल की उत्पत्ति तथा सौर मण्डल के विभिन्न पिंडों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति से संबंधित सर्वाधिक स्वीकृत 'महाविस्फोट सिद्धांत' (Big Bang Theory) का प्रतिपादन सर्वप्रथम जॉर्ज लेमैत्रे (Georges Lemaître) द्वारा किया गया था, जिसके अनुसार आज से लगभग 13.8 अरब वर्ष पूर्व समस्त ब्रह्माण्ड का पदार्थ एक अत्यधिक सघन, गर्म और छोटे 'सिंगुलैरिटी' (Singularity) बिंदु के रूप में केंद्रित था। 2. तारों के जीवन चक्र में, जब किसी तारे का हाइड्रोजन ईंधन समाप्त हो जाता है और उसके क्रोड (Core) का संपीडन होने लगता है, तो उसका बाह्य आवरण फैल जाता है और वह 'लाल दानव' (Red Giant) में परिवर्तित हो जाता है, तथा अत्यधिक द्रव्यमान वाले तारों के अंत में सुपरनोवा विस्फोट के पश्चात अत्यधिक घनत्व वाला 'न्यूट्रॉन तारा' या 'पल्सर' बनता है। 3. सौर मण्डल के ग्रहों में 'शुक्र' (Venus) और 'अरुण' (Uranus) अन्य ग्रहों की विपरीत दिशा में (पूर्व से पश्चिम की ओर) घूर्णन करते हैं, जिसके कारण इन दोनों ग्रहों पर सूर्योदय पश्चिम दिशा में और सूर्यास्त पूर्व दिशा में होता है। 4. ऐस्ट्रॉइड बेल्ट (क्षुद्रग्रह पेटी) मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, जहाँ परिक्रमा करने वाले अधिकांश पिंड प्राचीन ग्रहों के विखंडित अवशेष हैं, तथा इस बेल्ट का सबसे बड़ा क्षुद्रग्रह 'सेरेस' (Ceres) है जिसे बौना ग्रह भी माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → बिहार सरकार द्वारा डिजिटल पहलों और ई-शासन (E-Governance) को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पोर्टलों और मोबाइल ऐप्स की शुरुआत की गई है। इस संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'बिहार भूमि' (Bihar Bhumi) पोर्टल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक ऑनलाइन लगान भुगतान, भूमि के दाखिल-खारिज (Mutation) के आवेदन और अपनी जमीन के रिकॉर्ड (रजिस्टर-II) की डिजिटल प्रति प्राप्त कर सकते हैं। 2. शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEPC) द्वारा 'ई-शिक्षाकोष' (e-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप का संचालन किया जाता है, जिसके तहत राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति तथा शैक्षणिक गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जाती है। 3. 'बिहार मौसम सेवा केंद्र' (BMSK) मोबाइल ऐप और पोर्टल का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों और नागरिकों को आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत सटीक और वास्तविक समय (Real-time) पर मौसम पूर्वानुमान, वज्रपात (Thunderstorm) और बाढ़ की चेतावनी देना है। 4. लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (RTPS) के अंतर्गत विभिन्न प्रमाण पत्रों जैसे आय, जाति, निवास और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के ऑनलाइन आवेदन के लिए विकसित किए गए 'सर्विस प्लस' (Service Plus) पोर्टल का पूर्ण नियंत्रण पूरी तरह से केवल केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय के पास है, और इसमें राज्य सरकार की कोई सीधी भूमिका नहीं होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.